आम आदमी पार्टी ने गोवा में भाजपा द्वारा जॉब के बदले रिश्वत लेने का बड़ा खुलासा किया। पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने “आप” गोवा प्रदेश अध्यक्ष अमित पालेकर के साथ प्रेसवार्ता कर कहा कि गोवा में जॉब के नाम पर भाजपा ने महा भ्रष्टाचार किया है। नौकरी के बदले रिश्वत लेने वाले इस घोटाले में मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की पत्नी का भी नाम सामने आया है।गोवा के तत्कालीन राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने भी कहा था कि सीएम प्रमोद सावंत की पत्नी जॉब देने के बदले पैसा खाती है। जिस व्यक्ति ने नौकरी के बदले रिश्वत की जानकारी दी, उसे अपनी जान भी देनी पड़ी। वहीं, अमित पालेकर ने कहा कि अगर इस घोटाले में भाजपा का कोई नेता शामिल नहीं है तो सरकार न्यायिक जांच समिति बैठाने से क्यों घबरा रही है?
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने बुधवार को पार्टी के गोवा प्रदेश अध्यक्ष अमित पालेकर, आप विधायक विएगास समेत उन्य नेताओं के साथ दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय पर संयुक्त प्रेस वार्ती की।इस दौरान उन्होंने कहा कि गोवा आज बेरोजगारी की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। वहां के नौजवान रोजगार की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। भाजपा ने पिछले 10 वर्षों में नौकरी देने के नाम पर किस प्रकार से भ्रष्टाचार किया है, यह सबके सामने है। नौकरी के नाम पर वहां रिश्वतखोरी की गई है, जिसमें कोई साधारण व्यक्ति नहीं बल्कि मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की पत्नी तक का नाम जुड़ा है। उनके मंत्रियों और उनके घर आने-जाने वाली महिला का भी इस रिश्वतखोरी में नाम आया है। मंत्रियों को हटाया गया है, और लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इतना ही नहीं, इस रैकेट से जुड़े व्यक्ति और जॉब स्कैम की जानकारी रखने वाले व्यक्ति ने आत्महत्या तक कर ली है।
संजय सिंह ने आगे कहा कि मैं जिस घटना के बारे में बता रहा हूं यह कोई छोटा मामला नहीं है बल्कि गोवा का एक बहुत बड़ा जॉब स्कैम है। यह रोजगार के नाम पर किया गया बहुत बड़े भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी का मामला है, जिसमें सीधे तौर पर गोवा के मुख्यमंत्री, उनकी पत्नी, गोवा के मंत्री और बहुत सारे दलालों का नाम सामने आया है। पहला स्कैम 2018 के आस-पास हुआ, जिसमें जेईई, यूडीसी, एलडीसी और पीडब्ल्यूडी विभाग से जुड़ी हुई भर्तियों के लिए लोग अप्लाई कर लेते हैं। इसमें बड़े पैमाने पर रिश्वत खाई गई। उस समय के पीडब्ल्यूडी मंत्री रहे दीपक पौशकर को मंत्रीमंडल से बर्खास्त किया जाता है। नौकरी देने के नाम पर भ्रष्टाचार करने के लिए उनकी टिकट काटी जाती है। उन्हें मंत्रीमंडल से भी बाहर किया गया और चुनाव भी नहीं लड़ाया गया। लेकिन बाद में उन्हें मोदी वॉशिंग पाउडर में धुल दिया जाता है और लोकसभा चुनाव से पहले दीपक पौशकर को दोबारा पार्टी के अंदर शामिल कर लिया जाता है। नौकरी के नाम पर रिश्वत के इस स्कैम के बारे में उस समय गोवा के तत्कालीन राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने मीडिया में बयान दिया कि सीएम प्रमोद सावंत की पत्नी जॉब घोटाले में शामिल है। नौकरी देने के नाम पर रिश्वत खाती है और भ्रष्टाचार करती है।
