नई दिल्ली | आम आदमी पार्टी के लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार भाजपा सरकार ने बुराड़ी सड़क का वर्क टेंडर कर दिया। बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने कहा कि ‘‘आप’’ के दबाव में सरकार ने बुराड़ी की मेन 100 फुटा सड़क का वर्क टेंडर जारी किया। हम जनवरी से सड़क को ठीक करने की मांग कर रहे थे और अधिकारियों के साथ बैठकर तकनीकी समाधान पर भी काम किया है। उन्होंने कहा कि अब जब सड़क का काम टेंडर प्रक्रिया में है, तो मेरी मांग साफ है कि और देरी नहीं हो, तय समयसीमा में काम शुरू किया जाए। बरसात में बुराड़ी की जनता ने धूल, कीचड़ और खराब सड़क की परेशानी झेली है। भाजपा के लोग मुझसे बदला लेते-लेते बुराड़ी की जनता का नुकसान क्यों कर रहे हैं? उन्होंने मांग की कि जैसे मंत्री के दौरे पर पूरी सड़क साफ हो गई, वैसे ही रोज सफाई की जाए।
विधायक संजीव झा ने कहा कि आज अंततः दिल्ली के पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा बुराड़ी की 100 फुटा सड़क को देखने आए, चलो देर-सवेर उनकी नींद तो खुली। यह बात हम लगातार जनवरी से कह रहे थे और अच्छा होता कि मंत्री प्रवेश वर्मा मुझे भी बुला लेते, ताकि मैं उनके साथ चलकर उन्हें तकनीकी और जमीनी चुनौतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दे पाता। इस टेंडर डॉक्यूमेंट को तैयार करने में पिछले दो महीने में हमने बहुत मशक्कत की है और कई तरह की चुनौतियां सामने आईं। फिर अधिकारियों के साथ बैठकर हमने यह तय किया था कि बाबा कॉलोनी तक सड़क को बिटुमिनस किया जाएगा, उसके बाद मजबूती कम होने के कारण अमृत विहार तक आरएमसी की जाएगी और फिर आगे दोबारा बिटुमिनस का काम होगा। यह फाइल अंततः पास हुई और अब मंत्री उसी बात को दोहरा रहे थे।
संजीव झा ने कहा कि अगर पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा और सांसद मनोज तिवारी के आने भर से सड़क बन जाती, तो इन्हें चार महीने पहले आना चाहिए था ताकि बारिश में लोगों को दिक्कत नहीं होती। मंत्री कह रहे थे कि सांसद मनोज तिवारी के कहने पर यह सड़क बनाई जा रही है, लेकिन मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि सांसद इस सड़क को लेकर चिंता जताने वाली एक भी चिट्ठी या अधिकारियों के साथ हुई एक भी मीटिंग का रिकॉर्ड नहीं दिखा सकते, क्योंकि उन्हें कभी चिंता रही ही नहीं। जब अंतिम मंजूरी के लिए फाइल मंत्री के पास पहुंची, तब उन्हें इसकी जानकारी मिली और वे सांसद को लेकर राजनीति करने आ गए। राजनीति करें अच्छी बात है, लेकिन झूठा क्रेडिट ना दें।
संजीव झा ने कहा कि अगर ये लोग इतने गंभीर होते तो बरसात से पहले पीडब्ल्यूडी की सड़क बन गई होती। फरवरी-मार्च में पीडब्ल्यूडी ने कह दिया था कि यह सड़क जल बोर्ड बनाएगा, जिसके बाद हमने लगातार अधिकारियों की जॉइंट मीटिंग करके यह साबित किया कि जल बोर्ड यह सड़क नहीं बना सकता और पीडब्ल्यूडी को ही इसे बनाना पड़ेगा। इसी पत्राचार में लगभग चार-पांच महीने बर्बाद कर दिए गए। अब जाकर पीडब्ल्यूडी सड़क बना रही है, जो दो महीने पहले तय हुआ। यही अगर मार्च-अप्रैल में ही तय हो गया होता, तो सड़क बन जाती और बारिश में लोगों को परेशानी नहीं उठानी पड़ती।
संजीव झा ने आगे कहा कि अगर भाजपा सांसद मनोज तिवारी इतने चिंतित होते तो वे जाकर पीडब्ल्यूडी मंत्री के पास बैठ जाते। चलो हम विपक्ष के विधायक हैं, कई बार भाजपा नेताओं को लगता है कि संजीव झा को राजनीतिक फायदा हो जाएगा और इसके कारण बुराड़ी की सड़कों का काम जल्दी न हो जाए, ये तमाम बातें उनके जहन में होंगी, लेकिन लोगों ने भाजपा सांसद को भी वोट दिया है। अगर सांसद को इतनी चिंता होती तो वे मार्च-अप्रैल में जाकर बैठ जाते। हमने तो उनको फोन करके कई बार कहा कि हमसे राय ले लें। मैं जानता हूं कि उनको कुछ भी नहीं पता है। हमने फोन करके उनको बताया था कि जल बोर्ड के चक्कर में काम टल रहा है।
