आम आदमी पार्टी ने पाक अधिकृत कश्मीर को वापस लेने का झूठा वादा करने वाली भाजपा और उसकी केंद्र सरकार की असलियत पूरे देश के सामने खोलकर रख दी। ‘‘आप’’ दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब पीओके लेने की बारी आई तो मोदी सरकार पीछे हट गई। पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत भाजपा के तमाम नेता बार-बार कहते थे कि पीओके लिए जान भी दे देंगे, लेकिन जब जान देने की बारी आई तो सीजफायर कर दिया। भारतीय सेना पीओके जीत लेती, लेकिन प्रधानमंत्री ने देश को धोखा देते हुए यह सुनहरा मौका गंवा दिया। अब देश जान गया है कि पिछले 78 साल से भाजपा पीओके को लेने की बात कहकर बेवकूफ बना रही थी। आज भाजपा कार्यकर्ता हताश-निराश हैं और सरकार को तिरंगा यात्रा निकालने के लिए उन्हें कहना पड़ रहा है।
मंगलवार को पार्टी मुख्यालय पर प्रेसवार्ता कर सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जिस कार्यकर्ता ने दशकों से भाजपा के लिए गली-मोहल्ले में जाकर वोट मांगे, वह आज निराश, हताश और दुखी होकर घर बैठा है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने खुद तिरंगा यात्रा नहीं निकाली, बल्कि भाजपा सरकार को तिरंगा यात्रा निकालने के लिए कहना पड़ रहा है। पिछले 78 आरएसएस का यह कार्यकर्ता रोज सुबह की शाखा से पढ़ता-पढ़ाता था कि भाजपा की सरकार बनेगी तो पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) वापस जीता जाएगा। नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनेंगे तो पीओके वापस लिया जाएगा। यह बात खुद कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कंेद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कही कि कांग्रेस की कमजोरी की वजह से पीओके वापस नहीं आ पाया।
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि अमित शाह ने तो यहां तक कह दिया था कि आजादी के बाद जब भारत-पाक युद्ध हुआ तो सीजफायर कर दिया गया। अगर तीन दिन बाद सीजफायर होता पीओके भारत का होता। अमित शाह कह रहे हैं कि भारत सरकार ने सीजफायर करके गलती कर दी थी। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले अमित शाह ने कहा था कि कांग्रेस वाले कह रहे हैं कि पाकिस्तान के पास एटम बम है, पीओके के बारे में सोचना बंद कर दो। फिर अमित शाह ने कहा था कि हम पीओके लेकर रहेंगे। हम एटम बम से डरने वाले नहीं हैं। अमित शाह को एटम बम से डर नहीं हैं और उनको मालूम है कि पीओके जीतने के बाद सीजफायर जल्दी करनी है। भाजपा ने संसद से लेकर चुनावी रैलियों में कहा कि पीओके लिए जान दे देंगे और जब जान देने की बारी आई, सीजफायर कर दिया। इनकी तो जान जा भी नहीं रही थी।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भारतीय सेना और वायु सेना का शौर्य पराक्रम ऐसा था कि हम पाकिस्तान के छक्के छुड़ा रहे थे। पाकिस्तान का कोई भी ड्रोन भारत पर हमला नहीं कर पाया और उनकी कोई मिसाइल भारत को नहीं छू सकी। भारत ने पाकिस्तान की एक-एक मिसाइल और ड्रोन को निष्क्रिय कर दिया। पाकिस्तान घबराया हुआ था, हार रहा था और भारतीय सेना जीत रही थी। क्या भाजपा की पाकिस्तान से रिश्तेदारी है जो प्रधानमंत्री ने युद्ध विराम कर दिया। प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि पाकिस्तान से फोन आ गया, इसलिए युद्ध विराम कर दिया। इसका मतलब है कि पिछले 78 साल से भाजपा पीओके को लेने की बात कहकर देश के लोगों को बेवकूफ बना रही थी। जब पीओके को लेने की बारी आई और सेना सबकुछ कर रही थी, तब प्रधानमंत्री ने सीजफायर कर दिया।
सौरभ भारद्वाज ने सवाल किया कि क्या भाजपा ने पीओके को वापस लेने की अपनी राजनैतिक इच्छा शक्ति खत्म कर दी है? क्या पीओके को वापस लेने का वादा झूठा था? क्या भाजपा को देश को नहीं बताना चाहिए कि जब भारतीय सेना पीओके जीतने वाली थी, तब प्रधानमंत्री ने युद्ध विराम क्यों कर दिया? जब भारत जीत रहा था तो प्रधानमंत्री पीछे क्यों हट गए? यह सारे सवालों के जवाब केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री को देना चाहिए। प्रधानमंत्री ने ही बताया कि युद्ध विराम का फैसला खुद उन्होंने ही लिया। इतिहास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पीओके को हासिल करने का सबसे बड़ा मौका दिया था, लेकिन उन्होंने यह मौका हमेशा के लिए गंवा दिया। पाकिस्तान ने गलती की थी, भारत जीत रहा था, हम युद्ध में काफी आगे थे और भारत पीओके जीत सकता था, लेकिन यह मौका गंवा दिया।
सौरभ भारद्वाज ने बड़े दुख के साथ कहा कि पीओके को वापस लेने का वादा कर पूरे देश को धोखा दिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकसभा चुनाव में देश से वादा किया था कि नरेंद्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बना दो, छह महीने के अंदर पीओके भारत का हिस्सा होगा। अब छह महीने से ज्यादा हो गए हैं और इनको पीओके वापस लेने का मौका भी मिला, लेकिन पीओके वापस लेने से पहले सीजफायर कर भारतीय सेना को वापस बुला लिया गया।