नई दिल्ली | आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के मोती बाग स्थित सत्य निकेतन में चार मंजिला इमारत गिरने के लिए सरकारी लारवाही को जिम्मेदार बताया है। ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज, सांसद संजय सिंह और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिश समेत तमाम नेताओं ने इस हादसे को लेकर अत्यंत दुख व चिंता जताई है और मलबे में दबे लोगों के सकुशल बचाए जाने की भगवान से प्रार्थना की है। साथ ही, सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में ‘‘आप’’ विधायक और पार्षदों ने सत्य निकेतन जाकर घटना की जानकारी ली। ‘‘आप’’ ने मांग की है कि केंद्र सरकार दिल्ली यूनिवर्सिटी के सभी छात्रों के लिए हॉस्टल बनाए। जब छात्रों के लिए हॉस्टल नहीं बनते हैं, तब तक केंद्र सरकार पीजी का किराया दे।
उधर, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि सत्य निकेतन, दिल्ली में इमारत गिरने का हादसा अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। मेरी भगवान से प्रार्थना है कि मलबे में फंसे लोगों का सकुशल और जल्द रेस्क्यू हो जाए। दिल्ली में सरकार की लापरवाही के कारण अब तक कई हादसे हो चुके हैं। सरकार को नींद से जागना होगा। बड़े स्तर पर एक्शन लेकर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत है।
घटना स्थल का दौरा करने के उपरांत सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मुझे आस-पास के रहने वाले लोगों ने बताया है कि इस मलबे में पीजी के करीब 30 से 40 नौजवान बच्चे फंसे हुए हैं। आज से कुछ समय पहले जब साकेत के सैदुलाजाब में चार मंजिला इमारत गिरी थी, तो कहा गया था कि दिल्ली की सभी बिल्डिंगों का ऑडिट कराया जाएगा। उसके बाद जब मालवीय नगर के एक होटल में आग लगी और 22 लोग जलकर मर गए, तब भी मुख्यमंत्री और भाजपा मंत्री आशीष सूद ने बिल्कुल वही बात दोहराई थी कि वे तमाम बिल्डिंगों का ऑडिट कराएंगे और कोई भी बिल्डिंग खतरनाक हुई तो उस पर कार्रवाई करेंगे।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि कार्रवाई के नाम पर पूरी दिल्ली में जो शरीफ बिजनेसमैन हैं, जिनका होटल, हॉस्पिटल, जिम या पीजी चल रहा है, उनसे पुलिस, एमसीडी और फायर डिपार्टमेंट ने पैसे खाए। इसमें डीएम और एसडीएम का एक नया विभाग भी जुड़ गया है, जिन्होंने महीने के पैसे खाने शुरू कर दिए हैं। जो पैसा नहीं देता, उसकी बिल्डिंग सील कर दी जाती है और पैसे की सेटिंग होने के एक हफ्ते बाद बिल्डिंग को डी-सील कर दिया जाता है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अभी आगे क्या होगा, यह भी साफ है। अब सीएम रेखा गुप्ता कहेंगी कि हम बहुत सख्त कार्रवाई करने वाले हैं और आशीष सूद कहेंगे कि सरकार किसी जिम्मेदार को नहीं छोड़ेगी। असल में ये दिखावे के लिए एक जेई और एक एई को सस्पेंड करेंगे और 15 दिन बाद उन्हें चुपचाप बहाल भी कर देंगे।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आज की तारीख में बिल्डिंग डिपार्टमेंट में जेई के ट्रांसफर का रेट 30 से 35 लाख रुपए है। एई का रेट 40 से 45 लाख रुपए और एक्सईएन का रेट 1.25 करोड़ रुपए है। ट्रांसफर-पोस्टिंग का यह पैसा कोई छोटे-मोटे अधिकारी नहीं ले रहे हैं, बल्कि यह लूट बड़े स्तर पर हो रही है और यह पैसा बड़े पदों पर बैठे लोगों के पास जा रहा है। जब कोई एई 40 लाख रुपए और कोई एक्सईएन 1.25 करोड़ रुपए देकर पोस्टिंग लेगा, तो वह कोई कार्रवाई या बिल्डिंग सील नहीं करेगा। वह सिर्फ यह देखेगा कि पैसा कहां से कमाया जा सकता है और लूट मचाएगा।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आज दिल्ली के अंदर सिर्फ यही हो रहा है और आगे भी यही होगा। यहां बड़े-बड़े लोगों ने बेनामी संपत्तियां ले रखी हैं। अगर सही से ऑडिट कराएंगे तो दिल्ली भाजपा के पांच बड़े-बड़े नेताओं के नाम सामने आ जाएंगे। यहां रहने वाले बच्चों से पूछा जा सकता है कि भाजपा के किन-किन नेताओं के पीजी चल रहे हैं, सबको सारी सच्चाई पता चल जाएगी।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब साकेत में बिल्डिंग गिरी थी, तब भी हमने कहा था कि उस चार मंजिला इमारत में अवैध तरीके से बेसमेंट बनाया जा रहा था। इसकी बार-बार शिकायत की गई, यहां तक कि मामला कोर्ट तक गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी तरह, सत्य निकेतन में गिरी चार मंजिला इमारत में भी, जहां दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के छात्र पीजी में रहते थे, चलती- चलाती बिल्डिंग में अवैध तरीके से बेसमेंट खोदने की कोशिश की जा रही थी।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब तक एमसीडी के अंदर से भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा, तब तक कुछ नहीं हो सकता। पहले भी बड़ी-बड़ी बातें की गईं, लेकिन उसका नतीजा यह निकला कि फायर विभाग और एमसीडी वालों ने शोरूम, जिम, अस्पताल, नर्सिंग होम और होटलों से पैसे इकट्ठे करने शुरू कर दिए। जहां जिसका हाथ लगा, वहां डीएम और एसडीएम ने भी पैसे वसूले। दिखावे के लिए दो-चार बिल्डिंगें सील कर दी गईं और बाकी जगह पैसे की लूट हुई।
