दिल्ली विधानसभा के सदन में मंगलवार को दिल्ली शराब नीति पर पेश की गई कैग रिपोर्ट ने आम आदमी पार्टी के उस दावे पर अपनी मोहर लगा दी है कि पुरानी शराब नीति में भारी गड़बड़ी थी, डीलर कालाबाजारी करते थे और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा था। सीएजी रिपोर्ट से पता चलता है कि पुरानी शराब नीति से सरकारी खजाने को नुकसान हो रहा था और इसमें बदलाव की बहुत जरूरत थी। साथ ही, कैग रिपोर्ट ने इस पर भी मोहर लगाती है कि आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा पुरानी एक्साइज पॉलिसी को बदलने का फैसला सही था। कैग रिपोर्ट बताती है कि पुरानी नीति में जितनी शराब की बोलते बेची जाती थी, उसकी 28 फीसद कम रिपोर्टिंग करके मुनाफा कमाया जा रहा था।
‘‘आप’’ मुख्यालय में मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ और वरिष्ठ नेता जस्मीन शाह के साथ दिल्ली की पूर्व सीएम व नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने प्रेसवार्ता यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा लाई गई नई शराब नीति अधिक पारदर्शी थी। इससे कालाबाजारी रूकती और सरकार का राजस्व बढ़ता, लेकिन भाजपा के एलजी, ईडी, सीबीआई ने अड़चनें डालकर इसे लागू नहीं होने दी और इसकी वजह से दिल्ली सरकार को 2000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। अगर इन्होंने नई नीति लागू करने दी होती तो मात्र एक साल में दिल्ली का एक्साइज रेवेन्यू 4,108 करोड़ से बढ़कर 8,911 करोड़ रुपए तक पहुंच जाता। 2022 में यही पॉलिसी ‘‘आप’’ की सरकार ने पंजाब में लागू की है और आज वहां एक्साइज रेवेन्यू 65 फीसद तक बढ़ गया है। इसलिए आम आदमी पार्टी की मांग है कि कैग रिपोर्ट के आधार पर एलजी, सीबीआई और ईडी के खिलाफ जांच की जाए, ताकि यह पता चले कि सरकार को 2 हजार करोड़ का घाटा क्यों करवाया गया?
आतिशी ने कहा कि दिल्ली सरकार की एक्साइज पॉलिसी पर 2017 से लेकर 2021 तक की सीएजी ऑडिट रिपोर्ट आज दिल्ली विधानसभा के पटल पर प्रस्तुत की गई। इस रिपोर्ट में आठ चैप्टर हैं, जिसमें से पहले 7 चैप्टर 2017 से 2021 के दौरान दिल्ली की पुरानी एक्साइज पॉलिसी की ऑडिट रिपोर्ट है। इस रिपोर्ट में उस पॉलिसी की खामियां हैं। उस पॉलिसी में जहां-जहां भ्रष्टाचार हो रहा था, उसे उजागर किया गया है। वहीं इस रिपोर्ट में एक चैप्टर दिल्ली सरकार द्वारा लाई गई नई एक्साइज पॉलिसी पर है।
आतिशी ने कहा कि आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार ने लगातार बार-बार पुरानी एक्साइज पॉलिसी में हो रहे भ्रष्टाचार को दिल्ली वालों के सामने रखा। आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार ने बार-बार यह उजागर किया कि किस तरह पुरानी एक्साइज पॉलिसी में कालाबाजारी हो रही है और उसके शराब के दाम बढ़ाए जाते थे। किस तरह शराब निर्माता गलत दाम बताकर ज्यादा मुनाफा कमाते थे। आम आदमी पार्टी की सरकार ने बार-बार यह बताया कि पुरानी एक्साइज पॉलिसी से हो रहे भ्रष्टाचार और ब्रांड पुशिंग की वजह से लगातार हरियाणा और उत्तर प्रदेश से तस्करी करके शराब दिल्ली में आती रही है।
आतिशी ने आगे कहा कि आज आम आदमी पार्टी की बात पर कैग की रिपोर्ट ने भी मोहर लगा दी है कि 2017 से 2021 तक चली पुरानी एक्साइज पॉलिसी में हर प्रकार का भ्रष्टाचार हुआ। कैग की रिपोर्ट बताती है कि दो तरह से भ्रष्टाचार हो रहा था। पहला, जितनी शराब बेची जा रही थी, उसमें भ्रष्टाचार हो रहा था। क्योंकि सरकार के पास जो पैसा आता था, वह हर बोतल के हिसाब से आता था। यह सब जानते हैं कि शराब बेचने वाले लोग किस पार्टी से जुड़े हुए थे। सब जानते हैं कि वह किस पार्टी के लोग थे, जिन्हें शराब बेचने और शराब बनाने के ठेके मिले हुए थे। जब हर बोतल पर एक्सेस कैलकुलेट होता था, तब वह यह दिखाने में फर्जीवाड़ा करते थे कि कितनी बोतले बेची गई।
आतिशी ने कहा कि कैग रिपोर्ट की चैप्टर 5 के पेज नंबर 44 पर बताया गया है कि यह शराब के ठेकेदार 28 फीसद से ज्यादा भ्रष्टाचार कर रहे थे। जितनी शराब बेची जा रही थी, उसे 28 फीसद कम की रिपोर्टिंग हो रही थी। यह सारा पैसा इन दलालों की जेब में जा रहा था। यह रिपोर्ट साफ-साफ बताती है कि शराब की ब्लैक मार्केटिंग हो रही थी। सब जानते हैं कि किस पार्टी के लोगों के पास इन शराब के ठेके थे। इस रिपोर्ट की पेज नंबर 59 में बार-बार यह बताया गया है कि जिनके पास शराब के ठेके थे, वहां से स्मगलिंग और ब्लैक मार्केटिंग हो रही थी, जिससे दिल्ली सरकार का राजस्व घाटा हो रहा था। न सिर्फ इतना बल्कि बार-बार जो यह मुद्दा उठाया जा रहा था कि 5 फीसद का लाभ हो रहा था। सातवीं में पढ़ने वाले बच्चों को भी पता है कि लाभ का प्रतिशत कैसे निकाला जाता है। सेलिंग प्राइस में से कॉस्ट प्राइस घटाकर लाभ निकाला जाता है। लेकिन इन शराब के ठेकेदारों ने कॉस्ट प्राइस को गलत तरीके से कैलकुलेट किया और 5 फीसद के नाम पर करोड़ों रुपए का मुनाफा कमाया।