नई दिल्ली | आम आदमी पार्टी का एक प्रतिनिधि मंडल पूर्वी दिल्ली के सूरजमल विहार में पीडब्ल्यूडी के खंभे में उतरे करंट की चपेट में आकर हुई युवक की दुखद मौत पर शोककुल परिवार से मुलाकात कर उनका दुख साझा किया। प्रतिनिधि मंडल में शामिल विधायक संजीव झा और कुलदीप कुमार समेत अन्य नेताओं ने परिवार से घटना की विस्तृत जानकारी ली और हर संभव मदद का भरोसा दिया। पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने इस घटना के लिए भाजपा सरकार के खटरा सिस्टम को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही के चलते दिल्ली में लगातार लोगों की जान जा रही है। पीडब्ल्यूडी के स्ट्रीट लाइट में उतरे करंट से युवक संदीप की मौत हुई, लेकिन मंत्री प्रवेश वर्मा ने शोक संवेदना तक नहीं जताई। अभी तक एफआईआर भी दर्ज नहीं हुई है। आखिर भाजपा सरकार जिम्मेदार अधिकारियों को क्यों बचा रही है?
सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि यह बहुत शर्मनाक है कि पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा की तरफ से शोक संवेदना का एक भी शब्द नहीं आया है। यहां तक कि पीडब्ल्यूडी विभाग ने भी मीडिया को कोई भी बयान या टिप्पणी देने से साफ इनकार कर दिया है। पीडब्ल्यूडी के टूटे हुए डिवाइडर और स्ट्रीट लाइट से फैले करंट की चपेट में आने से एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई, लेकिन इसके बावजूद मामले में अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। हम किस तरह का देश बनाने की तरफ बढ़ रहे हैं।
सौरभ भारद्वाज ने खुले नाले में डूबने से हुई 15 साल के बच्चे की मौत को लेकर भी भाजपा सरकार को आड़े हाथ लिया। उन्होंने इस घटना के एमसीडी के जेई को निलंबित करने को लेकर कहा कि नाला दिल्ली जल बोर्ड का है, जो मंत्री प्रवेश वर्मा के अधीन आता है। फिर भी उन्होंने एमसीडी के जेई को निलंबित कर दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, मंत्री और मुख्य सचिव अपनी जिम्मेदारी दूसरे विभागों पर टालते रहते हैं और यह भूल जाते हैं कि वह विभाग भी भाजपा का ही एक इंजन है। दिल्ली में पिछले डेढ़ साल से सब कुछ भाजपा के अधीन है। प्रदूषण से लेकर जलभराव तक, यमुना से लेकर ट्रैफिक जाम तक, साइकिल घोटाले से लेकर स्वास्थ्य घोटाले तक और चावल घोटाले से लेकर प्राइवेट स्कूलों की फीस तक, हर दिन भाजपा के शासन की पोल खुल रही है।
उधर, मृतक युवक के शोकाकुल परिवार से मिलने के उपरांत बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने कहा कि सड़क पर गड्ढे होने और खुले तार के कारण करंट लगने से 28 साल के एक नौजवान संदीप की मौत हो गई है। वह घर में कमाने वाला एकमात्र व्यक्ति था। परिवार बहुत गरीब है और किराए के घर में रहता है। अब उस परिवार के नुकसान की भरपाई कौन करेगा? परिवार का कहना है कि दिल्ली सरकार का कोई भी प्रतिनिधि उनसे मिलने तक नहीं आया है। सरकार कुंभकरणी नींद सोई हुई है और उसे कोई मतलब नहीं है। हम सरकार से मांग करते हैं कि उस गरीब परिवार को उचित मुआवजा मिले ताकि उनका घर चल सके।
संजीव झा ने कहा कि परिवार के अनुसार अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, लेकिन सच्चाई पुलिस बताएगी। पुलिस इसकी ठीक से तफ्तीश करे और जो भी दोषी हो, उसे बख्शा न जाए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि किसी जेई को सस्पेंड करके काम पूरा मान लिया जाए। हर बड़ी घटना में किसी छोटे अधिकारी को सस्पेंड करके ये लोग अपनी जिम्मेदारी से बच जाते हैं, यह नहीं चलने वाला। हम रेखा गुप्ता सरकार से मांग करते हैं कि इसकी ठीक से तफ्तीश हो और बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई हो, ताकि उनका यह रवैया बदले कि वे कहीं भी गड्ढा खुला छोड़ देते हैं, जिससे लोग कभी डूब कर तो कभी करंट से मर रहे हैं। यह कोई पहली घटना नहीं है, दिल्ली में पिछले चार दिन में ऐसी चार घटनाएं हो चुकी हैं। हम उम्मीद करते हैं कि सरकार कुंभकरणी नींद से जागेगी और उचित कार्रवाई करेगी।
वहीं, कोंडली से विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि हमें समझ में नहीं आ रहा कि सरकार की लापरवाही से और कितने लोगों की जान जाएगी? सरकार इससे कुछ सीख ही नहीं रही है। गड्ढे में गिरकर और करंट लगने से लोगों की मौत हो रही है। एक व्यक्ति रोड पर जा रहा है, वहां सरकार का खंभा खड़ा है, उसे क्या पता कि वह मौत का खंभा है और उसमें करंट आ जाएगा? उन्होंने रेखा गुप्ता सरकार से पूछा कि अगर उनकी लापरवाही से किसी की मौत हुई है, तो क्या यह सरकार की जिम्मेदारी नहीं है? इस परिवार का दुख बांटने के लिए भाजपा का कोई नेता, सांसद, विधायक या मुख्यमंत्री नहीं आई। यह सब भाजपा सरकार और पीडब्ल्यूडी विभाग की लापरवाही से हुआ है, क्योंकि गड्ढा पीडब्ल्यूडी की रोड पर था और करंट पीडब्ल्यूडी के खंभे में था।
कुलदीप कुमार ने कहा कि उस नौजवान के परिवार को अब कौन चलाएगा? वह घर में कमाने वाला अकेला व्यक्ति था। सरकार की लापरवाही से लगातार जानें जा रही हैं और दिल्ली की भाजपा सरकार ने दिल्ली का बेड़ा गर्क कर दिया है। हम स्पष्ट मांग करते हैं कि जिस सरकार की लापरवाही की वजह से उस नौजवान संदीप की मौत हुई है, सरकार उसके परिवार को उचित मुआवजा दे और परिवार में किसी एक को सरकारी नौकरी दे।
कुलदीप कुमार ने कहा कि संदीप की मौत यूं ही नहीं हुई है, सरकार की लापरवाही और खंभे के करंट ने उसकी जान ली है। वह बहुत गरीब और दलित परिवार है, जो छोटे से किराए के मकान में रहता है। इतने गरीब परिवार के नौजवान की जान इस खटारा सरकार के खटारा सिस्टम ने ले ली है। आज हम परिवार से मिले हैं और उनकी भी यही मांग है कि सरकार उन्हें उचित मुआवजा और सरकारी नौकरी दे ताकि परिवार का पालन-पोषण हो सके।