आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रविवार को मुख्य चुनाव आयुक्त को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने कहा है कि नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में ‘‘आप’’ कार्यकर्ताओं को चुनाव से पहले भाजपा कार्यकर्ताओं और दिल्ली पुलिस द्वारा डराया और परेशान किया जा रहा है। भाजपा के इशारे पर पुलिस हमारे कार्यकर्ताओं को अवैध हिरासत में लेकर उन्हें दबाने की कोशिश कर रही है, ताकि वो चुनाव प्रचार में भाग न ले सकें। हमें यह डर है कि चुनाव से एक रात पहले और मतदान वाले दिन हमारे काफी कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए उन्हें धमकाया और हिरासत में लिया जा सकता है। इसलिए चुनाव आयोग से हमारी मांग है कि पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए स्वतंत्र चुनाव पर्यवेक्षक तैनात किया जाए, हिंसा में शामिल भाजपा कार्यकर्ता पर कार्रवाई और ‘‘आप’’ कार्यकर्ताओं की सुरक्षा की जाए। साथ ही, गैर कानूनी और असंवैधानिक तरीके से काम करने वाले पुलिस अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
अरविंद केजरीवाल ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि शनिवार को हमारे वरिष्ठ वालेंटियर चेतन को तिलक मार्ग थाना पुलिस ने गलत तरीके से हिरासत में लिया और धारा 126 के तहत मामला दर्ज कर दिया। पुलिस ने उन पर झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाए कि उनके खिलाफ पहले से केस दर्ज हैं, जबकि ऐसा कोई मामला नहीं है। उन्हें ऐसे अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया, जो उन्होंने किए ही नहीं थे। पुलिस अधिकारियों ने उनके साथ इतनी बुरी तरह मारपीट की कि वे बेहोश हो गए और उन्हें तुरंत लेडी हार्डिंग अस्पताल ले जाना पड़ा। कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर/एसडीएम के सामने पेश किया गया और जिस मामले में उन्हें साजिशन फंसाया गया था, उस में उनको जमानत दी गई।
अरविंद केजरीवाल ने चिट्ठी में एक अन्य घटना का जिक्र करते हुए कहा है कि हमारे वरिष्ठ कार्यकर्ता ओम प्रकाश को तिलक मार्ग थाना से फोन आया और कहा गया कि एसएचओ उनसे बात करना चाहते हैं, इसलिए उन्हें थाने आना होगा। जब वे थाने पहुंचे, तो उन्हें गलत तरीके से हिरासत में ले लिया गया और धारा 126 के तहत मामला दर्ज कर दिया गया। पुलिस ने उन पर झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाए कि उनके खिलाफ पहले से केस दर्ज हैं, जबकि ऐसा कोई मामला नहीं है। कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर/एसडीएम के सामने पेश किया गया और जमानत दी गई, जबकि यह साफ था कि उन्हें जानबूझकर फंसाया गया था।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। पिछले एक महीने में हमारे कई स्वयंसेवकों को चुनाव प्रचार के दौरान धमकाया गया, हिरासत में लिया गया और यहां तक कि भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा उन पर हमला भी किया गया। भाजपा कार्यकर्ता इतनी हद तक चले गए हैं कि हमारे स्वयंसेवकों के परिवारों को धमकी दे रहे हैं और उनके घर व दुकानों को तबाह करने की धमकी तक दी जा रही है।
भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा धमकी और हिंसा के कुछ मामले हमारे संज्ञान में आए हैं-
1. 27 जनवरी की शाम को हमारे कार्यकर्ता सोनम को मुंडका के दबास नाम के एक व्यक्ति से धमकी मिली। यह घटना किदवई नगर (ईस्ट) की झुग्गियों में हुई।
2. हमारे वरिष्ठ कार्यकर्ता बंटी को बीआर कैंप में एक भाजपा कार्यकर्ता, अनिल सोनी ने धमकी दी। उन्होंने कहा कि बंटी को उठा लिया जाएगा और उस पर झूठे मामले दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद, बंटी को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया और एक दिन तक पुलिस कस्टडी में रखा गया। उनकी रिहाई के लिए आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को दखल देना पड़ा।
3. हमारे कार्यकर्ता राजा को किदवई नगर ईस्ट की झुग्गियों में थप्पड़ मारा गया, जहां सोनम को भी धमकी मिली थी। एक हमलावर ने उसके पर्चे जबरदस्ती छीन लिए, जो काली गाड़ी में बैठे 4-5 अन्य लोगों के साथ था।
4. तुगलक लेन झुग्गियों के हमारे बूथ अध्यक्ष उमेश को धमकी दी गई और कहा गया कि चुनाव के बाद तुझे देख लेंगे, तूने दुश्मनी कर ली है।
5. भाजपा के सदस्य राजू मटियाला ने काली बाड़ी मार्ग स्थित सी-32 झुग्गियों में “आप” के स्वयंसेवकों को धमकी दी।
6. ली-मेरिडियन के पीछे स्थित झुग्गियों में 4-5 भाजपा कार्यकर्ताओं के एक समूह ने निवासियों को धमकी दी। उन्होंने उनसे कहा कि ष्अगर तुम्हें किसी “आप” कायकर्ता के साथ देखा, तो हम तुम्हारे हाथ और पैर तोड़ देंगे।
