आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने राउस एवेन्यू कोर्ट के फैसले पर खुशी जताते हुए भाजपा के साथ ईडी और सीबीआई पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल कट्टर ईमानदार हैं। कोर्ट का यह फैसला भाजपा के मुंह पर करारा तमाचा है। भाजपा ने स्कूल, अस्पताल, मोहल्ला क्लीनिक बनाने और बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा कराने वाले अरविंद केजरीवाल को भ्रष्ट बता बदनाम किया। सुप्रीम कोर्ट के जज संजीव खन्ना ने भी माना था कि कोर्ट में यह केस एक मिनट भी टिकेगा, लेकिन उन्होंने जमानत नहीं दी। उन्होंने कहा कि समाज को बर्बाद करने वाले ऐसे ईडी-सीबीआई के अफसरों को इंडिया गेट पर फांसी पर लटका देना चाहिए।
शुक्रवार को मीडिया से बातचीत के दौरान सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अरविंद केजरीवाल एक व्यक्ति वह हैं, जो हरियाणा के एक छोटे से गांव से पढ़कर आईआईटी तक पहुंचे। उसके बाद उन्होंने आईआरएस की परीक्षा उत्तीर्ण की और आयकर विभाग में सहायक आयुक्त बने। अपनी अच्छी खासी नौकरी छोड़कर उन्होंने सुंदर नगरी की झुग्गियों में लोगों के लिए काम किया। उनके दो बच्चे हैं। बेटी और बेटा दोनों ही आईआईटी में पढ़े और अब नौकरी कर रहे हैं।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दोनों बच्चों को एक दिन अचानक पता चलता है कि उनके पिता यानी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) छापा मारने पहुंचा है और अरविंद केजरीवाल को पकड़कर ऐसे ले जाया गया जैसे कोई कसाई मुर्गी के बाड़े से मुर्गी को उठाकर ले जाता है। उन्होंने कहा कि उस वक्त अरविंद केजरीवाल के बच्चों, रिश्तेदारों और उनके साथ काम करने वालों की क्या हालत हुई होगी? लोगों ने क्या-क्या नहीं कहा होगा कि वे बड़े ईमानदार बनते थे, लेकिन वे तो चोर निकले और हजारों करोड़ रुपए खा गए।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जेल में अरविंद केजरीवाल की डायबिटीज की दवा तक बंद कर दी गई। उन्होंने एलजी के व्यवहार की घोर निंदा करते हुए कहा कि एलजी विनय कुमार सक्सेना जैसे लोग इतने गिरे हुए हो सकते हैं कि अष्टमी के दिन अगर कोई हिंदू पूड़ी खा रहा है, तो वे गिन रहे थे कि अरविंद केजरीवाल ने दो पूड़ी खा लीं। राजभवन में बैठे ऐसे लोग भी हैं, जिनको अरविंद केजरीवाल के आम खाने से भी पेट में दर्द हुआ था।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब एक ईमानदार आदमी या मंत्री को भ्रष्टाचारी बताकर बदनाम किया जाता है और उसे महीनों जेल में रखा जाता है, तो वह सोचता है कि इतनी ईमानदारी से उसे क्या मिला? जिन लोगों ने हजारों करोड़ रुपए खाए, वे तो जेल भी नहीं गए। और जिन्होंने ईमानदारी से स्कूल, अस्पताल, मोहल्ला क्लीनिक बनाए, बच्चों को पढ़ाया और बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा पर भेजा, उन्हें भ्रष्टाचारी कहकर दो-दो साल जेल में रखा जा रहा है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा इस देश के सामाजिक ताने-बाने और नैतिकता को नष्ट कर रही है। केंद्र में बैठी भाजपा सरकार ने समाज में एक कैंसर बोने का काम किया है। आज प्रतियोगी परीक्षाओं (आईएएस, पुलिस अधिकारी) की तैयारी कर रहे बच्चे यह सोचेंगे कि ईमानदारी का कोई मोल नहीं है और जब सबको भ्रष्टाचारी ही कहलाना है, तो सिर्फ लूटना चाहिए।
