आम आदमी पार्टी ने अपने 13 पार्षदों के दलबदल के पीछे भाजपा की गहरी साजिश बताया है। ‘‘आप’’ का कहना है कि मेयर चुनाव के समय से ही भाजपा हमारे पार्षदों को अपनी पार्टी में शामिल करने की कोशिश कर रही है। हर पार्षद को 5 करोड़ रुपए ऑफर दिया गया। भाजपा के पास स्थायी समिति और वार्ड समिति बनाने के लिए बहुमत नहीं है। इसलिए वह खरीद-फरोख्त का सहारा ले रही है। ‘‘आप’’ ने मेयर चुनाव के दौरान ही भाजपा की खरीद-फरोख्त की कोशिशों का पर्दाफाश कर दिया था। इसलिए अब भाजपा यह दिखावा करने का नाटक कर रही हैं कि ये पार्षद दलबदल कर दूसरी पार्टी से हैं। लेकिन शुरू से लेकर आखिर तक यह काम भाजपा का है। आने वाले दिनों में सच्चाई सबके सामने आ जाएगी।
आम आदमी पार्टी की मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने मेयर चुनाव के दौरान भी बताया था कि भाजपा हमारे पार्षदों की खरीद-फरोख्त का प्रयास कर रही है। भाजपा ने अपनी पार्टी में शामिल होने के लिए आम आदमी पार्टी के पार्षदों को 5-5 करोड़ रुपए देने का ऑफर दिया था। हमारे पार्षदों का ‘‘आप’’ से इस्तीफा देना भी खरीद-फरोख्त का एक रूप है। क्योंकि भाजपा के पास अभी भी न स्थायी समिति और वार्ड समिति बनाने के लिए सदस्यों की संख्या पूरी नहीं हो रही है। इसलिए भाजपा अब इस तरह से खरीद-फरोख्त की कोशिश कर रही है। पार्षदों का इस्तीफा देना मात्र एक नाटक है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि पार्षदों का इस्तीफा देना भी भाजपा की एक साजिश का हिस्सा है।
प्रियंका कक्कड़ ने कहा भाजपा ने जो खरीद-फरोख्त की कोशिश की है, उसका एक और रूप सामने आ रहा है। ऐसे में वह इस तरह की बयानबाजी ही करेगी। भाजपा से लोग और क्या उम्मीद कर सकते हैं? आज तक के इतिहास में अगर किसी पार्टी ने काम किया है, तो वह सिर्फ आम आदमी पार्टी ने किया है। दिल्ली में जितना काम अन्य पार्टियों ने 75 साल में नहीं किया, उतना काम आम आदमी पार्टी ने 10 साल में काम करके दिखाया और नतीजे भी दिखाए।