नई दिल्ली| आम आदमी पार्टी ने जंतर-मंतर पर जनता की बुलंद आवाज और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को कुचलने के लिए अहंकारी मोदी सरकार द्वारा उठाए जा रहे तानाशाही कदमों पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान द्वारा प्रदत्त आंदोलन के अधिकार को कोई भी दमनकारी सत्ता नहीं छीन सकती। देश भर की जनता अब अपने लोकतांत्रिक अधिकारों और वोट की डकैती के खिलाफ पूरी तरह जाग चुकी है, और यह ऐतिहासिक जनांदोलन हर हाल में होकर रहेगा।
लोकतंत्र पर तानाशाही का शिकंजा और अघोषित आपातकाल
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने देश के मौजूदा हालात पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज पूरे देश में अघोषित आपातकाल जैसे खौफनाक हालात पैदा कर दिए गए हैं। जंतर-मंतर पर लोगों को एकत्रित होने और अपनी जायज आवाज उठाने से रोकने के लिए देशभर से दिल्ली आने वाली ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं, सैकड़ों दुकानें और होटल जबरन बंद करवा दिए गए हैं, तथा इंटरनेट सेवाएं तक ठप कर दी गई हैं। लाखों की तादाद में सुरक्षाबलों और पुलिसकर्मियों को सड़कों पर उतारकर भय का माहौल बनाया जा रहा है। सरकार मात्र एक लोकतांत्रिक प्रदर्शन को रोकने के लिए आम नागरिकों पर हजारों करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान थोप रही है।
“देश में अघोषित आपातकाल लगा है। वोट चोरी और सीनाज़ोरी, जंतर मंतर पर आकर लोग अपनी आवाज़ न उठाएं, इसके लिए लाखों लोगों की ट्रेन कैंसिल कर दी गईं, दुकानें बंद, होटल बंद, इंटरनेट बंद, लाखों सिपाही सड़कों पर हैं। सरकार एक प्रदर्शन को रोकने के लिए लाखों लोगों पर हज़ारों करोड़ का नुक़सान थोप रही है। जनता का चाहे जितना नुक़सान हो जाए, वोट चोरों का नुक़सान नहीं होना चाहिए।” —मनीष सिसोदिया
वोट की लूट बर्दाश्त नहीं, सड़कों पर उतरेगी जनता
मनीष सिसोदिया ने जनता के मत की गरिमा को रेखांकित करते हुए कहा कि जनता का वोट उनका संवैधानिक अधिकार है, यह किसी की बपौती या जागीर नहीं है जिसे जब चाहा छीन लिया जाए या जिसकी कोई भी चोरी कर ले। जिस पवित्र वोट से लोकतांत्रिक सरकारें बनती और बदलती हैं, उस जनादेश की संगठित चोरी को आम आदमी पार्टी और देश की जागरूक जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट घोषणा की कि वे सीजेपी के समर्थन में शनिवार को चंडीगढ़ में चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर युवाओं द्वारा आयोजित विशाल विरोध प्रदर्शन में खुद शामिल होंगे और इस वोट चोरी के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का नेतृत्व करेंगे।
एक वोट चोर को बचाने के लिए पूरी दिल्ली को बनाया बंधक
उधर, आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने भाजपा सरकार की बदहवासी पर प्रहार करते हुए कहा कि आज देश की राजधानी दिल्ली जाने वाली ट्रेनें पूरे देश में रोक दी गई हैं, ऐसा अभूतपूर्व दमन तो 1975 के आपातकाल में भी कभी देखने या सुनने को नहीं मिला था। कोई लाचार व्यक्ति अपने गंभीर मरीज को इलाज के लिए लेकर जा रहा होगा, कोई अपनी रोजी-रोटी और नौकरी के लिए जा रहा होगा, या कोई अन्य जरूरी पारिवारिक कार्यों से निकल रहा होगा, लेकिन आज किसी भी नागरिक को आगे नहीं जाने दिया जा रहा। यह पूरी प्रशासनिक मशीनरी केवल और केवल एक ऐसे भ्रष्ट व्यक्ति को बचाने में झोंक दी गई है जिसने केंद्र की सत्ताधारी भाजपा के लिए बंगाल, बिहार, दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र में जोड़-तोड़ कर कई सरकारें बनवाकर भेंट की हैं।
“एक चोर को बचाने में एक लाख पुलिस लगी है। देश में आपातकाल से भी बदतर हालात। ट्रेन से लेकर मेट्रो तक, सब कुछ बंद। देश वोट चोरी के खिलाफ जाग चुका है। ज्ञानु-मोदी की वोट चोर जोड़ी को सत्ता से जाना होगा।” —संजय सिंह
चौतरफा गिरफ्तारियां, सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी और वोट घोटाले का पर्दाफाश
संजय सिंह ने बताया कि सत्ता को अवैध रूप से सरकारें सौंपने वाले उस व्यक्ति को बचाने के लिए पचास हजार से एक लाख तक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जबकि कार्यकर्ताओं के घरों में दबिश देकर उन्हें गैरकानूनी तरीके से गिरफ्तार किया जा रहा है और सीजेपी के नेताओं को बंदी बनाया जा रहा है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल व अन्य वकीलों की दलीलों का उल्लेख करते हुए याद दिलाया कि देश के मुख्य न्यायाधीश ने भी यह गंभीर टिप्पणी की थी कि मक्खी मारने के लिए आखिर हथौड़ा चलाने की क्या जरूरत है। अगर सरकार की नजर में यह आंदोलनकारी केवल मक्खी भर हैं, तो फिर पूरी हुकूमत इनसे इतना घबरा क्यों रही है और उन्हें दिल्ली आने से क्यों रोक रही है।
संजय सिंह ने प्रधानमंत्री से सीधा सवाल किया कि उन्हें आखिर किस बात का इतना भारी अहंकार है। उन्होंने उजागर किया कि ज्ञानेश कुमार के संदर्भ में अब यह पूरी तरह प्रमाणित हो चुका है कि उसने 14 बार उठाई गई गंभीर आपत्तियों को सिरे से नजरअंदाज करके फॉर्म 6 में मनमाने बदलाव किए, 16 लाख वैध वोटरों के नाम काटने की अपील की, और पूरे देश में एसआईआर कराने का एकतरफा और तानाशाही फैसला थोपकर 13 करोड़ 37 लाख नागरिकों के नाम मतदाता सूची से बाहर कर दिए।
जंतर-मंतर पर गूंजेगा इंसाफ का बिगुल
संजय सिंह ने अडिग संकल्प दोहराते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर आंदोलन हर कीमत पर होकर रहेगा, क्योंकि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना हमारा वह बुनियादी लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकार है जो बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित भारतीय संविधान से प्रत्येक नागरिक को प्राप्त हुआ है। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता, नेता और देश की जागरूक जनता हर बाधा को पार करते हुए जंतर-मंतर पहुंचेगी। शनिवार को वे खुद व्यक्तिगत रूप से जंतर-मंतर पहुंचकर सीजेपी के इस न्यायपूर्ण और ऐतिहासिक जनांदोलन का पुरजोर समर्थन करेंगे, क्योंकि अब ज्ञानेश और मोदी की इस वोट चोर जोड़ी को देश की सत्ता से बेदखल करने का समय आ चुका है।