संजय सिंह ने कहा कि प्रमोद सावंत ने दोबारा मुख्यमंत्री बनने के बाद एक स्टाफ सर्विस कमीशन और गोवा ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की तरफ से कुछ संविदा आधारित नौकरियों के लिए प्रचार किया, जिसमें 30 हजार लोगों ने आवेदन किया। लेकिन जब हमारी पार्टी के नेताओं ने यह जानने की कोशिश की कि ये 30 हजार लोग कौन हैं, तो पता चला कि इन 30 हजार में से 6 हजार के फॉर्म का कोई रिकॉर्ड ही नहीं है। यह देश और दुनिया का अद्भुत स्कैम है, जिसमें नौकरी के लिए आवेदन करने वाले लड़के-लड़कियों का कोई पता नहीं है। सीरियल नंबर 1 से लेकर 6 हजार तक के फॉर्म का कोई पता नहीं है। इसका मतलब यह 945 नौकरियां पहले से बिक चुकी हैं और इनके नाम पर रिश्वत खाई जा चुकी है। पहले ही तय था कि उन्हीं लोगों के नाम पर नौकरियां दी जाएंगी। इसी बीच एक और गंभीर मामला सामने आया।
संजय सिंह ने आगे कहा कि इस नौकरी के पूरे स्कैम में रिश्वत लेने और देने में पूजा नायक नाम की एक महिला की भूमिका सामने आई। वह मुख्यमंत्री से मुलाकात करती है और इसके रिकॉर्ड मौजूद हैं। सबको इस बात की जानकारी है। एक हफ्ते बाद वह रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार हो जाती है। जब मुख्यमंत्री को लगता है कि अब यह मामला छिप नहीं सकता, तो वह कहते हैं कि हां, यह महिला उनसे मिली थी, लेकिन उसे रिश्वत देने की कोशिश कर रही थी। क्या यह राज्य के मुख्यमंत्री हैं, या घास छीलने का काम करते हैं? एक महिला मुख्यमंत्री के पास आई, उसने रिश्वत देने की कोशिश की, तो उसकी गिरफ्तारी एक हफ्ते बाद क्यों हुई? तुरंत गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? इसका मतलब यह है कि नौकरी देने के नाम पर रिश्वतखोरी में गोवा के मुख्यमंत्री और उनका पूरा परिवार शामिल है।
संजय सिंह ने कहा कि गोवा के वॉटर रिसोर्सेज डिपार्टमेंट के जूनियर इंजीनियर ने एक वीडियो बनाकर इस पूरे घोटाले का खुलासा किया, जिसमें बताया गया कि नौकरी के नाम पर कैसे रिश्वत खाई जा रही है। इस वीडियो में दीपाश्री नाम की एक महिला का नाम सामने आता है। वहीं, पूजा नायक के मामले में सातरकर नाम के एक व्यक्ति से पूछताछ की गई, जिसने बाद में आत्महत्या कर ली, और यह पुलिस का दावा है। इस मामले में श्रुति नाम की एक युवा महिला मोर्चा की पदाधिकारी गिरफ्तार हुई है, और पराग रायकर नामक ओबीसी मोर्चे के चेयरमैन की भी गिरफ्तारी हुई है। इस पूरे घोटाले में मुख्यमंत्री का नाम सामने आया और यह सब एक विधायक के ऑडियो से उजागर हुआ, जिसमें विधायक पैसे की लेन-देन की बात कर रहा था। इसमें आश्चर्यजनक बात यह है कि इस मामले में भाजपा के पदाधिकारियों, मुख्यमंत्री की पत्नी, वह महिला जिससे मुख्यमंत्री मिलते हैं, और उनके एनएलए का नाम भी सामने आया। यह सब कुछ हुआ, लेकिन 2014 से अब तक जॉब के नाम पर यह स्कैम चलता रहा है। इसके बावजूद गोवा की पुलिस कह रही है कि इसमें कोई नेता शामिल नहीं है, जो कि अपने आप में एक हास्यास्पद बात है।
संजय सिंह ने कहा कि मैं दिल्ली की धरती से गोवा के नौजवानों को यह बताना चाहता हूं कि आम आदमी पार्टी वह पार्टी है, जो नौकरियां देने में विश्वास करती है। हमने दिल्ली में रोजगार दिया, पंजाब में पक्की सरकारी नौकरियां दीं, और कई लोगों को पक्का किया। गोवा में जहां नौकरी के नाम पर भ्रष्टाचार हो रहा है, वहां भी आम आदमी पार्टी आपके मुद्दों को उठा रही है। जैसे ही मुझे मौका मिलेगा, मैं इस मुद्दे को संसद में भी उठाऊंगा। तस्वीर बिल्कुल साफ है—एक तरफ भाजपा है, जो नौकरी के नाम पर रिश्वतखोरी कर रही है, और दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी है, जो लोगों को नौकरियां देने का काम कर रही है। गोवा की जनता हमारे पार्टी और हमारे विधायकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करे। हम सड़क से लेकर संसद तक इस पूरे मामले को उजागर करेंगे और इसके लिए लंबी लड़ाई लड़ेंगे।