संजीव झा ने हमारी दो महीने की लगातार मेहनत का परिणाम यह हुआ कि टेंडर डॉक्यूमेंट प्रक्रिया में गया। आज मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि हम इसे बनाने जा रहे हैं, लेकिन जो टाइमलाइन उन्होंने दी है, उसमें फिर छह महीने सड़क नहीं बनेगी क्योंकि नवंबर के बाद तो प्रदूषण का बैन लग जाएगा। मुझे अधिकारियों ने जो टाइमलाइन दी थी, उसके अनुसार 20-21 सितंबर तक टेंडर हो जाना चाहिए, 3 अक्टूबर तक टेंडर खुल जाना चाहिए और 10 अक्टूबर तक किसी भी स्थिति में काम शुरू कर देंगे, ताकि दिवाली से पहले मुख्य काम पूरा हो जाए।
संजीव झा ने कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि अधिकारियों ने जो टाइमलाइन दी थी, वे उस पर टिके रहेंगे और इस काम को युद्ध स्तर पर करेंगे। मैं बुराड़ी में रहने वाले भाजपा के नेताओं से भी कहना चाहता हूं कि राजनीति करना बंद कीजिए और अधिकारियों पर दबाव बनाइए।
संजीव झा ने कहा कि आज मंत्री प्रवेश वर्मा आए तो पूरी सड़क चमक रही थी। हमने धूल साफ करने के लिए एमसीडी और पीडब्ल्यूडी को दर्जनों चिट्ठियां लिखीं तो अधिकारियों ने कह दिया था कि यह बहुत मुश्किल है, नहीं हो पा रहा है। तो आज कैसे साफ हो गया? यानी मंत्री आएंगे तो धूल नहीं होगी, मंत्री को धूल का सामना ना करना पड़े इसलिए तुरंत पूरी मेहनत से सफाई हो गई, जनता भले धूल फांकती रहे। हमें पूरी उम्मीद है कि प्रवेश वर्मा निर्देश देंगे कि जिस तरह से आज सफाई की गई है, उसी तरह रोज एमसीडी और पीडब्ल्यूडी सफाई करे।
संजीव झा ने कहा कि मंत्री ने प्री-कास्ट ड्रेन की बात कही, जबकि यह फैसला पहले ही पूर्व “आप” सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन ने ले लिया था कि प्री-कास्ट का ड्रेन बनेगा। फिर जनता कहेगी कि जब फैसला ले लिया था तो वह क्यों नहीं बना? वह इसलिए नहीं बना क्योंकि उस समय सीवर का काम शुरू हो गया था और पानी निकालने के कारण नालों की समस्याएं बढ़ जातीं, दोनों काम एक साथ नहीं हो सकते थे। फिर तय हुआ कि सीवर का काम खत्म हो जाएगा और उसके बाद यह ड्रेन बनेगा और ये सारी बातें फाइल में दर्ज हैं।
संजीव झा ने कहा कि नाले के लिए तीसरी बार टेंडर हुआ है और दो बार कोई ठेकेदार प्रक्रिया में शामिल नहीं हुआ। नाले का सैंक्शन बहुत पहले से है। अगर सड़क का काम होना है तो उसमें देरी ना की जाए, टेंडर आज हो जाना चाहिए था, पता नहीं क्यों नहीं हुआ। मैं मंत्री से निवेदन करता हूं कि यह टेंडर प्रक्रिया एक घंटे का काम है, जरूरत के आधार पर आठ दिन में भी शॉर्ट टर्म टेंडर किया जा सकता है और 12-15 दिन में काम शुरू हो सकता है। फिर जानबूझकर देरी क्यों की जा रही है?
संजीव झा ने बताया कि इस क्षेत्र की सबसे बड़ी विपत्ति भाजपा सांसद मनोज तिवारी हैं, जो कल भी नकारे थे और आज भी नकारे हैं, जिसका नुकसान जनता को उठाना पड़ रहा है। केवल कोरी राजनीति और क्रेडिट चोरी करने के बजाय जनता की समस्या को ध्यान में रखकर काम करें। मैं पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा के साथ कदम से कदम मिलाकर खड़ा हूं, लेकिन इस पर गंदी राजनीति नहीं होनी चाहिए।
संजीव झा ने कहा कि मैं भाजपा पार्षदों और अन्य नेताओं से भी निवेदन करता हूं कि वे भी सड़क पर चलते हैं। भाजपा के लोग संजीव झा से बदला लेते-लेते आखिर बुराड़ी की जनता का नुकसान क्यों कर रहे हैं? अगर भाजपा के मंत्री और सांसद को इस बात की समझ नहीं है तो रविवार को मुझे बुला लें, मैं उनको बता दूंगा कि 12 से 15 दिन में काम कैसे शुरू हो सकता है। देरी ना करें क्योंकि अगर देरी हो गई तो फिर जनवरी-फरवरी के बाद ही सड़क बनेगी और यह सड़क एक-एक दिन बुराड़ी के लोगों के लिए बहुत बड़ी चुनौती है। हमें उम्मीद है कि राजनीति करने के बजाय वे काम करेंगे और जो टाइमलाइन पहले दी गई थी, उसी टाइमलाइन पर काम होगा।