िल्ली विधानसभा के स्पीकर द्वारा सदन में महिलाओं को 2500 रुपए देने के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के विधायक को नहीं बोलने देने पर पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताई और नेता प्रतिपक्ष आतिशी समेत ‘‘आप’’ के सभी विधायक सदन से वॉकआउट कर गए। स्पीकर के इस व्यवहार से नाराज आतिशी ने कहा कि भाजपा अपना झूठ छुपाने के लिए लोकतंत्र की हत्या कर रही है। सदन में नियम 280 के तहत ‘महिला समृद्धि योजना’ पर वक्तव्य चयनित हुआ और लिस्ट ऑफ बिज़नेस में प्रिंट भी हुआ, लेकिन जब ‘‘आप’’ विधायक ने मुद्दे पर बोलना शुरू किया तो उन्हें स्पीकर ने बोलने ही नहीं दिया।
नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि दरअसल, भाजपा और पीएम मोदी का झूठ बेनकाब न हो जाए। इसलिए सदन में ‘‘आप’’ विधायकों की आवाज़ दबाई जा रही है। इसलिए दिल्ली की महिलाओं के हक़ की लड़ाई में हमने विरोध दर्ज कराते हुए सदन से वॉकआउट किया। जब तक दिल्ली की हर महिला को 2500 रुपए नहीं मिलते, तब तक सड़क से लेकर सदन तक हमारी यह लड़ाई जारी रहेगी।
नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि 280 के तहत विधायकों को कोई भी मुद्दा उठाने का अधिकार होता है। जब आम आदमी पार्टी के विधायक प्रेम चौहान ने 2,500 रुपए की महिला समृद्धि योजना का मुद्दा उठाया, तो विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने उन्हें बोलने ही नहीं दिया। प्रेम चौहान ने 280 में मुद्दा लगाया, ड्रॉ ऑफ लॉट्स से उनका मुद्दा निकलकर आया, लिस्ट ऑफ बिजनेस में प्रिंट हो गया। चूंकि भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के झूठ को छुपाना चाहती है, प्रधानमंत्री ने जो झूठी गारंटी दी है, उसको दबाना चाहती है। इसलिए विजेंद्र गुप्ता ने आम आदमी पार्टी के विधायक को बोलते नहीं दिया।
आतिशी ने कहा कि यह बिल्कुल साफ है कि भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2,500 रुपए दिल्ली की महिलाओं को नहीं देने वाली हैं। अगर कोई विधायक उसमें सवाल पूछ रहा है, जो सवाल लिस्ट ऑफ बिजनेस में आ गया है। विधानसभा अध्यक्ष ने सिर्फ उस एक विधायक को बरकिनार कर दिया? अब यह साफ हो गया है कि भाजपा का 2,500 रुपए देने का इरादा नहीं है और उसके विरोध में आम आदमी पार्टी के विधायकों ने वॉक आउट किया।
एक मुद्दे पर एक ही प्रश्न पूछने के सवाल पर आतिशी ने कहा कि इस पर कोई नियम नहीं है। एक विधायक को कैसे पता होगा कि दूसरे विधायक ने क्या सवाल लगाया? सामने भाजपा के विधायकों को भी नहीं पता होगा कि उनके अन्य विधायकों ने क्या सवाल लगाया। ये विधानसभा की प्रक्रिया है कि कोई भी विधायक किसी भी मुद्दे को रूल 280 के तहत रख सकता है। विधानसभा के ऑफिस में ड्रॉ ऑफ लॉट्स होता है कि किन 10 सदस्यों का मुद्दा उठाया जाएगा। इस विधानसभा के इतिहास में कभी नहीं हुआ कि किसी विधायक का लिस्ट में नाम आने के बाद उसे रोक गया हो। यह बिल्कुल पास साफ है, आम आदमी पार्टी को सिर्फ इसलिए रोका गया है, क्योंकि 2,500 रुपए पर मोदी जी का झूठ पकड़ा गया है।
उधर, आम आदमी पार्टी के विधायक प्रेम चौहान ने एक्स पर नियम 280 मेरी विधानसभा देवली और पूरी दिल्ली की महिलाए इस इंतज़ार में की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी कब पूरी होगी? उनके खाते में 2500 प्रति महीना आना कब शुरू होंगे? आज मैंने जब नियम के अनुसार अपना क्रम आने पर विधानसभा में इस मुद्दे को उठाया तो स्पीकर ने मुझे बोलने से ही रोक दिया। इसका क्या कारण है? क्या भाजपा और मोदी जी महिलाओं को 2500 रुपए नहीं देना चाहते?
स्पीकर ने ‘‘आप’’ विधायक को यह मुद्दा उठाने से रोका
विधानसभा के स्पीकर ने जिस मुद्दे पर ‘‘आप’’ विधायक को बोलने से रोक दिया। वह इस प्रकार है- मैं नियम 280 के तहत मंत्री का ध्यान महिला समृद्धि योजना से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे की ओर दिलाना चाहता हूं। मेरी विधानसभा देवली में रोजाना मेरे विधायक कार्यालय में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं आती हैं। सार्वजनिक कार्यक्रमों में, विधानसभा में विजिट के दौरान, बाजारों और मोहल्लों में घूमते समय माताएं-बहनें मिलती हैं, और सभी का बस एक ही सवाल होता है कि हमारे खाते में 2,500 रुपये कब आएंगे? चुनाव के समय मोदी जी ने कहा था कि अपने मोबाइल नंबर को बैंक खाते से लिंक करवा लो, आठ मार्च को पहली किश्त आ जाएगी। आठ मार्च आई और चली भी गई, पर अब तक किसी के खाते में पैसा नहीं आया।
कई महिलाएं बताती हैं कि उन्होंने बैंक जाकर कई बार अपना खाता चेक किया, एटीएम से बैलेंस देखा, लेकिन 2,500 रुपये की पहली किश्त नहीं आई। कुछ बहनें कहती हैं कि आठ मार्च को वे पूरे दिन मोबाइल स्क्रीन पर नजरें गड़ाए रहीं, हर मैसेज को उम्मीद से देखती रहीं, लेकिन पैसा नहीं आया। कुछ ने तो परिवार में उत्सव की तैयारी तक कर ली थी, यह सोचकर कि अब हर महीने 2,500 रुपये आएगा, पर वो नहीं आए। वे इसी सवाल का जवाब चाहता हैं कि क्या हमें यह पैसा मिलेगा या नहीं?
इस योजना की घोषणा बड़े वादों के साथ की गई थी, जिससे महिलाओं में एक नई उम्मीद जगी थी। लेकिन समय पर पैसा न मिलने से अब निराशा बढ़ रही है। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इस योजना का लाभ आखिर कब से मिलेगा? क्या प्रक्रिया अपनाई जा रही है और इसमें हो रही देरी का कारण क्या है? ताकि महिलाओं के मन में उठ रहे सवालों का ठोस जवाब दिया जा सके और वे किसी भी