आम आदमी पार्टी ने भाजपा द्वारा जारी संकल्प पत्र को जुमला पत्र बताते हुए जमकर हमला बोला। ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज अमित शाह जी दिल्ली आए और मुझे गालियां देकर चले गए। क्या गालियों से दिल्ली का विकास होगा? इनके पास दिल्ली के लिए ना कोई प्लान है ना कोई विज़न। अरे, और कुछ नहीं तो जो सुविधाएं हम दे रहे हैं, उन्हें ही रिपीट कर देते? भाजपा दिल्ली में सरेंडर कर चुकी है। भाजपा का चुनाव ख़त्म हो गया। वहीं, अमित शाह द्वारा अनधिकृत कालोनियों के लोगों को मालिकाना हक देने के वादे पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि.ये तो वही वादा है ना जो प्रधानमंत्री जी ने 2015 और 2020 में भी किया था। अब फिर से वही पुराना वादा? इस तरह खुलेआम झूठ बोलने में आपको हिचक भी नहीं होती। हर चुनाव में झूठे वादे?
उधर, आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि आज भाजपा ने अपना एक और जुमला पत्र जारी किया है जिसे वह घोषणा पत्र कह रहे हैं। गृहमंत्री अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया और अपने जुमला पत्र में जो मुद्दे लिखे हैं, उनकी भाषा और उनकी घोषणाओं को देखकर लगता है कि भाजपा अंदर ही अंदर स्वीकार कर चुकी है कि भाजपा दिल्ली में चुनाव हार रही है और उनकी कोई सरकार नहीं बन रही है। वरना आज अमित शाह दिल्ली के लोगों के लिए कोई विजन पेश करते और बताते की भाजपा और केंद्र सरकार दिल्ली के लिए क्या करेगी? दूसरे राज्यों में उन्होंने क्या किया और उसमें से दिल्ली में क्या करेंगे? लेकिन अमित शाह ने इस बारे में कोई बात नहीं रखी।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि अमित शाह ने कह रहे है कि अगर भाजपा की सरकार बनी तो दिल्ली में 50 हजार नौकरियां देंगे। अमित शाह दिल्ली के लोगों के साथ मजाक क्यों कर रहे हैं? दिल्ली में करीब ढाई करोड़ लोग रहते हैं और अमित शाह यहां मात्र 50 हजार नौकरियां देने की बात कर रहे हैं। बाकी लोग कहां जाएंगे? वो क्या करेंगे? इसका मतलब अमित शाह के पास कोई प्लान नहीं है। उनके पास कोई विजन नहीं है। वहीं, अमित शाह जिस अरविंद केजरीवाल को प्रेस कॉन्फ्रेंस में भर-भरकर गालियां देते हैं उन केजरीवाल जी के पास प्लान है। अरविंद केजरीवाल ने कोविड के दौरान और उसके बाद कोविड की मार से उबरने के लिए दिल्ली में 12 लाख नौकरियों के अवसर पैदा किए थे। दिल्ली में लाखों की संख्यां में नौकरी की जरूरत है और अमित शाह मात्र 50 हजार नौकरी देने की बात कर रहे हैं।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि अमित शाह आप दिल्ली के लोगों का मजाक क्यों उड़ा रहे हैं? आम मान रहे हो कि दिल्ली में भाजपा हार रही है और आपकी सरकार नहीं बन रही है। अमित शाह हो मालूम है कि घोषणा पत्र के नाम पर जनता से कुछ भी झूठ बोल देंगे। लेकिन आप कम से कम झूठ तो कायदे का बोल लो। अमित शाह ढाई करोड़ लोगों के लिए 50 हजार नौकरियां का वादा करके क्या साबित कर रहे हैं?
