आम आदमी पार्टी ने सिख गुरुओं की बेअदबी करने वाले भाजपा मंत्री कपिल मिश्रा को ईशनिंदा कानून के तहत तीन साल की कड़ी सजा देने की मांग की है। ‘‘आप’’ की राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि दिल्ली में दंगे भड़काने के लिए जब कपिल मिश्रा पर एफआईआर होने वाली थी, तब भी भाजपा उनके बचाव में आ गई थी और जज साहब का तबादला करवा दिया। अब कपिल मिश्रा को मंत्री बनाकर सम्मानित किया है। इस बार की हरकत पर कपिल मिश्रा को ईशनिंदा कानून के तहत तीन साल की जेल होनी चाहिए, ताकि भाजपा का कोई भी नेता फिर दुबारा ऐसी हिमाकत न कर सके। भाजपा ने पंजाब में खुद को स्थापित करने के लिए धार्मिक भावनाएं भड़काने और लोगों में विवाद पैदा करने की कोशिश की है।
शनिवार को “आप” मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि भाजपा ने एक बार फिर अपने चिर-परिचित अंदाज में धार्मिक भावनाओं को भड़काने और लोगों के बीच में साम्प्रदायिक विवाद पैदा करने की कोशिश की है, ताकि पंजाब में वे खुद को स्थापित कर पाएं। उन्होंने कहा कि अब हमारे सामने दो फॉरेंसिक रिपोर्ट आ चुकी हैं और दोनों का ही साफ कहना है कि आतिशी ने ‘‘गुरु’’ शब्द का प्रयोग ही नहीं किया। एक फॉरेंसिक रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कपिल मिश्रा ने जो वीडियो ट्वीट किया था, वह वीडियो डॉक्टर्ड और छेड़छाड़ किया हुआ था।
प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि पहले भी कपिल मिश्रा को धार्मिक विवाद पैदा करने की कोशिश करते हुए देखा गया है। देश ने यह भी देखा कि भाजपा ने कैसे कपिल मिश्रा का बचाव किया और जब कपिल मिश्रा के ऊपर एफआईआर होने वाली थी, तो जज साहब का ही ट्रांसफर करा दिया। बार-बार देखने को मिल रहा है कि भाजपा देश में नफरत फैलाने का काम करने वाले ऐसे नफरती लोगों को प्रमोशन देती है और मंत्रियों जैसे बड़े ओहदे दे देती है।
प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि इस बार कपिल मिश्रा को कड़ी से कड़ी सजा होनी चाहिए। उन्होंने ईशनिंदा का यह घोर दुस्साहस किया है। न वे पंजाब को समझते हैं, न पंजाबियत को समझते हैं और न ही सिखी को समझते हैं। उन्होंने वीडियो को डॉक्टर्ड करके जो शब्द उसमें डाला, इसका परिणाम उनके लिए बहुत गंभीर होगा। ईशनिंदा कानून के तहत उनको तीन साल की सजा होनी चाहिए, ताकि वे ऐसा दुस्साहस न कर पाएं और उन सभी नफरत फैलाने वाले नेताओं को एक संदेश जाए कि राजनीति में मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।
प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि मुद्दा यह बनना चाहिए कि 2026 के भारत में भाजपा शासित राज्यों में लोग जहरीला पानी पीकर मर रहे हैं। भाजपा जो पंजाब में विवाद पैदा करने की कोशिश कर रही है और ऐसे फर्जी वीडियो डाल रही है, उनका यह प्रयोग सफल नहीं होगा। भाजपा पंजाब के बलिदान और वहां की संस्कृति को नहीं समझती। भाजपा यह नहीं जानती कि सिखी और पंजाबियत क्या होती है। इसलिए भाजपा मुद्दों की चर्चा करे और यह नफरती राजनीति छोड़ दे और कपिल मिश्रा जैसे नफरती लोगों को प्रमोट करना छोड़ दे, तभी यह देश आगे बढ़ सकता है