आज दिनभर में आम आदमी पार्टी से जुड़ी कई महत्वपूर्ण राजनीतिक गतिविधियां और बयान सामने आए। यहां पढ़ें आज की 5 बड़ी अपडेट, फटाफट अंदाज़ में।
1. सीबीआई सबूत नहीं देगी तो फास्ट ट्रैक का नाटक क्यों: केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री के फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के आश्वासन को खोखला और झूठा बताया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ पीएम ने पेपर लीक के मामलों के लिए संसद में कानून लाने की बात कही, तो दूसरी तरफ गुरुवार को सीबीआई ने 2024 नीट पेपर लीक के कथित मास्टरमाइंड संजीव मुखिया को कोर्ट में निर्दोष बताकर छोड़ दिया। केजरीवाल ने सवाल उठाया कि जब सीबीआई कोर्ट में सबूत ही पेश नहीं करेगी और मास्टरमाइंड को रिहा करवा देगी, तो ऐसे में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का क्या औचित्य है? उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से युवाओं को न्याय नहीं मिल रहा है और सरकार की कार्यशैली व नीयत पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
2. ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ में 72.56 लाख रजिस्ट्रेशन, मान सरकार पर भरोसे की मुहर
“आप” पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भगवंत मान सरकार की वेलफेयर स्कीमों को मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स से साबित होता है कि जनता को सरकार की प्रतिबद्धता पर पूरा भरोसा है। उन्होंने बताया कि ‘मावां धीयां सत्कार योजना‘ के तहत 18 वर्ष से अधिक उम्र की 72,56,686 महिलाओं ने पंजीकरण कराया है, जिनकी अगली किस्त 1 अगस्त को बैंक खातों में आएगी। लुधियाना इसमें सबसे आगे रहा है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 50 लाख से अधिक हेल्थ कार्ड जारी हो चुके हैं और 917 करोड़ रुपये खर्च कर 10 लाख तक का मुफ्त इलाज दिया जा रहा है। पन्नू ने यह भी कहा कि 600 यूनिट मुफ्त बिजली और नहर के पानी की पहुंच बढ़ने से पंजाब के लोगों का जीवन आसान हुआ है।
3. संजय सिंह का पीएम पर हमला, फास्ट ट्रैक कोर्ट को बताया छलावा
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के पीएम के आश्वासन को छलावा बताते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जब सीबीआई 90 दिन तक चार्जशीट दाखिल नहीं करती और संजीव मुखिया जैसे मामलों में सबूत न होने की बात कहती है, तो ऐसी अदालतों का क्या औचित्य? सोनम वांगचुक के अनशन समाप्ति पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने तंज कसा कि 25 दिन तक पीएम को सुध नहीं थी और अब दोहरा चरित्र दिखाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों का आंदोलन थमा नहीं है और युवाओं की मुख्य मांगों पर सरकार को पूरी जवाबदेही तय करनी होगी।
4. गोपाल राय की चेतावनी, असामाजिक तत्वों से सावधान रहें युवा
दिल्ली के पूर्व पर्यावरण मंत्री और आम आदमी पार्टी के गुजरात प्रभारी गोपाल राय ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं से असामाजिक तत्वों और घुसपैठियों से सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार की घबराहट बढ़ चुकी है और रात 12 बजे पीएम का वीडियो जारी होना इसी का सबूत है। गोपाल राय ने चेतावनी दी कि सरकार के इशारे पर कुछ लोग मारपीट, गाली-गलौज और इसे सांप्रदायिक रंग देकर आंदोलन को बदनाम करने की साजिश रच सकते हैं। छात्रों को वॉलिंटियर बनकर इस शांतिपूर्ण आंदोलन की रक्षा करनी होगी, क्योंकि इस युवा संघर्ष की जीत ही पूरे देश की जीत है।
5. संसद में कानून की चर्चा से ध्यान भटकाने की साजिश: सौरभ भारद्वाज
“आप” नेता सौरभ भारद्वाज ने पेपर लीक पर नया कानून लाने और संसद में चर्चा कराने के कदम को बड़ी साजिश करार दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार बिना चर्चा के सीधे अध्यादेश ला सकती है, तो अब ऐसा कानून क्यों ला रही है जिसकी किसी ने मांग ही नहीं की थी? छात्रों का विरोध सिर्फ शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और जवाबदेही को लेकर है। सरकार संसद में राजनीतिक उलझन पैदा कर जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन से देश का ध्यान भटकाने की चाल चल रही है, ताकि असली मुद्दों से जनता का ध्यान हट जाए।