जब भारतीय सेना पहलगाम में हुए हमले का बदला लेने के लिए आतंकवादियों और उनके समर्थकों को मुंहतोड़ जबाव दे रही थी। तब क्या कारण थे कि अमेरिका ने एकदम से सामने आकर भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धविराम की घोषणा की? मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिए पीएम नरेंद्र मोदी से ये सवाल किए।
नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि, “पहलगाम हमले का बदला पूरा होने से पहले ही सीजफायर क्यों हुआ? सीजफायर कैसे हुआ? क्या हमें देश की बहन-बेटियों के सिंदूर का बदला मिल गया? क्या पहलगाम के आतंकी भारत को सौंपे गए?”
उन्होंने कहा कि, “आज पूरा देश जानना चाहता है कि, “अगर पाकिस्तान ने खुद हाथ जोड़कर सीजफायर की माँग की तो इसकी घोषणा भारत के बजाए अमेरिका ने क्यों की? क्यों पाकिस्तान दुनिया के सामने आकर नहीं बोलता की हमनें हार मानी? क्यों कोई समझौता नहीं हुआ? क्यों पाकिस्तान ने पहलगाम में हमला करने वाले आतंवादियों को अबतक भारत को नहीं सौंपा?”
उन्होंने कहा कि, “प्रधानमंत्री जी आज पूरा देश जानना चाहता है, क्या व्यापार बंद होने की धमकी की वजह से आपने सीजफायर किया? मोदी जी क्या अमेरिका के साथ व्यापार, भारत की बहन-बेटियों के सिंदूर से भी ज़्यादा कीमती हो गया है?”
नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि, “22 अप्रैल को पहलगाम में एक कायराना आतंकी हमला हुआ। आतंवादियों ने निहत्थे पर्यटकों पर हमला किया। पूरे देश ने हमारे उन बहनों-बेटियों के आँसू देखे। पूरा देश चाहता था कि हमारी उन बहनों-बेटियों के सिंदूर का बदला लिया जाए।”
उन्होंने कहा कि, “7 मई को जब भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर लांच किया तब पूरा देश भारतीय सेना के साथ एकजुट होकर खड़ा था। और भारतीय सशस्त्र बलों ने अपना लोहा दिखाते हुए पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों पर हमला किया।”
नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि, “इस समय एक-एक राजनीतिक पार्टी सरकार के साथ खड़ी रही क्योंकि ये हमारे देश की बात थी। हमारी बहन-बेटियों के सिंदूर की बात थी। लेकिन 10 मई को अचानक से युद्ध विराम की घोषणा हो जाती है। ये घोषणा भारत या भारत की सेना नहीं करती, ये घोषणा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प करते है वो भी सोशल मीडिया के ज़रिए। और आधे घंटे बाद चुपचाप भारत कहता है कि हाँ ये सही है, युद्ध विराम हो गया है।”
उन्होंने कहा कि, “ये सीजफायर कैसे हुआ? क्या हमें देश की बहन-बेटियों के सिंदूर का बदला मिल गया? क्या पहलगाम के आतंकी भारत को सौंपे गए?”
नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि, “कल प्रधानमंत्री मोदी जी ने देश के साथ एक एकतरफा संवाद किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने हाथ जोड़े और उन्हें पाकिस्तान पर दया आ गई और इसलिए उन्होंने युद्ध-विराम के लिए हाँ कर दी। मोदी जी ने ये बात तो कह दी लेकिन इसपर बहुत सारे सवाल उठते है कि, और पूरा देश जानना चाहता है कि-
- अगर पाकिस्तान ने हाथ जोड़े और भारत ने उसपर दया दिखाकर सीजफायर किया तो इसकी घोषणा भारत ने क्यों नहीं की? प्रधानमंत्री ने या देश की सेना ने नहीं की। क्यों इसकी घोषणा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने की?
- अगर पाकिस्तान ने भारत के सामने हाथ जोड़े तो सामने आकर कोई समझौता क्यों नहीं हुआ? क्यों पाकिस्तान दुनिया के सामने आकर नहीं बोलता की हमनें हार मानी?
- अगर पाकिस्तान ने भारत के सामने हाथ जोड़े तो क्या पाकिस्तान ने कम से कम पहलगाम में हमला करने वाले आतंवादियों को भारत को सौंपा? इसका भी कोई प्रमाण देश के सामने नहीं आया।
नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि, “आज सिर्फ एक चीज सामने आ रही है कि, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने सीजफायर करवाया। डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि, उन्होंने भारत को धमकी दी कि अगर सीजफायर नहीं किया तो अमेरिका भारत के साथ व्यापार बंद कर देगा।”
उन्होंने कहा कि, “प्रधानमंत्री जी आज पूरा देश जानना चाहता है, क्या व्यापार बंद होने की धमकी की वजह से आपने सीजफायर किया? क्या अमेरिका का व्यापार हमारी बहन-बेटियों के सिंदूर से ज़्यादा क़ीमती है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से आज पूरा देश ये जानना चाहता है कि सीजफायर क्यों हुआ और जबतक पहलगाम पर कायराना हमला करने वाले आतंकवादी भारत के हाथ नहीं आए है?”