आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का आश्वासन देने पर प्रधानमंत्री को आड़े हाथ लिया। उन्होंने पीएम से कहा कि ये फास्ट ट्रैक कोर्ट की नौटंकी आप न करें। कोर्ट के सामने आपकी सीबीआई सबूत ही नहीं रखेगी तो कोर्ट क्या कर लेगी? गुरुवार को ही आपकी सीबीआई ने कहा कि 2024 पेपर लीक में पकड़े गए संजीव मुखिया के ख़िलाफ़ कोई सबूत नही है। 2024 पेपर लीक में तो आपकी सीबीआई ने 90 दिन तक चार्ज शीट ही दाख़िल नही की और सारे “पेपर चोर” छूट गए।
सरकार का दोगला चरित्र देखिए कि जब एक दिन पहले 55 सांसदों के हस्ताक्षर के साथ विपक्ष का प्रतिनिधिमंडल सोनम वांगचुक से मिलने गया था, तो मोदी सरकार ने उन्हें मिलने नहीं दिया, लेकिन आज खुद केंद्रीय मंत्री उनसे मिलने पहुंच गए। सभी को सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की चिंता थी और उनका जीवन देश के लिए अमूल्य है, इसलिए अनशन खत्म होना एक अच्छी बात है।
मुख्य मांगों का क्या हुआ?
संजय सिंह ने मुख्य मुद्दों पर सवाल उठाते हुए कहा कि करोड़ों युवाओं के आंदोलन की जिन मांगों को लेकर यह अनशन था, उसका क्या हुआ? मोदी जी कह रहे हैं कि उन्हें ‘मुसद्दा’ (मसौदा) मिल गया है, लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि आंदोलनकारियों की कौन सी मांगें पूरी हुईं? आत्महत्या करने वाले छात्र-छात्राओं के परिवारों को मुआवजा देने, प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर सरकार क्या करेगी? संजय सिंह ने बताया कि सीजेपी नेता अभिजीत दीपके ने भी स्पष्ट किया है कि अनशन खत्म हुआ है, लेकिन आंदोलन जारी रहेगा। आम आदमी पार्टी अंत तक इस आंदोलन में युवाओं के साथ खड़ी है।
प्रधानमंत्री द्वारा जारी वीडियो संदेश में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की बात पर संजय सिंह ने कहा कि छात्रों की ऐसी कोई मांग ही नहीं थी। उन्होंने इसे आंदोलन को भटकाने की कोशिश बताते हुए कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट की असलियत यह है कि जब जांच एजेंसियां समय पर सबूत ही नहीं देंगी, तो कोर्ट क्या कर लेगी? 2024 के नीट पेपर लीक में मोदी सरकार के अधीन काम करने वाली सीबीआई ने 90 दिन तक चार्जशीट ही दाखिल नहीं की, जिससे पेपर चोरों को जमानत मिल गई। आज 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई ने कह दिया है कि संजीव मुखिया के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। ऐसे में फास्ट ट्रैक कोर्ट की बात पूरी तरह हास्यास्पद है।
प्रधानमंत्री द्वारा सोनम वांगचुक के जल्द स्वस्थ होने की कामना करने वाले ट्वीट पर संजय सिंह ने कहा कि हुजूर आते-आते बहुत देर कर दी। 25 दिन से सोनम वांगचुक आमरण अनशन पर थे, तब प्रधानमंत्री को उनकी सुध लेने की फुर्सत नहीं थी, वे पूरी दुनिया की सैर कर रहे थे और मेलोडी चॉकलेट खा रहे थे। अब जब आंदोलन पूरे देश में फैलने लगा है, तब प्रधानमंत्री यह दोहरा चरित्र दिखा रहे हैं।