इस दौरान आम आदमी पार्टी के गोवा प्रदेश अध्यक्ष अमित पालेकर ने कहा कि यह गोवा के इतिहास का सबसे बड़ा स्कैम है। गोवा में भाजपा की सरकार ने 2012 से अब तक कई घोटाले किए हैं। गोवा राज्य अपनी प्राकृतिक सुंदरता और लोगों के लिए जाना जाता था, लेकिन आज उसका नाम ‘लैंड और स्कैम’ पड़ गया है। गोवा में भाजपा की यह सरकार खदान घोटाले से लेकर स्मार्ट सिटी स्कैम तक किसी भी मामले में पीछे नहीं रही है। आज जब गोवा का युवा त्रस्त है और जॉब के लिए दर-दर भटक रहा है, तब यह नया जॉब स्कैम सामने आ रहा है। हम आठ महीने से कह रहे थे कि गोवा पब्लिक सर्विस कमीशन में रिश्वत लेकर जॉब बेची जा रही है, जिस कारण युवाओं का इस प्रणाली से मोहभंग हो रहा है। इस पर सरकार ने हमें झूठ बोलने की आदत बताई थी, लेकिन आठ महीने बाद जब पूजा नायक की गिरफ्तारी हुई, तो मुख्यमंत्री को यह मानना पड़ा कि जो आम आदमी पार्टी कह रही थी, वह सही था।
अमित पालेकर ने कहा कि हमने मांग की थी कि अगर मुख्यमंत्री और भाजपा का कोई करीबी इस मामले में शामिल नहीं है, तो उसकी जांच के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की एक न्यायिक कमीशन बैठाया जाए। लेकिन कोई भी यह मानने के लिए तैयार नहीं है कि भाजपा के नेता इसमें शामिल हैं। पुलिस और विभाग के लोग भी इसमें शामिल हैं, और पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं किया जा सकता। हमें हमारे सूत्रों से जानकारी मिली है कि आत्महत्या करने वाले सरकारी कर्मचारी ने इतने बयान दिए हैं कि गोवा में भाजपा की सरकार बर्खास्त हो सकती है। इसलिए हमें न तो गोवा पुलिस पर और न ही गोवा सरकार पर भरोसा है। गोवा में युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। राष्ट्रीय आंकड़ों में गोवा का बेरोजगारी स्तर उससे भी कहीं ज्यादा बढ़ चुका है। पिछले 10-12 सालों में गोवा में कोई नई इंडस्ट्री नहीं आई है। आज गोवा के मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि युवाओं को सरकारी नौकरी के पीछे नहीं भागना चाहिए। वह खुद मान रहे हैं कि वह युवाओं के लिए नौकरियां नहीं पैदा कर सकते हैं। जब दिल्ली और पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार रोजगार पैदा कर सकती है, तो ये लोग क्यों नहीं कर सकते?
अमित पालेकर ने कहा कि अगर इस घोटाले में भाजपा का कोई नेता शामिल नहीं है, तो सरकार न्यायिक जांच समिति बैठाने से क्यों घबरा रही है? हमने मांग की थी कि सभी आरोपियों की पिछले एक साल की कॉल रिकॉर्ड को सार्वजनिक कर दिया जाए। इससे पहले गोवा में एक लैंड ग्रैब स्कैम हुआ था, लेकिन आज तक उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। सरकार इन मामलों को इसलिए छिपा रही है क्योंकि कहीं न कहीं इस पूरे घोटाले में भाजपा का बड़ा हाथ है और वह इसमें शामिल है। पूरे देश को यह जानना चाहिए कि गोवा में क्या हो रहा है।
