दिल्ली भाजपा की सरकार बनने के दो महीने बाद ही निजी स्कूल फिस बढ़ाने को लेकर खुलेआम मनमानी पर उतर आए हैं। कई बड़े स्कूलों ने बढ़ी हुई फीस देने में असमर्थ अभिभावकों के बच्चों का उत्पीड़न शुरू कर दिया है। आम आदमी पार्टी ने निजी स्कूलों की इस मनमानी पर चुप्पी साधे बैठी भाजपा की दिल्ली सरकार पर तीखा हमला बोला है। “आप” का कहना है कि बढ़ी हुई फीस नहीं देने पर छात्रों को बंधक बनाया जा रहा है। इससे परेशान अभिभावक स्कूलों की मनमानी के ख़िलाफ़ आवाज उठा रहे हैं, लेकिन इन शिक्षा माफियाओं के आगे भाजपा सरकार खामोश है।
शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरवाल ने द्वारका स्थित डीपीएस स्कूल द्वारा बढ़ी फीस जमा नहीं कर पाने वाले बच्चों को लाइब्रेरी में बंधक बनाए रखने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने एक्स पर कहा कि दिल्ली के लोग फिर से पूरी तरह शिक्षा माफिया की जकड़ में है। शिक्षा माफिया की इतनी हिम्मत कैसे हो गई कि हमारे बच्चों के साथ बदसलूकी करें? क्योंकि नेता और मंत्री इनकी जेब में हैं, जैसे हमारी सरकार के पहले होते थे।
उधर, “आप” के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि ऐसा लगता है कि भाजपा सरकार के मंत्रियों को कुूछ पता ही नहीं है कि दिल्ली में क्या हो रहा है? बच्चों के माता-पिता प्राइवेट स्कूलों के बाहर धरना दे रहे हैं और भाजपा के मंत्री सरकारी स्कूल-सरकारी स्कूल का खेल खेल रहे हैं। जहां समस्या है, वहां इनको जाकर उसका समाधान करना चाहिए। लेकिन इनको प्राइवेट स्कूल मालिकों से डर लगता है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि बड़े-बड़े उद्योगपतियों के स्कूलों के बाहर धरना देते वक्त एक महिला बेहोश हो गईं, वहां जाने में मत्री को डर लग रहा है और सरकारी स्कूलों के अंदर निरीक्षण- निरीक्षण का खेल खेल रहे हैं। इनको थोड़ी तो शर्म करनी ही चाहिए। इनको दिल्ली की जनता का कुछ काम करना चाहिए। सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर निजी स्कूलों के बाहर धरना- प्रदर्शन करते हुए बच्चों के माता-पिता की वीडियो वायरल हो रही है। फीस बढ़ने से पैरेंट्स काफी परेशान हैं। बड़े-बड़े करोड़पतियों पर बात करने से भाजपा के लोगों को डर लगता है।
सौरभ भारद्वाज ने एक्स पर कहा कि बच्चों के अभिभावक निजी स्कूलों द्वारा फीस बढ़ाए जाने के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन भाजपा सरकार के मंत्री वहाँ जाने तक की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं। सरकार के मंत्रियों को इन बड़े-बड़े स्कूलों के मालिकों और करोड़पतियों से डर लग रहा है, तभी यह ड्रामा कर रहे हैं।