आम आदमी पार्टी के विधायक दल के चीफ व्हिप संजीव झा ने शनिवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखा है। इस पत्र के जरिए उन्होंने जनकपुरी में सड़क में खोदे गए गड्ढे में गिरकर हुई बाइक सवार युवक की मौत मामले में पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द उचित मुआवजा और एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि बाइक सवार युवक की मौत सरकारी लापरवाही के चलते हुई है। ऐसे में सिर्फ अधिकारियों पर कार्रवाई काफी नहीं है। मुआवजा और एक आश्रित को सरकारी नौकरी मिलने से पीड़ित परिवार को दोबारा खड़े होने में मदद मिलेगी। जब यमुना में डूबने से हुई भाजपा कार्यकर्ता की मौत पर मुआवजा और नौकरी मिल सकती है तो जनकपुरी मामले में क्यों नहीं मिल सकती?
आप आदमी पार्टी के विधायक दल के चीफ व्हिप संजीव झा ने सीएम रेखा गुप्ता को लिखे पत्र में कहा है कि जनकपुरी क्षेत्र में दिल्ली जल बोर्ड द्वारा किए जा रहे कार्य के दौरान खोदे गए गड्ढे में गिरने में एक नागरिक की हुई दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु की घटना ने पूरी दिल्ली को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में संबंधित विभाग द्वारा आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई किए जाने की जानकारी है, लेकिन मृतक परिवार की पीड़ा और उनके समक्ष पैदा हुए आर्थिक संकट को देखते हुए सरकार की मानवीय जिम्मेदारी यहीं समाप्त नहीं हो जाती।
संजीव झा ने कहा है कि पीड़ित परिवार आज अपने एकमात्र सहारे को खो चुका है और भविष्य को लेकर गहरी अनिश्चितता में है। ऐमी परिस्थितियों में केवल जांच या कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि सरकार द्वारा संवेदनशील और न्यायसंगत निर्णय लेते हुए पीड़ित परिवार को तत्काल राहत प्रदान किया जाना आवश्यक है। यह भी स्मरणीय है कि हाल ही में यमुना नदी में डूबने में हुई एक भाजपा कार्यकर्ता की मृत्यु के प्रकरण में दिल्ली सरकार ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तुरंत मुआवजे की घोषणा की थी और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की गई थी। उसी मानवीय दृष्टिकोण और समानता के सिद्धांत के आधार पर जनकपुरी की इस घटना में भी मृतक परिवार को समान राहत मिलनी चाहिए।
संजीव झा ने अतः में सीएम से आग्रह करते हुए कहा है कि इस मामले में विलंब किए बिना मृतक के परिजनों को तत्काल आर्थिक मुआवजा प्रदान करने और परिवार के एक योग्य आश्रित को सरकारी नौकरी दिए जाने की घोषणा की जाए, ताकि शोकग्रस्त परिवार को जीवन दोबारा व्यवस्थित करने का अवसर मिल सके और सरकार का न्यायपूर्ण व संवेदनशील बेहरा सामने आए। मुझे आशा है कि आप इस विषय पर शीघ्र और सकारात्मक निर्णय लेंगी