आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने चावल घोटाले को झूठा बताते हुए मानहानि का केस करने की धमकी दे रहे दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा पर पलटवार किया है। सौरभ भारद्वाज ने मंत्री से कहा कि आप मानहानि की धमकी देने के बजाय चावल घोटाले का सच दिल्लीवालों को बताते तो ज्यादा बेहतर होता। उन्होंने मनजिंदर सिंह सिरसा से पूछा उनकी प्रेसवार्ता का कौन सा हिस्सा सच नहीं है? क्या आपने नेरामैक कॉर्पारेशन का सब्सिडी वाला चावल भेजने का अनुरोध विभाग में फॉरवर्ड नहीं किया ? क्या कॉर्पारेशन ने एफसीआई से मिला चावल दिल्ली के गरीबों में वितरित किया? क्या कॉर्पारेशन ने गलत तरीके से हरियाणा की किसी प्राइवेट कंपनी को चावल नहीं बेचा और क्या अरुण झा को निलंबित नहीं किया गया? अगर मैंने कोई हिस्सा झूठा बताया है, तो बताएं ताकि मैं उसे वापस लेने पर विचार कर सकूं।
भाजपा मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा तो एक ही प्रेस कॉन्फ्रेंस पर नाराज हो गए। मंत्री जी को इतनी नाराजगी हमसे नहीं, बल्कि उस कॉरपोरेशन के खिलाफ दिखानी चाहिए थी। उन्हें उस कॉरपोरेशन पर मुकदमा करना चाहिए था जिसके साथ मिलकर उनके विभाग ने करोड़ों रुपए की लूट की है, लेकिन वे हमसे नाराज हो रहे हैं और हम पर मुकदमा करने की बात कह रहे हैं।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मनजिंदर सिंह सिरसा यह बताएं कि हमारी कही गई बातों में से कौन सी बात झूठ है? कम से कम वे इतना तो बताएं कि क्या वह पत्र झूठ है? क्या यह झूठ है कि उस पत्र पर उनकी ही लिखावट में स्पेशल कमिश्नर के लिए लिखा हुआ है कि नियमों और प्रावधानों के अनुसार इस पर सकारात्मक रूप से विचार किया जाए और उस पर 8 अप्रैल 2026 की तारीख है? क्या वह पत्र और उस पर उनकी लिखावट झूठ है? अगर यह झूठ है तो वे बता दें, हम उनसे माफी मांग लेंगे।
मानहानि की धमकी पर भारद्वाज का पलटवार
सौरभ भारद्वाज ने पूछा कि क्या यह भी झूठ है कि इसके बाद उनके विभाग के अतिरिक्त आयुक्त अरुण कुमार झा ने भारतीय खाद्य निगम को पत्र लिखा कि दिल्ली के गरीबों के लिए जो 31 हजार मीट्रिक टन चावल था, वह इस कॉरपोरेशन को दे दिया जाए? क्या यह झूठ है कि उसके बाद अरुण कुमार झा को कारण बताओ नोटिस दिया गया, जिसमें यह बात कही गई थी कि गरीबों का चावल गलत तरीके से असम के कॉरपोरेशन को दिया गया और उस कॉरपोरेशन ने उसे हरियाणा की एक निजी कंपनी को बेच दिया? अगर यह बात झूठ है तो वे बताएं, हम माफी मांग लेंगे, लेकिन वे यह तो बताएं कि इसमें झूठ क्या है?
अगर यह सच है तो मनजिंदर सिंह सिरसा सच को झेलने की हिम्मत रखें। वे किस बात पर इतना गुस्सा कर रहे हैं कि मानहानि का मुकदमा कर देंगे? मानहानि का मुकदमा तो उन्हें उस कॉरपोरेशन पर करना चाहिए था, जिस पर उन्होंने कुछ नहीं किया। उन्हें तो प्रेस कॉन्फ्रेंस करके यह बताना चाहिए था कि उनके विभाग में इतनी बड़ी लूट हो गई है और वे इसके खिलाफ कड़े कदम उठाएंगे। इसके लिए तो उन्होंने एक ट्वीट तक नहीं किया, जबकि उन्हें यह जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए थी।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अगर मनजिंदर सिंह सिरसा हर हफ्ते 31 हजार मीट्रिक टन चावल गरीबों को बांटने की योजना बना रहे थे, तो उन्होंने इस बारे में कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं की? उन्हें जनता को बताना चाहिए था कि वे इतना चावल बांटने वाले हैं, ताकि अगर चावल नहीं बंटता तो गरीब लोग खुद बताते कि उन्हें चावल नहीं मिला। मंत्री जी को तो इस घोटाले का कुछ पता ही नहीं चला, यह चोरी तो केंद्र सरकार के विजिलेंस विभाग ने पकड़ी है और अब वे उल्टा हमें धमकी दे रहे हैं।
सौरभ भारद्वाज ने मनजिंदर सिंह सिरसा से कहा कि ऐसे काम नहीं चलेगा, अभी तो वे नए-नए मंत्री बने हैं। जब-जब उनके विभाग की गलती और भ्रष्टाचार सामने आएगा, हम इसी तरह प्रेस वार्ता करेंगे। वे मानहानि का नोटिस भेजना चाहते हैं तो भेजें, मुकदमा करना चाहते हैं तो जरूर करें, लेकिन प्रेस वार्ता का जवाब प्रेस वार्ता से देना सीखें। वे हिम्मत दिखाएं और तथ्यों के साथ आगे आएं।