आम आदमी पार्टी ने यमुना में अमोनिया का स्तर बढ़ने से दिल्ली में गहराते जल संकट के लिए भाजपा सरकार के कुप्रबंधन को जिम्मेदार बताया है। ‘‘आप’’ दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में भीषण जल संकट होने के बावजूद मरम्मत के लिए मुनक नहर को बंद करना बहुत बड़ी गलती है। भाजपा सरकार का कहना है कि 4 फरवरी तक दिल्ली की 60 फीसद आबादी को जल संकट से जूझना पड़ेगा। क्योंकि हरियाणा के इंडस्ट्रियल इकाइयों से यमुना में ज्यादा अमोनिया आ रहा है। इसके चलते वजीराबाद व चंद्रावल प्लांट बंद करने पड़े हैं। वहीं, मुनक नहर बंद करने से 326 एमजीडी पानी का और नुकसान हुआ है। यही दिल्ली में जल संकट बढ़ने का बड़ा कारण है। उन्होंने कहा कि जब ‘‘आप’’ सरकार यही बात कहती थी, तब एलजी और भाजपा अपनी हरियाणा सरकार का बचाव करने लगते थे और कहते थे कि आम आदमी पार्टी राजनीति कर रही है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में एक बड़ा जल संकट खड़ा हो गया है। दिल्ली की करीब 50 से 60 फीसद आबादी के लिए आने वाली 4 फरवरी तक जल संकट बना रहेगा। मैं दिल्ली सरकार को कुछ बुनियादी बातें समझाना चाहता हूं ताकि वे इस प्रबंधन से सीख ले सकें और दिल्ली के लिए कुछ बेहतर कर सकें। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पानी यमुना और गंगा से आता है। यमुना में हथनीकुंड बैराज है, जहां से यमुना नदी और उसकी नहरें निकलती हैं।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली के लिए जो महत्वपूर्ण नहर है, वह वेस्टर्न यमुना कैनाल है, जिसे आगे चलकर सीएलसी (कैरियर लाइन चैनल) भी कहा जाता है। इसके अलावा, मुख्य यमुना नदी है, जिस पर दो वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगे हैं। वहीं, एक नहर यूपी की तरफ जाती है, जो ईस्टर्न यमुना कैनाल कहलाती है। गंगा से मिलने वाला दूसरा स्रोत मुरादनगर की नहर है, जिसे अपर गंगा कैनाल भी कहा जाता है और उस पर दो वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगे हैं।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मुख्य रूप से दिल्ली का पानी यमुना और उसकी नहरों से आता है। यमुना नदी पर वजीराबाद और चंद्रावल दो बड़े वाटर ट्रीटमेंट प्लांट हैं। वजीराबाद की क्षमता करीब 110 एमजीडी और चंद्रावल की 90 एमजीडी है। इन दोनों को मिला लें तो यमुना से करीब 200 एमजीडी पानी की आपूर्ति होती है। अभी बताया जा रहा है कि यमुना में अमोनिया का स्तर अधिक है, जिसकी वजह से ये दोनों वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बंद करने पड़ गए हैं।
सौरभ भारद्वाज ने आगे बताया कि सीएलसी से आने वाले पानी पर चार वाटर ट्रीटमेंट प्लांट निर्भर थे। इसमें सबसे पहले बवाना का 20 एमजीडी का प्लांट है। उसके बाद हैदरपुर के दो बड़े प्लांट हैं, जो करीब 216 एमजीडी की क्षमता रखते हैं। इसके बाद नांगलोई और द्वारका के प्लांट आते हैं। नांगलोई प्लांट 40 एमजीडी और द्वारका प्लांट 50 एमजीडी क्षमता का है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अब दिल्ली पर जो बड़ा संकट आया है, उसका कारण यह है कि करीब 200 एमजीडी क्षमता वाले वजीराबाद और चंद्रावल प्लांट उच्च अमोनिया की वजह से बंद हो गए हैं। जब दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार कहती थी कि हरियाणा से आने वाले औद्योगिक कचरे की वजह से अमोनिया की मात्रा बढ़ जाती है, तो उस वक्त उपराज्यपाल वीके सक्सेना और भाजपा कहते थे कि यह झूठ है और दोषारोपण का खेल बताते थे। अब भाजपा को समझ में आ गया है कि वाकई में हरियाणा से इंडस्ट्रियल वेस्ट के कारण उच्च अमोनिया आ रहा है और ये दोनों प्लांट बंद हो गए, जिससे 200 एमजीडी क्षमता खत्म हो गई।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इससे बड़ा नुकसान यह हुआ कि जिस वक्त प्रशासन को मालूम था कि अमोनिया का स्तर ज्याए होता है, ठीक उसी समय सीएलसी नहर में मरम्मत का काम किया जा रहा है। इसके कारण हैदरपुर, नांगलोई और द्वारका प्लांट के अंदर जो करीब 326 एमजीडी की क्षमता थी, उसका भी नुकसान हो गया। इस तरह 200 एमजीडी यहां और 326 एमजीडी वहां, यानी कुल करीब 526 एमजीडी पानी का नुकसान हुआ है। यह दिल्ली की कुल जलापूर्ति का करीब 60 से 70 फीसद है, जो अमोनिया और गलत समय पर मरम्मत करने की वजह से खराब हो गया।
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि अपर गंगा कैनाल पर सोनिया विहार और भागीरथी नामक दो वाटर ट्रीटमेंट प्लांट हैं। अगर इन दोनों की क्षमता को जोड़ दें, तो सोनिया विहार 140 एमजीडी और भागीरथी 110 एमजीडी, यानी कुल मिलाकर करीब 250 एमजीडी गंगा का पानी ही बचा है, जिसे दिल्ली में दिया जा सकता है।
सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली की भाजपा सरकार से कहा कि यदि ये छोटी-छोटी प्रबंधन व्यवस्थाएं बेहतर कर ली जातीं और मेंटेनेंस का काम इस समय पर न किया जाता, तो दिल्ली के अंदर व्यवस्था थोड़ी बेहतर हो सकती थी। मेरा उद्देश्य केवल राय देना था। यदि सरकार चाहे तो मैं सचिवालय आकर भी इन चीजों को समझा सकता हूं, क्योंकि यह मामला दिल्ली का है और पानी न होने की वजह से लोग वाकई में बहुत परेशान होते हैं।
सौरभ भारद्वाज ने एक्स पर कहा कि दिल्ली के 60 फीसद आबादी को 4 फरवरी 2026 तक भीषण जल संकट का सामना करना पड़ेगा। हरियाणा के औद्योगिक इकाइयों का कचरा यमुना नदी में आ रहा है, जिससे जल में अमोनिया की मात्रा बहुत अधिक हो गई है। सरकार को मेरी सलाह है कि इसी समय मुनक नहर को रखरखाव के लिए बंद करना एक बड़ी गलती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के स्वघोषित जल विशेषज्ञ एलजी को अपने जल प्रबंधन कौशल से भाजपा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मदद करनी चाहिए। भाजपा की दिल्ली सरकार ने यमुना में प्रदूषण के उच्च स्तर के कारण जल संकट की घोषणा की है। 30 फीसद आबादी को अगले 10 दिनों तक पानी नहीं मिलेगा