आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने सोमवार को संसद में मणिपुर के बजट को लेकर हुई चर्चा के दौरान भाजपा की केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि ये गांधी जी को नहीं, गोड्से को पूजने वाले लोग हैं। इसलिए देश के अंदर माहौल खराब हो रहा है। मोदी जी को ‘म’ से मछली, मटन, मुगल याद रहता है लेकिन मणिपुर याद नहीं रहता। इसलिए वह दो साल से जल रहे मणिपुर नहीं गए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मणिपुर में शांति स्थापित कर लोकतंत्र की बहाली करे। अगर लोकतंत्र का गला घोंटा जाता है तो देश में तानाशाही आती है, जो किसी भी देश के लिए अच्छी नहीं है। यह देश गोड्से के रास्ते पर आगे नहीं बढ़ेगा, बल्कि गांधी जी और गौतम बुद्ध के आदर्शों पर आगे बढ़ेगा।
संसद में संजय सिंह ने कहा कि मैंने मणिपुर का मुद्दा सदन में उठाया था। हो सकता है कि मेरे तरीके से सरकार असहमत रही हो, लेकिन मुझे भारतीय संसदीय इतिहास में सबसे ज्यादा समय तक सस्पेंड रखा गया। मणिपुर का मुद्दा उठाने के कारण 11 महीने तक मैं सदन से बाहर रहा। मणिपुर का बजट ऐसे वक्त में आ रहा है, जब देश की अर्थव्यवस्था की हालत पतली है। जब शेयर मार्केट में 5 महीने के अंदर देश के आम लोगों का 94 लाख करोड रुपये डूब गए। ऐसे समय में जब बेरोजगारी 50 सालों में सबसे ज्यादा बढ़ गई। ऐसे वक्त में जब केंद्र सरकार के इस कार्यकाल के अंदर 186 लाख करोड रुपये का कर्ज देश के ऊपर है। ऐसे समय में जब अमीर और गरीब के बीच की दूरी इतनी बढ़ गई है, जितनी 100 साल पहले थी।
संजय सिंह ने कहा कि मोदी जी को ‘म’ शब्द से बहुत प्यार है। ‘म’ से मटन, ‘म’ से मछली, ‘म’ से मुगल, ‘म’ से मुसलमान याद रहता है, लेकिन ‘म’ से मणिपुर याद नहीं रहता। दो सालों से मणिपुर जल रहा है। देश के केंद्रीय मंत्री, राज्य के पीडब्ल्यूडी मंत्री, कंज्यूमर अफेयर मंत्री समेत कई विधायकों के घर जलाए गए। इसके बावजूद दो साल में भारत के प्रधानमंत्री को एक दिन का भी वक्त नहीं मिला कि अपनी संवेदना जताने के लिए वह मणिपुर जा सकें। देश का प्रधानमंत्री देश का अभिभावक होता है। सरकार देश की माता-पिता होती है। लेकिन राज्य की सरकार मणिपुर को जलाने में लग जाती है और केंद्र की सरकार जो राज्य सरकार मणिपुर को जला रही थी उस सरकार की मदद करने में लग जाती है। ऐसे में मणिपुर कैसे बचेगा?
संजय सिंह ने कहा कि यह देश महात्मा गांधी और गौतम बुद्ध के आदर्शों पर चलेगा। यह देश अहिंसा के आदर्शों पर चलेगा। मुझे अफसोस है, आज पूरे देश में हिंसा और दंगे-फसाद की नौबत क्यों आती है? पूरे देश में नफरत क्यों फैलाई जाती है। इसकी वजह है कि इनको गांधी से प्यार नहीं हैं, ये गोड्से को पूजने वाले लोग हैं। इसीलिए देश के अंदर माहौल खराब हो रहा है। दुनिया के 80 देशों में साबरमती के संत राष्ट्रपति महात्मा गांधी की मूर्तियां लगी हुई हैं। लेकिन संसद परिसर में महात्मा गांधी की मूर्ति मुख्य स्थान में लगी थी, उसे हटाकर एक कोने में कर दिया।
संजय सिंह ने टीएमसी की सांसद का हवाला देते हुए कहा कि वह जिस ऑडियो की बात कर रही थीं, वह बहुत ही गंभीर ऑडियो है। उसकी जांच होनी चाहिए और जांच में सत्यता पाई जाती है तो मणिपुर के तत्कालीन मुख्यमंत्री को गिरफ्तार करके उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। वायर नामक न्यूज वेबसाइट ने वह ऑडियो जारी किया है। उसमें मणिपुर का मुख्यमंत्री कह रहा है कि मेरे पास देश के गृहमंत्री अमित शाह का फोन आया। अमित शाह कहते हैं कि बिरेन सिंह तुम बम मारता है, चुपके से मारा करो। यह देश के गृहमंत्री और मणिपुर के मुख्यमंत्री के बीच की चर्चा है। यह ऑडियो सार्वजनिक होनी चाहिए। पूरे देश को पता चलना चाहिए कि मणिपुर का मुख्यमंत्री सच बोल रहा था या गलत बोल रहा था।
संजय सिंह ने कहा कि मणिपुर आज बदहाली में हैं। वहां 300 लोगों की जान जा चुकी है, सात हजार लोग बेघर हो चुके हैं, 5 हजार घर जलाए गए। 386 धर्मिक स्थलों को जलाने का काम किया गया। मणिपुर के 18 हजार लोग बाढ़ से भी प्रभावित हुए। 24 हजार बाढ़ में तहस-नहस हो गए। ऐसे राज्य को मदद देने की बात आई तो बजट में मात्र 0.50 फीसद की बढ़ोत्तरी की गई। 2024-25 में मणिपुर का बजट 34899 करोड़ का बजट था। उस बजट को रिवाइज करके 32656 करोड़ कर दिया। अब 2025-26 में इस बजट में मात्र 0.50 फीसद की बढ़ोत्तरी करके 35103 करोड़ रुपए का कर दिया।
संजय सिंह ने कहा कि केंद्रीय योजनाओं में भी मणिपुर के साथ भेदभाव किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना में 72 फीसद बजट की कटौती की गई, आयुष्मान भारत योजना में 78 फीसद बजट की कटौती हुई, ओबीसी स्कॉलरशिप में 58 फीसद, राष्ट्रीय ग्राम्य स्वराज अभियान में 42 फीसद, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्य योजना में 60 फीसद, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में 30 फीसद की कटौती की गई। मणिपुर में महिलाओं के साथ रेप की घटनाएं हुई। एक कारगिल योद्धा की पत्नी को निर्वस्त्र करके घुमाया गया