नई दिल्ली | आम आदमी पार्टी ने भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार से सत्य निकेतन में हुए बिल्डिंग हादसे के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। ‘‘आप’’ के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक्स पर कहा कि सत्य निकेतन में गिरी इमारत का मामला दिल दहला देने वाला है। ईश्वर से प्रार्थना है कि मलबे के नीचे दबा हर इंसान सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि रेखा गुप्ता सरकार गहरी नींद में सोई हुई है। दिल्ली में बार-बार हादसे हो रहे हैं और लोगों की जान जा रही है, लेकिन सरकार की नींद नहीं टूट रही है। इन मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा? कब सरकार जागेगी? कब जिम्मेदारी तय होगी? दिल्ली के लोगों की जान से खिलवाड़ बंद कीजिए। लोगों की जान बचाइए और जिम्मेदारी तय कीजिए।
उधर, “आप” के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि आज इस देश में इंसान की जिंदगी की कोई कीमत नहीं रह गई है। कभी कुंभ के मेले में भगदड़ मचने से लोग मर जाते हैं, कभी दिल्ली के रेलवे स्टेशन की भगदड़ में, कभी मालवीय नगर के अग्निकांड में, तो कभी साकेत में बिल्डिंग गिरने से लोगों की जान चली जाती है। सत्य निकेतन में हुए इस ताजा हादसे के बारे में बताया जा रहा है कि वहां बेसमेंट में निर्माण कार्य चल रहा था, जिसकी वजह से यह बिल्डिंग गिर गई। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार, करीब 30 लोग मलबे में फंसे हुए हैं, जिनमें ज्यादातर दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के छात्र हैं, जो वहां रहते थे।
संजय सिंह ने कहा कि यह बहुत ही दुखद और पीड़ादायक हादसा है, लेकिन ऐसे हादसे सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण होते हैं। जब बिल्डिंग्स का निर्माण हो रहा होता है, तब सभी अधिकारी मिलकर पैसे खाते हैं। बिल्डिंग बनने के बाद जब उसमें तोड़फोड़ या मरम्मत का कार्य चल रहा होता है, उस समय भी अधिकारियों को पैसे खिला दिए जाते हैं। इस बात की बिल्कुल भी चिंता नहीं की जाती कि इस भ्रष्टाचार से कोई बड़ा हादसा हो सकता है और लोगों की जान जा सकती है।
संजय सिंह ने केंद्र सरकार और दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार से अनुरोध करते हुए कहा कि जो लोग भी मलबे में फंसे हुए हैं, उनकी जान बचाने के लिए दोनों सरकारों को हर संभव प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे हादसों पर सरकार के बयान सिर्फ रस्म अदायगी नहीं होने चाहिए, बल्कि आगे कोई ठोस कार्रवाई सोचनी चाहिए और उसे धरातल पर लागू करना चाहिए। हादसों के दौरान सिर्फ अफसोस जता देना और रस्मी तौर पर दिखावे की कार्रवाई कर देना ठीक नहीं है।
संजय सिंह ने प्रार्थना करते हुए कहा कि जो लोग मलबे में फंसे हैं या घायल हुए हैं, ईश्वर उनकी रक्षा करें और जल्द से जल्द सबकी जान बचाई जा सके। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस बात की पड़ताल करनी बहुत जरूरी है कि दिल्ली के अंदर ऐसी कितनी और इमारतें हैं जो खतरे के दायरे में हैं। अगर उन पर सही समय पर एक्शन नहीं लिया गया, तो आगे भी ऐसे हादसे होते रहेंगे। इन हादसों को रोकने के लिए सरकार को तुरंत सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
