दिल्ली चुनाव से पहले यमुना के प्रदूषण को लेकर हाय-तौबा मचाने वाली भाजपा को सत्ता में आने के बाद यमुना का प्रदूषण कम होने के बजाय और बढ़ गया है। छठ महापर्व के दो माह बाद आई दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) की रिपोर्ट ने भाजपा सरकार द्वारा यमुना के सफाई अभियान को लेकर किए जा रहे दावों की पोल खोल दी है। डीपीसीसी की रिपोर्ट और कालिंदी कुंज स्थित यमुना घाट के आसपास पानी पर तैर रहे जहरीले सफेद झाग को लेकर आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने छठ के दौरान फर्जीवाड़ा कर दिल्लीवालों को यकीन दिलाने की कोशिश की कि उसने यमुना साफ कर दी है। लेकिन यह नौटंकी सिर्फ छठ पूजा के लिए थी। अब फिर यमुना में फीकल कोलीफॉर्म 92 हजार पहुंच गया है।
आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने यमुना नदी का एक वीडियो सोशल मीडिया एक्स पर साझा कर भाजपा सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने कहा कि आज यमुना का असली सच यह है कि छठ महापर्व के बाद यमुना और प्रदूषित हो गई है। भाजपा सरकार यमुना की सफाई को लेकर सिर्फ ढोल पीटती है, लेकिन हकीकत यह है कि जमीन पर कोई काम नहीं दिखाई दे रहा है। सरकार ने अपनी नाकामी को छिपाने के लिए छह महापर्व के बाद यमुना के प्रदूषण को लेकर मासिक रिपोर्ट नहीं जारी की थी। अब जब दो महीने बाद दिल्ली सरकार के अधीन डीपीसीसी ने रिपोर्ट जारी की है, तो वह बेहद चिंता जनक स्थिति बयां कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार फीकल कोलिफार्म का स्तर अक्टूबर के मुकाबले दिसंबर में कई गुना बढ़ गया है।
सोमवार को एक्स पर एक वीडियो साझा कर सौरभ भारद्वाज ने मदनपुर खादर, कालिंदी कुंज के पास की यमुना नदी की स्थिति दिखाई, जिसमें हर जगह झाग ही झाग नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा की चार इंजन की सरकार ने फर्जीवाड़ा करके छठ के आसपास दिल्ली के लोगों को यकीन दिलाने की कोशिश की थी कि उन्होंने यमुना साफ कर दी है। उन्होंने दिल्ली सरकार के ही डीपीसीसी (दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति) के आंकड़े दिखाते हुए बताया कि 9 अक्टूबर 2025 की रिपोर्ट में आईएसबीटी ब्रिज के पास फीकल कोलीफॉर्म (जो मल और अनट्रीटेड सीवेज वेस्ट होता है) करीब 21,000 था। छठ पूजा से करीब 15 दिन पहले जब भाजपा ने हरियाणा और उत्तर प्रदेश का पानी छोड़ना शुरू किया, तो 20 अक्टूबर यानी छठ पूजा से करीब 8 दिन पहले आईएसबीटी ब्रिज पर फीकल कोलीफॉर्म घटकर 8,000 तक आ गया।
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि हालांकि फीकल कोलीफॉर्म की सुरक्षित सीमा 500 होती है। 8,000 का स्तर भी सुरक्षित और वांछनीय सीमा से बहुत ज्यादा (करीब 16 गुना) था, लेकिन भाजपा इसे घटाकर यहां तक ले आई थी। इसके बाद छठ पूजा बीत गई और यमुना वापस अपनी पुरानी स्थिति पर आने लगी। उन्होंने बताया कि 6 नवंबर 2025 को जब आईएसबीटी ब्रिज पर सैंपल लिए गए, तो वहां फीकल कोलीफॉर्म 8,000 से बढ़कर दोबारा 49,000 पहुंच गया। इसके कुछ दिनों बाद जो 3 दिसंबर की नवीनतम रिपोर्ट आई है, उसमें आईएसबीटी ब्रिज पर यह आंकड़ा 92,000 हो गया है।
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि 8,000 तक लाकर जो फर्जीवाड़ा किया गया था, वह सिर्फ पीछे से हरियाणा और उत्तर प्रदेश का पानी यमुना में डालने के कारण था। अब वह पानी आना बंद हो गया है। वह नौटंकी सिर्फ दो हफ्ते के लिए छठ पूजा के वास्ते की गई थी। नौटंकी खत्म होते ही आईएसबीटी के पास यमुना में मल का स्तर वापस 92,000 फीकल कोलीफॉर्म तक पहुंच गया है। यही भाजपा की सच्चाई है।
वहीं, आम आदमी पार्टी ने अपने एक्स हैंडल पर सीएम रेखा गुप्ता को टैग करते हुए इसी वीडियो को साझा किया है। ‘‘आप’’ ने भाजपा सरकार द्वारा छठ के दौरान की गई दिखावटी सफाई को लेकर रेखा गुप्ता सरकार कटाक्ष किया है। ‘‘आप’’ ने सीएम रेखा गुप्ता से कहा कि आपकी सरकार द्वारा कराई गई यमुना जी की सफ़ाई के बाद नदी कुछ ज्यादा ही साफ दिखाई दे रही है। क्या आपको यमुना नदी में तैरता यह जहरीला झाग दिखाई नहीं देता?