अदालत द्वारा जांच अधिकारी (आईओ) के खिलाफ विभागीय जांच का आदेश दिए जाने पर सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अगर हमारा बस चले तो समाज को बर्बाद करने वाले ऐसे ईडी और सीबीआई के अफसरों को इंडिया गेट पर फांसी पर लटका देना चाहिए या पत्थर मार-मार कर उनकी जान निकाल देनी चाहिए। ये लोग सिर्फ अरविंद केजरीवाल को ही नहीं, बल्कि हरियाणा, बिहार जैसे राज्यों के गांवों में बैठकर आईएएस की तैयारी कर रहे हर उस बच्चे का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली वालों ने 27 साल तक भाजपा को सत्ता से बाहर रखा, जिससे प्रधानमंत्री मोदी को परेशानी थी कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार बार-बार 67 या 62 सीटें कैसे ले आती है। इसी को खत्म करने के लिए यह पूरा षड्यंत्र रचा गया। शिकायतकर्ता भी उन्हीं के हैं और सीबीआई भी उन्हीं की है। कांग्रेस नेता अजय माकन के संदर्भ में उन्होंने कहा कि वे शुरू से ही भाजपा के लिए काम करते आए हैं और ऐसे जयचंद ही कांग्रेस जैसी संस्था को बर्बाद कर रहे हैं।
ईडी के मामले पर सौरभ भारद्वाज ने कहा कि ईडी के पास अपने पैर नहीं होते, वह एक ऐसी संस्था है जो व्हीलचेयर पर है, जिसे सिर्फ ड्रैकुला की तरह खून चूसने वाले दांत दिए गए हैं। ईडी का मामला तभी खड़ा होता है जब सीबीआई या अन्य संस्था में कोई मामला हो। अगर भ्रष्टाचार का मामला दर्ज होता है, तो ईडी कहती है कि इसमें मनी लॉन्ड्रिंग तो हुई ही होगी और मामला दर्ज करके सीबीआई से तेज दौड़ने लगती है।
उन्होंने बताया कि ईडी ने देशभर में 600 जगहों पर छापे मारे, लेकिन मनीष सिसोदिया या अरविंद केजरीवाल के पास से एक रुपए या कोई बेनामी संपत्ति बरामद नहीं हुई। 10 साल तक मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री रहने के बावजूद उनके खिलाफ कुछ नहीं मिला। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संजीव खन्ना ने भी खुली अदालत में माना था कि यह मामला एक मिनट भी नहीं टिक पाएगा, लेकिन अंत में उन्होंने अपना रुख बदल लिया और जमानत नहीं दी, जिसके लिए इतिहास उन्हें कभी माफ नहीं करेगा। अदालत द्वारा बरी किए जाने का मतलब ही यही है कि यह मामला इस लायक भी नहीं था कि इस पर मुकदमा चल सके। सीबीआई के हाई कोर्ट जाने की बात पर उन्होंने कहा कि सीबीआई पहले अपने ‘पापा’ के पास जाएगी और वहां से निर्देश मिलने के बाद ही हाईकोर्ट जाएगी।
सौरभ भारद्वाज ने एक्स पर कहा कि भाजपा सरकार के पास सब कुछ है, इतने राज्यों में सरकार है, मगर इनको छोटी सी दिल्ली की सरकार से भी परेशानी थी। इनको किसी भी काम करने वाली सरकार से दिक्कत है, क्योंकि ख़ुद काम नहीं करना। इनकी सीबीआई, एसीबी, पुलिस किसी भी झूठी कंप्लेंट पर केस दर्ज कर लेती है। जांच में कुछ मिलता नहीं है, मगर ईडी एक और मुकदमा दर्ज कर देती है। फिर ईडी कई सालों तक जांच करती रहती है। शिकायतकर्ता, पुलिस, एबीसी, सीबीआई, ईडी, मीडिया सब तो इनके हैं। आरोपियों को जेल में डाल देते हैं और मुकदमा वर्षों तक शुरू नहीं करते। जो लोग जेल के नाम से डर जाते हैं उनको भाजपा में शामिल कर लेते हैं। विपक्षी पार्टी को तोड़ लेते हैं। बस यही खेल है, मीडिया का बड़ा हिस्सा इस खेल में शामिल है। झूठे मुकदमों में ईमानदार लोगों को दिन रात बदनाम किया जाता है।
‘‘आप’’ मुख्यालय पर कार्यकर्ता जमकर झूमे और खेली होली
उधर, अरविंद केजरीवाल के शराब घोटाला मामले में बरी करने का राउस एवेन्यू कोर्ट का फैसला आंधी की तरह दिल्ली समेत पूरे देश में फैल गया। दिल्ली में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता अपने कट्टर ईमानदार नेता अरविंद केजरीवाल पर लगे दाग को कोर्ट के फैसले से धुलने की खुशी में झूम उठे। ‘‘आप’’ के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज, विशेष रवि, घनेंद्र भारद्वाज समेत तमाम नेता पार्टी मुख्यालय पहुंचे। उनके साथ-साथ बड़ी तादात में कार्यकर्ता भी पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ढोल नगाड़ों की थाप पर जमकर झूमे। सौरभ भारद्वाज समेत अन्य नेता भी जमकर झूमे और होली से पहले ही पार्टी कार्यालय में गुलाल अबीर लगाकर सबने होली खेली और एक-दूसरे को बधाई दी