मनीष सिसोदिया ने आगे कहा कि अमित शाह वादा कर रहे हैं कि दिल्ली में डी-सीलिंग करवाएंगे। पिछले 20 साल से दिल्ली में दुकानों की सीलिंग कौन करा रहा है? गरीब दुकानदारों की रोजी-रोटी पिछले 20 साल से कौन छीनकर बैठा हुआ है? 20 साल से अब तक और पिछले 5-7 सालों में भाजपा के नेताओं ने खड़े होकर दुकानों की सीलिंग कराई है। जब आम आदमी पार्टी के नेता सीलिंग का विरोध करते थे तो उनकी बात नहीं सुनी जाती थी।
मनीष सिसोदिया ने आगे बताया कि 2022 में एमसीडी के अंदर आम आदमी पार्टी की सरकार आने के बाद से जब हमारी पार्टी के नेता सीलिंग खुलवाने गए तो भाजपा के नेताओं ने उसका विरोध किया और उसकी सीलिंग खुलने नहीं दी। जंगपुरा विधानसभा के लाजपत नगर में भाजपा सीलिंग कराने का काम कर रही थी लेकिन आम आदमी पार्टी के विरोध के बाद वहां से सारी सीलिंग हटवाई गई। हमने लाजपत नगर में सीलिंग नहीं होने दी। और आज अमित शाह अपने चुनावी घोषणा पत्र में कह रहे हैं कि वो सीलिंग हटवाएंगे। 20-20 सालों से भाजपा ने सीलिंग करवाई ही क्यों थी? भाजपा के नेताओं ने वसूली के चक्कर में खड़े होकर दुकानों की सीलिंग करवाई थी।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि आज दिल्ली का व्यापारी गृह मंत्री अमित शाह से सुरक्षा चाहता है। दिल्ली का व्यापारी चाहता है कि उसकी और उसके परिवार की सुरक्षा हो। लेकिन इसके बदले में उन्हें गैंगस्टर्स की धमकी, उनके दुकानों के आगे खुलेआम फायरिंग, किडनैपिंग और मर्डर की धमकियां मिल रही हैं। पिछले 10 साल से दिल्ली की कानून व्यवस्था गृहमंत्री अमित शाह के हाथ में है। झूठा घोषणा पत्र तो अलग बात है, लेकिन दिल्ली के लोगों ने कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी जो आपको दे रखी है कम से कम इन व्यापारियों को सुरक्षा तो दे दो। दिल्ली के व्यापारी आज गैंगस्टर्स की दहशत में जी रहे हैं। पता नहीं कब किस गैंगस्टर्स को पता चल जाए कि इस व्यापारी का धंधा अच्छा चल रहा है उसे तुरंत धमकियों के फोन आने लग जाएंगे। अमित शाह दिल्ली के व्यापारियों को सुरक्षा दें, न की जुमले।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि अमित शाह कह रहे हैं कि वो वकीलों को बीमा देंगे। लेकिन शायद उन्हें किसी ने बताया नहीं है कि अरविंद केजरीवाल पहले से ही दिल्ली के सभी वकीलों का बीमा करा चुके हैं। दिल्ली के वकील केजरीवाल की सरकार से बहुत खुश हैं और उसका फायदा भी उठा रहे हैं। जब उनके पास ओरिजनल केजरीवाल हैं तो वह उसी योजना का डुप्लीकेट लेकर क्या करेंगे? अमित शाह दिल्ली के लोगों से कह रहे हैं कि वह ई-बस लाएंगे। शायद अमित शाह को उनके लोगों ने बताया नहीं है कि दिल्ली आज दुनिया भर में ई-बसों की राजधानी बन गई है। दुनिया की सबसे बड़ी ई बस फ्लीट आज दिल्ली में है। दुनिया के किसी शहर में आज इतनी ई-बसें नहीं हैं जितनी अकेले दिल्ली में हैं। अमित शाह कह रहे हैं कि उनकी सरकार बन गई तो ई बसें लाएंगे। जबकि उन्हें भी पता है कि उसकी सरकार नहीं बन रही है। इसलिए वह केजरीवाल के वादों को ही कॉपी पेस्ट कर रहे हैं।
मनीष सिसोदिया ने आगे कहा कि पहले ये लोग अरविंद केजरीवाल को गालियां देते हैं और उसके बाद केजरीवाल ने जो काम कर रखे हैं उन्हें उठाकर ही अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताते है कि हम भी ये-ये चीजें करेंगे। भाजपा हार मान चुकी है। भाजपा केवल औपचारिकता के लिए दिल्ली में जुमला पत्र लेकर आई है। ढाई करोड़ लोगों पर 50 हजार नौकरियां देने का वादा कर दिल्ली के लोगों का मजाक बना रही है। दिल्ली में पहले से ई-बसें हैं। वकीलों का पहले से बीमा है। भाजपा खुद 20 सालों से दुकानों की सीलिंग करा रही है। जब आम आदमी पार्टी की सरकार आने के बाद हमने सीलिंग खोलनी शुरु की तो भाजपा के नेताओं ने आकर इसका विरोध किया। यह सब छोड़कर भाजपा मान ले कि वह हार चुकी है। भाजपा को भी पता है कि 5 फरवरी को जनता अपना निर्णय दे देगी।