7. बूथ नंबर 73 (टी-हट्स) पर एक घटना हुई। रोहन नाम का एक व्यक्ति एक काले रंग की सियाज कार में आया और उसने “आप” के कार्यकर्ताओं से पर्चे छीन लिए और पुलिस को बुलाकर उन्हें गिरफ्तार करवाने की कोशिश की।
8. संगली मेस में व्यापारियों को धमकियां दी गईं। छोटे दुकानदारों ने आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं से जुड़ने से मना कर दिया क्योंकि उन्हें भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा धमकी दी गई थी। इसके अलावा, भाजपा से जुड़े गुंडों ने उन्हें बार-बार यह चेतावनी दी कि “हम तुम्हारी दुकान तुड़वा देंगे।
9. 18 जनवरी को जब मैं लाल बहादुर सदन, सेक्टर 2,डीआईजेड क्षेत्र, गोलक मार्केट में प्रचार करने गया था तो मेरे काफिले पर भी गुंडों ने हमला किया था।
अरविंद केजरीवाल ने चिट्ठी में कहा है कि जो बात और भी चिंताजनक है, वह यह है कि दिल्ली पुलिस भी हमारे कार्यकर्ताओं को मनमाने ढंग से हिरासत में लेकर, पूछताछ करके और परेशान करके उन्हें निशाना बना रही है। कुछ को तो गलत तरीके से भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
हम देख रहे हैं कि हमारे पार्टी के जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को अवैध हिरासत और धमकियों के जरिए दबाने का एक सुनियोजित प्रयास किया जा रहा है। ऐसा लगता है कि यह सब भाजपा के इशारे पर किया जा रहा है, ताकि हमारे कार्यकर्ता चुनाव से जुड़ी गतिविधियों में भाग न ले सकें। यह एक जानबूझकर की गई रणनीति लगती है, जिसका मकसद हमारे पार्टी के चुनाव प्रचार को कमजोर करना और दबाना है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि मौजूदा हालात को देखते हुए, हमें डर है कि चुनाव से एक रात पहले और चुनाव वाले दिन की सुबह, यह धमकी भरी रणनीतियां और बढ़ सकती हैं। इसका मकसद हमारे वॉलंटियर्स को मतदान के दिन काम करने से रोकना और हमारे पार्टी के चुनावी कामकाज में बाधा डालना हो सकता है। पिछले कुछ दिनों में जो कुछ हुआ है, उसे देखते हुए यह गंभीर चिंता का विषय है कि चुनाव से ठीक पहले हमारे मुख्य वॉलंटियर्स को दिल्ली पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा गलत तरीके से निशाना बनाया जा सकता है। हमें यह भी चिंता है कि हमारे सीनियर वॉलंटियर्स को अवैध रूप से हिरासत में लिया जा सकता है, उन्हें उठाकर ले जाया जा सकता है, धमकाया जा सकता है और यहां तक कि उन पर हमला भी किया जा सकता है, ताकि वे पार्टी का समर्थन करने से रोके जा सकें।
इन चिंताओं के मद्देनजर, मैं आपसे तुरंत कार्रवाई करने का अनुरोध करता हूं ताकि राजनीतिक उद्देश्यों के लिए कानूनी एजेंसियों का दुरूपयोग रोका जा सके और एक स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित हो सके।
1. स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की तैनाती- मतदान से एक रात पहले और मतदान वाले दिन पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष चुनाव पर्यवेक्षकों को तैनात किया जाए, खासकर संवेदनशील इलाकों में। यदि इन पर्यवेक्षकों को कोई गैरकानूनी गतिविधि दिखाई दे, तो उसे तुरंत आपके ध्यान में लाया जाए और उस पर सख्त कार्रवाई की जाए।
2. हमारे वॉलंटियर्स की सुरक्षा- दिल्ली पुलिस को निर्देश दिए जाएं कि वे हमारे कार्यकर्ताओं को चुनाव के दिन बिना किसी डर या परेशानी के काम करने दें। मैं ग्राउंड लेवल पर काम कर रहे हमारे वॉलंटियर्स की एक सूची भी संलग्न कर रहा हूं, जिन्हें पुलिस सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए, क्योंकि उन्हें हाल ही में भाजपा कार्यकर्ताओं और दिल्ली पुलिस द्वारा निशाना बनाया गया है। हमारी मांग है कि उन्हें दिल्ली पुलिस के अलावा किसी अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसी की सुरक्षा प्रदान की जाए।
3. पुलिस की शक्तियों के दुरूपयोग के लिए जवाबदेही- जिन पुलिस अधिकारियों ने गैरकानूनी और असंवैधानिक तरीके से काम किया है और अपने कर्तव्यों की अनदेखी की है, उन्हें तुरंत निलंबित किया जाए। चुनाव आयोग को ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करके एक मिसाल कायम करनी चाहिए, जो राजनीतिक दबाव में हमारे वॉलंटियर्स को डरा-धमका रहे हैं।
4. हिंसा में शामिल भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई- जो लोग हमारे स्वयंसेवकों को धमकाते हैं या उन पर हमला करते हैं, उन्हें गिरफ्तार किया जाए और भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 170 और 171 तथा चुनाव कानूनों के तहत कार्रवाई की जाए।
हम उम्मीद करते हैं कि चुनाव आयोग इस मामले पर तुरंत ध्यान देगा और ऐसी गलत हरकतों को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएगा, ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।