आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह ने ट्रेड डील को लेकर आए भारत-अमेरिका के साझा बयान को लेकर पीएम मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने किसानों के हितों की रक्षा करने का देश से झूठ बोला। सच तो ये है कि उन्होंने जीरो टैक्स पर अमेरिकी सामानों के लिए भारत का कृषि बाजार खोल कर किसानों के साथ धोखा है। एपस्टीन फाइलों में प्रधानमंत्री का नाम और अडानी को अमेरिका से मिले समन के कारण मोदी जी ने देश के हितों को नीलाम कर दिया। अब अमेरिका के सस्ते अनाज और फल देश के बाज़ार में बिकेंगे और हमारा किसान बर्बाद हो जाएगा। भारत रूस से सस्ता तेल लेने के बजाय अमेरिका से महंगा तेल लेगा, जिसका खामियाजा देश की जनता को भुगतना पड़ेगा और 80 हजार करोड़ रुपए का भार देश के आम लोगों पर पड़ेगा।
शनिवार को एक बयान जारी कर संजय सिंह ने कहा कि ‘यह देश नहीं बिकने दूंगा’, ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘स्वदेशी अपनाओ’ और ‘देश बचाओ’ जैसे ये तमाम नारे और जुमले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हैं। जब भारत और अमेरिका की ट्रेड डील हुई, तो उस समय भी यह सवाल उठाया गया था कि यह डील प्रधानमंत्री ने अपने दोस्त अडानी को मिलने वाले समन के बाद की है। यह देश को बेचने का काम दबाव में किया गया है और अपने दोस्त को बचाने के लिए किया गया है।
संजय सिंह ने आगे कहा कि एपस्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम आने के बाद, एक दबाव के कारण उन्होंने अमेरिका के सामने भारत के करोड़ों किसानों के हितों को बेच दिया है। जब यह बात बार-बार कही जा रही थी, तो सरकार कह रही थी कि चिंता मत करो, हमने देश के किसानों का हित सुरक्षित रखा है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने संसद में झूठ बोला कि कृषि क्षेत्र सुरक्षित है। आज उनकी कलई और सच्चाई पूरे देश के सामने खुल गई है।
संजय सिंह ने कहा कि भारत सरकार ने करोड़ों किसानों के हितों को बेच दिया है। अब महंगा तेल अमेरिका और वेनेजुएला से खरीदा जाएगा, जिससे हिंदुस्तान के ऊपर 80 हजार करोड़ रुपये का बोझ लादा जाएगा। भारत ने रूस से तेल खरीदना लगभग बंद कर दिया है, जिसकी सच्चाई देश के सामने है।
संजय सिंह ने बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत और अमेरिका के बीच का एक साझा बयान जारी किया है। भारत-अमेरिका अंतरिम समझौते की प्रमुख शर्तों के अनुसार, भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों और कई अमेरिकी खाद्य एवं कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क समाप्त करेगा या कम करेगा। इनमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेंस, पशु चारे के लिए लाल ज्वार, मेवे, नट्स, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन और शराब समेत अन्य उत्पाद शामिल हैं। अमेरिका भारत से आने वाले उत्पादों पर 18 फीसदी पारस्परिक टैक्स लगाएगा। इनमें कपड़ा, परिधान, चमड़ा, जूते, प्लास्टिक, रबर, जैविक रसायन, होम डेकोर और हस्तशिल्प शामिल हैं।
संजय सिंह ने कहा कि भारत से अमेरिका जाने वाले सामानों पर 18 फीसदी टैक्स लगेगा और अमेरिका से हिंदुस्तान आने वाले सामानों पर शून्य टैक्स लगेगा। मोदी सरकार ने अमेरिका को भारत के बाजार में कुल मिलाकर 500 अरब डॉलर यानी करीब 45 लाख करोड़ रुपये का व्यापार देने का वादा किया है। इसमें कृषि क्षेत्र को भी शामिल कर दिया गया है। इसका अर्थ है कि प्रधानमंत्री मोदी ने हिंदुस्तान के करोड़ों किसानों के डेथ वारंट पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। अमेरिका के साथ देश के करोड़ों किसानों की बर्बादी के समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
संजय सिंह ने कहा कि अमेरिका के किसान को करीब 70 से 80 लाख रुपए और एक वर्ष के आंकड़े के अनुसार एक करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी मिलती है, जबकि हिंदुस्तान के किसानों के लिए कृषि जीवनयापन का साधन है। वह गेहूं बेचकर बच्चों की फीस देता है और अनाज बेचकर बेटी की शादी करता है। ऐसे में हिंदुस्तान के किसानों को अमेरिका के बाजार में ले जाकर बेच दिया गया।
संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के स्वाभिमान और सम्मान को इसलिए गिरवी रख दिया क्योंकि उनके दोस्त अडानी को समन मिल गया और वह हजारों करोड़ के भ्रष्टाचार में अमेरिका में फंस गए। साथ ही, एपस्टीन फाइल्स में नाम आने के कारण दबाव में यह कदम उठाया गया। हिंदुस्तान के लिए तेल का बाजार अमेरिका के लिए खोल दिया गया, जिससे नागरिकों को हर साल 80 हजार करोड़ रुपए का घाटा भुगतना पड़ेगा। रूस से सस्ता तेल न खरीदकर अमेरिका और वेनेजुएला से महंगा तेल खरीदा जा रहा है। प्रधानमंत्री को सामने आकर बताना पड़ेगा कि उन्होंने देश को इतना बड़ा झूठ और धोखा क्यों दिया?