उधर, ‘‘आप’’ की वरिष्ठ नेता और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने भी इस हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दिल्ली के मोती बाग स्थित सत्य निकेतन में इमारत गिरने की ख़बर बेहद दुखद और चिंताजनक है। मलबे में छात्रों समेत कई लोगों के दबे होने की आशंका बेहद विचलित करने वाली है। राहत एवं बचाव कार्य पूरी तत्परता से चलाया जाएं और मलबे में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए। सरकार इस हादसे की उच्चस्तरीय जांच कराए और लापरवाही के लिए ज़िम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
कोंडली से ‘‘आप’’ विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि यह बहुत दुःखद घटना है। भाजपा सरकार के एमसीडी के 25 साल के भ्रष्टाचार की वजह से दिल्ली में लगातार ऐसे हादसे हो रहे है। फिर किसी जेई को सस्पेंड करके मामला दबा दिया जाएगा और बड़ी मछलियों को बचा लिया जाएगा। यही भाजपा का खेल है।
एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अकुश नारंग ने इमारत गिरने पर कहा कि दिल्ली के साउथ ज़ोन वार्ड वसंत विहार स्थित मोती बाग सत्य निकेतन में 4 मंजिला इमारत गिरने से कई लोगों और करीब 30 से 40 बच्चों के मलबे में दबे होने की खबर बेहद चिंताजनक है। भाजपा सरकार और भाजपा शासित एमसीडी ने दिल्ली को मौत का अखाड़ा बना दिया है। हर रोज़ कोई न कोई हादसा हो रहा है, लेकिन भाजपा शासित एमसीडी की नींद नहीं खुल रही। एमसीडी ने खतरनाक इमारतों की सूची जारी कर सिर्फ खानापूर्ति की। अगर समय रहते इन इमारतों पर कार्रवाई की जाती, तो आज लोगों की जान खतरे में नहीं होती। आखिर इन हादसों की जिम्मेदारी कौन लेगा? भाजपा सरकार और भाजपा शासित एमसीडी इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराए तथा लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे।
एमसीडी सह-प्रभारी प्रवीण कुमार ने कहा कि भाजपा शासित एमसीडी में लगातार हादसे हो रहे हैं। कभी मालवीय नगर, कभी सैदुलाजाब, कभी रोहिणी, तो कभी चांदनी चौक और दरियागंज में हादसे हो रहे हैं। ये हादसे इन बिल्डिंगों से लगातार उगाही के कारण हो रहे हैं। एमसीडी इन बिल्डिंगों का इस्तेमाल कमाई के साधन की तरह कर रही है। भाजपा के तमाम नेता इन बिल्डिंगों में अपना पैसा लगा रहे हैं और कमाई कर रहे हैं, जिसके कारण यह भ्रष्टाचार लगातार पनप रहा है।
प्रवीण कुमार ने कहा कि जिस तरह इस बिल्डिंग की कंप्लेंट थी, उसी तरह सैदुलाजाब की बिल्डिंग की भी शिकायत की गई थी। वहां भी बनी-बनाई बिल्डिंग में नीचे बेसमेंट खोदा जा रहा था और ऊपर लेंटर डाला जा रहा था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यहां गिरी बिल्डिंग में भी बेसमेंट खोदने का काम चल रहा था। भाजपा की सरकार में भ्रष्टाचार इतने चरम पर है कि पूरी तरह से जनता की सुरक्षा को अनदेखा किया जा रहा है।
प्रवीण कुमार ने कहा कि पिछले छह महीने में ही लापरवाही के कारण लगभग सैकड़ों मौतें हो चुकी हैं। यह पूरा इलाका नेताओं की कमाई का अड्डा बन चुका है और यहां की ज्यादातर बिल्डिंगें किसी न किसी भाजपा नेता की हैं। उदाहरण के तौर पर भाजपा के किसी भी पांच बड़े नेताओं को ले लीजिए, उनकी कोई न कोई बिल्डिंग यहां जरूर मिल जाएगी, क्योंकि भाजपा ने यहां अपनी कमाई का अड्डा खोल लिया है। इस घटना पर शर्म करते हुए मेयर को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।
प्रवीण कुमार ने आगे कहा कि इसकी सीधी जिम्मेदारी एमसीडी की है, जिस पर भाजपा पिछले 20 साल से काबिज है। लेकिन 20 साल में वे दिल्ली में कोई सिस्टम, कोई सही तरीका या ढंग के बिल्डिंग बायलॉज नहीं बना पाए। उन्होंने बिल्डिंगों को केवल उगाही का अड्डा बना दिया है और सेफ्टी को पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दिया है। इसकी पूरी जिम्मेदारी मेयर की बनती है, इसलिए उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए और इस मामले में जो भी लोग लिप्त हैं, उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।