आम आदमी पार्टी की महिला मोर्चा अध्यक्ष पायल साकरिया ने गुजरात में बिगड़ती महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए बताया कि, गुजरात में चुनाव प्रचार के दौरान महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन वास्तविकता बिल्कुल अलग है। उत्तर गुजरात में 18 वर्ष से कम उम्र की बेटियों के गर्भवती होने के आंकड़े हों या हाल ही में हुई घटनाएं, गुजरात की स्थिति बेहद चिंताजनक है। शांत और सुरक्षित माने जाने वाले गांधीनगर और अहमदाबाद जैसे शहरों में भी बलात्कार की दर्दनाक घटनाएं हो रही हैं, जबकि दूसरी ओर राज्य के गृह मंत्री केवल भाषणबाजी और खोखले वादे करने में व्यस्त हैं। लोगों ने सरकार को केवल वादे करने या भाषणबाजी करने के लिए सत्ता नहीं दी है। भाजपा सरकार की इतने वर्षों की विफलता का शिकार आज गुजरात की मासूम बेटियां और महिलाएं बन रही हैं।
गुजरात में महिला सुरक्षा पर सवाल
‘आप’ नेता पायल साकरिया ने आगे आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि, अहमदाबाद में 17-18 साल की बेटी के साथ बलात्कार होने के बाद अत्यधिक रक्तस्राव के कारण अस्पताल में उसकी मौत हो गई और दूसरी घटना में हॉस्टल में रहकर पढ़ने वाली बेटी के साथ सिक्योरिटी गार्ड द्वारा दुष्कर्म किया गया, साथ ही आणंद में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी ऐसी घटना में संलिप्तता सामने आई है। अपराधियों को कानून या सरकार का कोई डर नहीं रहा है, क्योंकि उन्हें पता है कि नेता केवल भाषणबाजी करके बात खत्म कर देंगे। जब ऐसी दर्दनाक घटनाएं होती हैं तो पूरी जिंदगी बर्बाद हो जाती है और उस पीड़ा को केवल एक महिला ही समझ सकती है। यह केवल चर्चा का मुद्दा नहीं है, इसलिए गृह विभाग को केवल भाषणबाजी करने के बजाय सख्त से सख्त एक्शन प्लान बनाना चाहिए और दरिंदों को ऐसी कठोर सजा देनी चाहिए कि गुजरात की एक भी बेटी के साथ ऐसा कृत्य करने की किसी की हिम्मत न हो।