आम आदमी पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री मनोज सोरठिया ने बताया कि एक तरफ गुजरात और देश में सत्ता में बैठे तानाशाहों ने डर का बहुत बड़ा माहौल फैला रखा है। सरकार के खिलाफ कोई नहीं बोले, सरकार की नीतियों की कोई आलोचना न करे और उसकी सत्ता को कोई चुनौती न दे, इसके लिए आम जनता हो या निर्वाचित प्रतिनिधि, सभी पर तरह-तरह के षड्यंत्र, लालच और अत्याचार करने का काम भारतीय जनता पार्टी कर रही है। ऐसे समय में आदिवासी समाज से एक वीर और नेता ने आदिवासी क्षेत्र के मुद्दों पर लगातार आवाज उठाने का काम किया। जब भाई चैतरभाई वसावा एक मजबूत नेतृत्व के रूप में गुजरात में उभरकर सामने आए, तब उन पर अत्याचार करके और झूठे केस दर्ज करके उन्हें जेल में डालने का काम किया गया। आज चैतरभाई न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं और आदिवासी समाज अपने जल, जमीन और जंगल के अधिकार मांग रहा है।
‘आप’ नेता मनोज सोरठिया ने आगे बताया कि ऐसे समय में चैतरभाई के समर्थन में पूरे आदिवासी क्षेत्र से एक ‘आदिवासी न्याय यात्रा’ उमरगाम से शुरू होकर आज अंबाजी पहुंची है और वहीं इसका समापन होगा। कल 4 नवंबर को दोपहर 2:00 बजे गुजरात के गांधीनगर में भव्य ‘आदिवासी न्याय सम्मेलन’ आयोजित होने जा रहा है, जिसमें गुजरात और आदिवासी क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोग इस सरकार की तानाशाही के खिलाफ एकत्रित होने वाले हैं। मैं सभी गुजरातियों से आह्वान करता हूं कि आइए, हम सब मिलकर इस तानाशाही सत्ता के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें और चैतर वसावा जैसे महानायक के समर्थन में गांधीनगर में एकत्रित होकर सत्ता में बैठे लोगों को संदेश दें कि हम आपके गुलाम नहीं हैं। गुजरात की गलियों से ऐसे कई चैतर वसावा पैदा होंगे। कल 4 नवंबर, बुधवार को दोपहर में गांधीनगर में आयोजित होने वाले आदिवासी न्याय सम्मेलन में सभी मिलकर अपनी आवाज बुलंद करें।