दिल्ली की भाजपा सरकार प्राइवेट स्कूल फीस कंट्रोल कानून को लेकर एक बार फीस एक्पोज हो गई है। इस बार दिल्ली हाईकोर्ट में दिल्ली के मिडिल क्लास पेरेंट्स के साथ भाजपा सरकार के किए गए फर्जीवाड़े की पोल खुली है। सोमवार को हाईकोर्ट ने कानून के तहत निजी स्कूलों में पेरेंट्स को लेकर बनाई जाने वाली फीस कंट्रोल कमिटी पर स्टे लगा दिया है। यह जानकारी साझा करते हुए आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने निजी स्कूलों के साथ भाजपा सरकार की मिलीभगत को लेकर तीखा हमला बोला है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट ने फीस कंट्रोल एक्ट के तहत बनने वाली फीस कंट्रोल कमिटी पर स्टे लगाकर रेखा गुप्ता सरकार की पोल खोल दी। पिछले हफ्ते सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में सरेंडर करते हुए कहा था कि वर्ष 2025-26 में निजी स्कूलों में बढ़ी फीस पर यह कानून लागू नहीं होगा। आम आदमी पार्टी ने पहले ही कहा था कि भाजपा सरकार ने ये कानून सिर्फ निजी स्कूल मालिकों के फायदे के लिए बनाया है।
सौरभ भारद्वाज ने एक्स पर कहा कि दिल्ली की झूठी भाजपा सरकार ने प्राइवेट स्कूल अभिभावकों से जो फ्रॉड किया, सोमवार को उसकी पोल दिल्ली हाई कोर्ट में खुल गई। पिछले हफ़्ते इनका फर्ज़ीवाड़ा सुप्रीम कोर्ट में पकड़ा गया और इन्होंने 2025-26 में बढ़ी हुई फ़ीस पर सरेंडर कर दिया था। आज इनकी द्वारा बनाई गई कमेटी पर भी हाई कोर्ट में स्टे लग गया। हमने पहले ही कहा था कि ये क़ानून सिर्फ़ प्राइवेट स्कूल मालिको के फायदे के लिए लाया गया था। इसलिए इसे चोरी छिपे बनाया गया, कोई सलाह नहीं ली गई और पब्लिक से कोई कमेंट नहीं मांगे गए। अब पोल खुल रही है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पिछले हफ्ते सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा था कि इस कानून को लाने में इतनी जल्दबाजी क्यों की गई और इसे बिना सोच-समझ के क्यों लाया गया? इस पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में सरेंडर कर दिया और प्राइवेट स्कूल मालिकों के साथ उनकी साठगांठ साफ हो गई। सरकार ने कोर्ट में स्पष्ट कर दिया था कि 1 अप्रैल 2025 से शुरू हुए 2025-2026 सत्र में जो फीस बढ़ाई गई थी, उसकी इस कानून के अंतर्गत समीक्षा नहीं की जाएगी और यह कानून उस पर लागू नहीं होगा। सरकार ने ऐसा करके प्राइवेट स्कूलों द्वारा बढ़ाई गई 20 से 80 फीसद तक की मनमानी फीस को वैध कर दिया और उसे कानूनी जामा पहना दिया। अब कोई भी अभिभावक या कोर्ट चाहकर भी उस फीस को चैलेंज नहीं कर सकता। इस तरह भाजपा सरकार ने दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों की लॉटरी लगा दी है