आम आदमी पार्टी ने पानी बिल स्कीम के तहत बकाया बिल जमा करने के लिए दिल्लीवालों पर दबाव बनाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ” आप” के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली की भाजपा सरकार की पानी बिल स्कीम फेल हो चुकी है। लेकिन इसे सफल बनाने के लिए अब सरकार लोगों को बिल भरने के लिए दिल्ली जल बोर्ड के जेडआरओ ऑफिस से धमकवा रही है। उन्होंने कहा कि “आप” के बार-बार समझाने के बाद भी भाजपा सरकार अपनी फ्लॉप स्कीम जारी रखने की जिद पर अड़ी है। आखिर दिल्ली के लोग पानी के गलत बिल लोग क्यों देंगे? भाजपा सरकार जनता पर दबाव बनाकर रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है।
सौरभ भारद्वाज ने एक्स पर कहा कि बार-बार दिल्ली की सरकार को समझाया है कि उनकी लाई गई पानी के बिल की स्कीम पूरी तरह फ्लॉप है। मगर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनके मंत्री जिद्द पर अड़े हुए हैं। दिल्ली जल बोर्ड के जेडआरओ ऑफिस से लोगों को बिल भरने के लिए धमकाया जा रहा है और फिर दलाली और रिश्वतखोरी का एक संगठित धंधा चलाया जा रहा है। सरकार की मोटी बुद्धि में ये बात क्यों नहीं आ रही कि ग़लत बढ़े हुए बिल कोई नहीं देगा। आप जनता पर दबाव डालकर सिर्फ़ रिश्वतखोरी को बढ़ावा दे रहे हैं। अभी भी समय है, केजरीवाल सरकार की स्कीम बनी रखी है, उसको आपके एलजी के चहेते अफसरों ने रोका हुआ था। उसको ही नक़ल कर लो, लेकिन तुमसे ना हो पाएगा। सरकार को आत्म मंथन की ज़रूरत है ।
उल्लेखनीय है कि बीते 30 जनवरी को भी सौरभ भारद्वाज ने पानी बिल स्कीम के फ्लॉप होने को लेकर दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार को सुझाव दिए थे। उन्होंने कहा था कि कुल 5,057 करोड़ रुपए के मूल बकाए में से अब तक केवल 430 करोड़ रुपए ही मिल पाए हैं। सरकार के पास अब 12.38 लाख उपभोक्ताओं पर कार्रवाई करने का कोई रास्ता नहीं बचा है। भाजपा सरकार ने एक पुरानी और बेकार योजना को दोबारा लागू किया। वहीं, “आप” सरकार द्वारा 2023 में पास किए गए बेहतरीन स्कीम को रोक दिया गया। व्यवस्था को ठीक करने के बजाय उन्होंने बोझ और अनिश्चितता आम जनता पर डाल दी।यह मंत्री का कबूलनामा है कि उनकी बहु-प्रचारित लेट पेमेंट सरचार्ज माफी योजना पूरी तरह फेल हो गई है। भाजपा ने उपभोक्ताओं के व्यवहार को समझे बिना पुरानी योजना को ही नए नाम से पेश किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पुरानी योजना कॉपी-पेस्ट की और इसे मास्टर स्ट्रोक कह दिया।
सौरभ भारद्वाज ने कहा था कि मैंने सरकार को बार-बार चेतावनी दी थी कि यह योजना व्यावहारिक नहीं है। मैं भाजपा सरकार को बताता रहा था कि लोग यह रकम नहीं देंगे, लेकिन सरकार ने मेरी बात नहीं सुनी। सरकार के अगले कदम पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि अब वह क्या करेगी? क्या वह 12.38 लाख ग्राहकों का पानी का कनेक्शन काट देगी? सरकार ऐसा नहीं कर सकती