आम आदमी पार्टी (आप) का कहना है कि दिल्ली में चार इंजन वाली भाजपा सरकार की निजी स्कूलों के साथ मिली भगत है और वह स्कूलों के साथ मिलकर मनमाना फीस वृद्धि करवा रही है। दिल्ली पब्लिक स्कूल में बच्चों के उत्पीड़न हवाला देते हुए ‘‘आप’’ के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भाजपा सरकार से छह गंभीर सवाल पूछे हैं। इसमें डीएम की रिपोर्ट आने के बावजूद डीपीएस पर एफआईआर न होना, ऑडिट रिपोर्ट का न होना और फीस वृद्धि पर रोक लगाने का आदेश जारी नहीं करना शामिल है। सौरभ भारद्वाज ने सरकार द्वारा फीस वृद्धि पर रोक नहीं लगाने को मुनाफाखोरी कर रहे शिक्षण संस्थानों को बचाने के लिए अभिभावकों के साथ जानबूझकर किया गया विश्वासघात बताया।
आम आदमी पार्टी का कहना है कि भाजपा झूठ बोल रही है। वह सिर्फ “आप” को बदनाम करने की कोशिश कर रही है, लेकिन सच सबके सामने है। जब दिल्ली में “आप” की सरकार थी, निजी स्कूलों में कभी फीस वृद्धि नहीं हुई। लेकिन भाजपा के सत्ता में आते ही निजी स्कूलों में फीस आसमान छूने लगी।
“आप” ने आगे कहा है कि हमारी सरकार में सीएजी ने प्राइवेट स्कूलों का ऑडिट कराया। भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हुआ। पैरेंट्स से अधिक वसूली गई गई रकम उनको वापस दिलाई गई। दिल्ली के निजी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी का यह सारा ड्रामा तब से शुरू हुआ है, जब से भाजपा सत्ता में आई है।
“आप” ने कहा कि यह स्पष्ट है कि सरकार के पास पहले दिन से ही यह पावर थी कि वह स्कूलों को ऑडिट पूरा होने तक फीस बढ़ोतरी पर रोक लगाने का आदेश दे सकती थी। लेकिन सरकार ने जानबूझकर ऐसा नहीं किया। क्योंकि वह अपने लोगों को बचा रही है। अनएडेड प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भरत अरोड़ा भाजपा की दिल्ली कार्यकारिणी के सदस्य हैं। भाजपा की साठगांठ का यह पक्का सबूत है।
‘‘आप’’ दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा का निजी स्कूलों से साठगांठ ही दिल्ली में लाखों अभिभावकों पर मनमानी फीस का बोझ डाल रहा है। उन्होंने सरकार से पूछा कि डीएम की रिपोर्ट के बावजूद डीपीएस पर एफसीआर क्यों नहीं हुई? अभिभावकों को बार-बार हाई कोर्ट के चक्कर क्यों काटने पड़ रहे हैं? भाजपा डीपीएस को टेकओवर कर रेगुलेशन में क्यों नहीं लाना चाहती है? डीपीएस की ऑडिट रिपोर्ट कहां है? जैसा भाजपा दावा करती है कि 1600 से ज्यादा प्राइवेट स्कूलों के ऑडिट हुई है तो उसकी क्या फाइंडिंग्स हैं? क्या भाजपा की दिल्ली सरकार ने एक भी स्कूल की गैरकानूनी तरीके से वसूली गई बढ़ी फीस वापस कराने का ऑर्डर दिया? इन सवालों के जवाब भाजपा और मुनाफाखोर प्राइवेट स्कूलों के बीच गहरी साठगांठ को बेनकाब करता है।