नई दिल्ली | आम आदमी पार्टी ने भाजपा के तीन सांसदों की ओर से 1984 के सिख दंगों के दोषी सज्जन कुमार के निधन पर श्रद्धांजलि देने पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ‘‘आप’’ के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मासूम सिखों के हत्यारे सज्जन कुमार को श्रद्धांजलि देकर भाजपा सांसदों ने सिखों के जख्म कुरेदने का काम किया है। भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत, योगेंद्र चंदोलिया और रामवीर सिंह बिधूड़ी का दिल आज भी सज्जन कुमार के लिए धड़क रहा है। उन्होंने नितिन नबीन से पूछा कि क्या इन सांसदों को निलंबित करेंगे? साथ ही, उन्होंने सुखबीर सिंह बादल और हरसिमरत कौर बादल की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ये लोग भाजपा के खिलाफ क्यों नहीं बोल रहे हैं?
शनिवार को “आप” के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने एक्स पर कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि दिल्ली में सिख विरोधी दंगों के दौरान स्थानीय भाजपा और आरएसएस नेताओं ने दिल्ली की सड़कों पर मासूम सिख परिवारों को निशाना बनाने में कांग्रेस की मदद की थी। क्या यही कारण है कि दिल्ली के शीर्ष भाजपा नेता सज्जन कुमार के प्रति इतने सहानुभूति दिखा रहे हैं? क्या नितिन नबीन भाजपा के इन सांसदों को निलंबित करेंगे, जिन्होंने सिखों की पीठ में छुरा घोंपा है? उन्होंने कहा कि भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत, योगेंद्र चंदोलिया और रामवीर सिंह बिधूड़ी का दिल अभी भी 1984 के सिख दंगों के दोषी सज्जन कुमार के लिए धड़क रहा है। सुखबीर सिंह बादल और हरसिमरत कौर बादल भाजपा के खिलाफ क्यों नहीं बोल रहे हैं?
उधर, तिलक नगर से ‘‘आप’’ विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि 1984 के सिख कत्लेआम पर भाजपा ने एक बार फिर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। जिस तरह से सज्जन कुमार की मौत के बाद दिल्ली भाजपा के बड़े नेता और तीन-तीन सांसद कमलजीत सहरावत, रामवीर सिंह बिधूड़ी और योगेंद्र चंदोलिया वहां जाकर आंसू बहा रहे हैं और श्रद्धांजलि दे रहे हैं, उससे साफ पता लगता है कि इन्हें 1984 के पीड़ितों से कोई हमदर्दी नहीं है। इन्हें दुख उस कातिल सज्जन कुमार की मौत का है, जिसने हजारों घर उजाड़ दिए, हजारों सुहाग उजाड़ दिए और हजारों बच्चों को अनाथ कर दिया। भाजपा नेता उसकी मौत पर मातम और दुख मनाने जा रहे हैं।
जरनैल सिंह ने कहा कि सिख कत्लेआम की मास्टरमाइंड कांग्रेस थी और उनके नेताओं का श्रद्धांजलि देना तो समझ में आता है कि वह उनका नेता था, लेकिन भाजपा के नेताओं का वहां जाना बेहद शर्मनाक है। भाजपा का यह सच पहले भी सामने आ चुका है कि उन्होंने नानाजी देशमुख जैसे आरएसएस के बड़े नेताओं को भारत रत्न और पद्म विभूषण जैसे पुरस्कार दिए हैं, जिन्होंने मोमेंट्स ऑफ सोल सर्चिंग जैसे लेख लिखकर 1984 के सिख कत्लेआम को सही ठहराया था। सिखों को यह बात आज पूरी तरह से स्पष्ट हो चुकी है कि भाजपा वाले सिखों के कातिलों के साथ मिले हुए थे और आज भी मिले हुए हैं।