आप विधायक वैंजी विएगास ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली और पंजाब में इतने सारे जॉब क्रिएट किए हैं। बिना एक पैसा लिए इतनी सारी नौकरियां दी हैं। लेकिन गोवा में बिना टोकरी, नौकरी मिलती ही नहीं है। टोकरी रहेगी, तभी नौकरी मिलेगी। पेपर में ठगने वालों की लिस्ट दी गई है। इस लिस्ट में जितने लोगों ने पैसे लिए हैं, किसी ने 10 लाख, किसी ने 15 लाख, किसी ने 30 लाख, इसकी पूरी लिस्ट है। जब पुलिस इनको पकड़ती है और पूछताछ के लिए बुलाती है तो दो-तीन दिन में इनकी बेल हो जाती है। जिसके बाद लोगों के दिखाने के लिए इनकी कार, गहने अटैच करते हैं। लेकिन गोवा में लोगों को जानना है कि अगर इतने लोगों ने पैसे लिए हैं तो
वैंजी विएगास ने कहा कि किसको ये पैसे देने वाले थे? अगर इन लोगों ने नाम बता दिए तो गोवा में भाजपा सरकार आज तक एक्शन लेने के लिए तैयार नहीं है। इनके एमएलए का नाम आया है, उसके ऊपर अभी तक एफआईआर नहीं हुई है। हम लोगों ने खुद बार-बार बोला है। एक गांव में इनके एसटी समाज के लीडर ने भी पैसे लिए हैं, उसके भी वीडियो सामने आए हैं। लेकिन जिस लड़के से इन लोगों ने पैसे लिए हैं, वो लड़का और उसका परिवार बोलने के लिए तैयार नहीं है। ताकि उन्हें कोई परेशानी ना हो। आज गोवा इस स्थिति में पहुंच चुका है कि अगर तुम्हारे पास पैसे नहीं है, तो आपको नौकरी नहीं मिलेगी। अगर आपके पास 20-30 लाख रुपए हैं तो भाजपा के कार्यकर्ता और वॉलिटिंयर्स के पास जाकर 20-30 लाख रुपए दो तो आपको नौकरी मिल जाएगी। यही आज गोवा में चल रहा है। हमें दर्द होता है कि हमारे क्षेत्र में कितने योग्य बच्चे हैं, जो मैरिट से पढ़कर नंबर्स में आगे आ चुके हैं। लेकिन किसी को नौकरी ही नहीं मिल रही है। ये बच्चे कितना भी अप्लाई कर दें, उन्हें नौकरी नहीं मिलती। क्योंकि सारी नौकरियां भाजपा के कार्यकर्ता के जरिए पैसे देकर ही मिल रही हैं। मेरे क्षेत्र में एक भी नौकरी नहीं मिल रही है क्योंकि यहां भाजपा को कोई है ही नहीं। मैं तो आम आदमी पार्टी का विधायक हूं।
वैंजी विएगास ने कहा कि पूरे देश को जानने की जरूरत है कि आज गोवा में क्या हो रहा है। गोवा में सरकार और सारे मंत्री कर रहे हैं, ये सारे लोग अपने-अपने पोर्टफोलियो भेज रहे हैं। अभी एक नई चीज आई है। स्टाफ कमीशन में भी पूरी सेटिंग है। स्टाफ कमीशन दिखावा है, उसे सेट करके ही नौकरियां मिलेंगी। तो आज किस तरह से हमें इंसाफ मिलेगा? नौकरी पर टोकरी मांगने को बंद करना है। मुझे लग रहा है कि आज इसकी जांच होनी की जरूरत है। गोवा में हमारी कोई सुनने वाला ही नहीं है। पुलिस भी इनके साथ है। इनके एसपी खुद बोल रहे हैं। जब कोई चोरी करता है तो चोर को पकड़ने के लिए पुलिस महीने लगा देते हैं। लेकिन जब नौकरी का स्कैम हो जाता है, तो दो-तीन दिन में ये लोग बोलते हैं कि इसमें कोई पॉलिटिशियन शामिल नहीं है। इसका मतलब यही है कि इसमें सिर्फ पॉलिटिशियन ही शामिल और भाजपा के ही पॉलिटिशियन शामिल है। जिस भी मिनिस्ट्री में नौकरी निकल रही है, उस मिनिस्ट्री में पूछताछ करने की जरूरत है। इसमें सीबीआई और हर किसी को शामिल करने की जरूरत है। हमने पीएमओ और पीएम को भी गोवा में हो रहे जॉब स्कैम के बारे में लिखा है। लेकिन अभी तक हमें नहीं दिख रहा है कि भाजपा इसपर कोई एक्शन लेने की इच्छा रखती है। आज हम पीएम मोदी और भाजपा से अपील कर रहे हैं कि हमें न्याय चाहिए, हमारे बच्चों को न्याय चाहिए। और जिन भी लोगों का नाम लिस्ट में आया है, उनके खिलाफ जांच होनी चाहिए और उनके खिलाफ एफआईआर होनी चाहिए। साथ ही, ये लोग किसको पैसे देने वाले थे, उसकी भी पूछताछ होनी चाहिए।