एमसीडी के सदन में लाए गए 12 हजार कर्मचारियों को पक्का करने और हाउस टैक्स में छूट देने के प्रस्ताव का भाजपा द्वारा विरोध करने की आम आदमी पार्टी ने कड़ी आलोचना की है। ‘‘आप’’ नेता दुर्गेश पाठक ने कहा कि इन दोनों प्रस्तावों का विरोध कर भाजपा ने बता दिया कि वह दिल्लीवालों से नफरत करती है। हालांकि भाजपा के भारी हंगामे के बीच ‘‘आप’’ सरकार ने इन प्रस्तावों को पास कर दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा को इन अच्छे कामों का समर्थन करना चाहिए था, लेकिन उसके पार्षद गुंडागर्दी पर उतर आए। उन्होंने एजेंडे को फाड़ दिया और मेयर की कुर्सी पर चढ़कर माइक तक तोड़ दी। भाजपा 15 साल तक एमसीडी की सत्ता में रह चुकी है। लेकिन उसने एक भी काम नहीं किया, उल्टा निगम को कंगाल कर दिया और दिल्ली के अंदर कूड़े का पहाड़ बना दिया।
आम आदमी पार्टी के नेता दुर्गेश पाठक ने मंगलवार को पार्टी मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर कहा कि जबसे एमसीडी में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी है, तबसे भाजपा को यह बात नहीं पच रही है कि हमने कैसे एमसीडी में सरकार बना ली। आम आदमी पार्टी के एमसीडी में पिछले दो साल के शासन के दौरान इन्होंने शुरू के चार महीने मेयर नहीं बनने दिया। स्टैंडिंग कमेटी का चुनाव नहीं होने दिया। हर हाउस के अंदर मार-पीट, लड़ाई-झगड़ा करते हैं और सारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को तार-तार करते हैं। मंगलवार को भी एमसीडी का हाउस था और दिल्ली से चुने हुए सभी पार्षद इसमें हिस्सा लेते हैं। हर महीने होने वाले हाउस के अंदर दिल्ली से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होती है, उस पर निर्णय होता है और सहमति के साथ आगे के फैसले होते हैं। पिछले जितने भी हाउस हुए हैं, भाजपा ने सभी में केवल बदतमीजी, गुंडागर्दी और लड़ाई-झगड़ा किया है।
दुर्गेश पाठक ने कहा कि आम आदमी पार्टी की एमसीडी सरकार ने घोषणा की थी कि आज के हाउस में दिल्ली के लोगों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय लिया जाएगा। पहला कि दिल्ली के अंदर बहुत सारे लोगों का 15-20 साल से हाउस टैक्स बकाया है, कई जगहों पर एमसीडी ने गलत रीडिंग की हुई है। इस चक्कर में दिल्ली के लोग अधिकारियों के भ्रष्टाचार और ब्लैकमेलिंग का शिकार हो रहे हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार ने यह फैसला किया कि लोग 2024-25 का अपना हाउस टैक्स जमा कर दें तो उनका पुराना सारा बकाया हाउस टैक्स माफ कर दिया जाएगा। जब से यह घोषणा हुई है, लोग बहुत खुश हैं और कह रहे हैं कि उन्हें यही तो चाहिए था। उनके लिए इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता था।
दुर्गेश पाठक ने आगे कहा कि वहीं हमने दूसरा निर्णय लिया कि 100 गज से कम के मकानों का हाउस टैक्स 2025-26 वित्तीय वर्ष में पूरी तरह से जीरो कर दिया जाएगा। उन पर कोई हाउस टैक्स नहीं लगाएंगे। वहीं, 100 से 500 गज में बने मकानों का हाउस टैक्स आधा कर देंगे। रिहायशी इलाकों की दुकानों से एमसीडी जो टैक्स लेती है, उसे भी जीरो कर दिया जाएगा। इसके अलावा दिल्ली के अंदर लगभग 13 हजार अपार्टमेंट हैं जिन्हें किसी भी तरह से हाउस टैक्स का फायदा नहीं मिलता है। हमने कहा है कि अगर वो लोग समय से अपना हाउस टैक्स जमा कराएंगे तो हम उन्हें 25 फीसद की छूट देंगे। यह दिल्ली के लोगों के लिए बड़े फैसले हैं। यह एमसीडी के अंदर इतना बड़ा रिफॉर्म है जिसे आज तक भाजपा ने कभी करने के बारे में नहीं सोचा।
दुर्गेश पाठक ने कहा कि एमसीडी के अंदर लगभग 12000 से ज्यादा कच्चे कर्मचारी हैं, जिसमें कोई 20 साल से काम कर रहा है, कोई 30 साल से काम कर रहा है। उनकी एक ही डिमांड है कि उन्हें पक्का किया जाए जिससे उनकी सैलरी भी बढ़ जाएगी और नौकरी भी सुरक्षित होगी। हमने दो साल के अंदर एमसीडी को प्रॉफिट में ला दिया। सारे कर्मचारियों को पहली तारीख को सैलरी मिलती है। इसके बाद आम आदमी पार्टी की सरकार ने फैसला लिया कि अब हमारे पास रेवेन्यू की स्थिति ठीक है तो हम यह फैसला ले सकते हैं। दो साल के अंदर जब एमसीडी प्रॉफिट में आ गई तो उसका फायदा दिल्ली के लोगों और एमसीडी के कर्मचारियों को होना चाहिए। आज एमसीडी के हाउस में यह दो प्रस्ताव लाए गए। लेकिन भाजपा ने सदन में जिस तरह से इन प्रस्तावों का विरोध किया, उससे दिल्ली वालों के प्रति उनकी नफरत का अंदाजा लगाया जा सकता है।
दुर्गेश पाठक ने आगे कहा कि यह फैसला तो दिल्ली के लोगों के भले के लिए था, भाजपा को तो इसका सहयोग करना चाहिए था। लेकिन इन्होंने नेता सदन के हाथ से एजेंडा लेकर फाड़ दिया। मेयर की कुर्सी पर चढ़कर उनका माइक तोड़ दिया। कुर्सियां तोड़ दीं। हंगामा किया। गुंडागर्दी की। हाउस के अंदर दंगे-फसाद कर दिए। यह हाउस है, क्या यहां यह सब किया जाता है? दिल्ली के लोगों से जुड़े हुए कुछ फैसले लिए गए, अगर आपको विरोध करना है तो आप शिष्टाचार में रहकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करो। विरोध करने का यह कौन सा तरीका है?
दुर्गेश पाठक ने कहा कि भाजपा ने आज यह साफ कर दिया कि उन्हें दिल्ली के लोगों की सेवा और उनके भले से कोई लेना-देना नहीं है। 2007 से लेकर 2022 तक भाजपा करीब 15 साल तक एमसीडी में रही, लेकिन इन्होंने एक भी काम नहीं किया। उल्टा इन्होंने एमसीडी को कंगाल कर दिया, उसे भ्रष्टाचार की आग में झोंक दिया।