सत्य निकेतन का दौरा करने पहुंचे ‘‘आप’’ के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के सामने शांति निकेतन इलाके में रह कर हजारों बच्चे यूनिवर्सिटी में पढ़ते हैं। यहीं पर बिल्डिंग गिरी है और बताया जा रहा है कि 30-40 बच्चे अभी भी मलबे में दबे हुए हैं। यहां पर कई सारे स्टूडेंट मौजूद हैं। पूछने पर छात्रों ने बताया कि यह घटना यहां पहली बार नहीं हुई है। यहां लगभग 90 फीसद से ज्यादा बिल्डिंगें अनधिकृत हैं। तीन साल पहले भी यहां एक मंजिल गिरी थी।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि छात्रों ने बताया कि डीयू के साउथ कैंपस में एक भी हॉस्टल नहीं है। यहां जितने भी प्राइवेट पीजी और फ्लैट हैं, उनका किराया बहुत ज्यादा है। यहां वन बीएचके का किराया लगभग 15,000 से 18,000 रुपए के बीच है। छात्रों का कहना है कि अगर यहां हॉस्टल होता, तो शायद आज इन बच्चों को यह दिन नहीं देखने पड़ते। छात्रों की मांग है कि साउथ कैंपस का अपना एक हॉस्टल अलॉट किया जाए, जिसमें सारे बच्चे रह सकें।
सौरभ भारद्वाज ने छात्रों का कहना है कि भले ही हॉस्टल बनने में समय लगे, लेकिन उससे पहले सरकार को यह कदम उठाना चाहिए कि यहां जितने भी पीजी और फ्लैट हैं, उनका किराया और अकोमोडेशन फीस सरकार अपनी तरफ से दे। सौरभ भारद्वाज ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि यह बहुत अच्छा सुझाव है। अगर सरकार हॉस्टल बनाने की बात करती है और इन बच्चों के पीजी का किराया देगी, तो सरकार खुद कोशिश करेगी कि जल्द से जल्द पीजी की जगह इन बच्चों के लिए हॉस्टल बनकर तैयार हों। “आप” की छात्र इकाई एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स (एसैप) केंद्र सरकार से छात्रों के लिए हॉस्टल बनाने और जब तक हॉस्टल नहीं बन जाते, तब तक उनके पीजी का किराया देने का मांग करता है।
वहीं, एमसीडी में नेता विपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि एमसीडी के अंदर भाजपा का भ्रष्टाचार एक बार फिर उजागर हुआ। भाजपा अपनी जेबें भरने के लिए दिल्लीवासियों की जान को खतरे में डाल रही है। एमसीडी के साउथ जोन में, जहां भाजपा का चेयरमैन है, यह तीसरा बड़ा हादसा सामने आया है। इससे पहले एक बिल्डिंग खुद चेयरमैन के वार्ड में गिरी थी, उसके बाद मालवीय नगर की एक बिल्डिंग में आग लगी और अब आज सत्य निकेतन में एक और बिल्डिंग गिर गई है। साउथ जोन लगातार भ्रष्टाचार का अड्डा बनता जा रहा है और इस भ्रष्टाचार की मुख्य जड़ भाजपा ही है।
अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा के महापौर प्रवेश वाही सिर्फ अपनी जेबें भरने में लगे हुए हैं। पिछले हादसों के बाद भी कोई ऐसे कड़े कदम नहीं उठाए गए, जिनसे भविष्य में होने वाले ऐसे हादसों को रोका जा सके। भाजपा को शर्म आनी चाहिए कि उनकी वजह से आज सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरी है। यह भाजपा पार्षद का ही वार्ड है। मलबे में 50 से ज्यादा लोग दबे हुए हैं और पता नहीं कितनों की जान चली गई है, लेकिन भाजपा को सिर्फ अपनी जेबें भरने से मतलब है।
अंकुश नारंग ने कहा कि दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही लापता हैं और वे रेस्क्यू साइट पर नहीं गए। इसके साथ ही साउथ जोन के चेयरमैन भी लापता हैं, वे भी न तो रेस्क्यू साइट पर पहुंचे और न ही उन्होंने कोई सुध ली। यह हादसा वर्तमान चेयरमैन धर्मवीर सिंह की ही विधानसभा आरके पुरम में हुआ है। जब से भाजपा एमसीडी की सत्ता में आई है, उसने एमसीडी को पूरी तरह से भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया है और बिल्डिंग डिपार्टमेंट को तो सिर्फ अपनी जेबें भरने का एक साधन बनाकर छोड़ दिया है।