Skip to content
Facebook-f Instagram Youtube
  • Join AAP
  • Donate
  • About Us

    Our History

    Our Leadership

    Constitution

    Election Symbol

  • Media Gallery

    Press Release

    Official Spokespersons

  • Election Corner

    Delhi Elections 2025

  • Get Involved

    Join AAP

    Become a Member

    Careers

    Internship

    Fellowship

  • आप का रामराज्य

एपीजे स्कूल ने बच्चों के एडमिट कार्ड रोक दिए, जब ‘‘आप’’ ने पैरेंट्स के साथ प्रदर्शन किया तो उसे झुकना पड़ा- सौरभ भारद्वाज

  • February 25, 2026

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बच्चों के पैरेंट्स की तरफ से टाइम्स ऑफ इंडिया को लीगल नोटिस भेजने को ऐसे अखबारों के लिए सबक बताया है। उन्होंने कहा कि पैरेंट्स ने टाइम्स ऑफ इंडिया को लीगल नोटिस भेज कर आईना दिखाया है। पैरेंट्स ने यह नोटिस एकतरफा, असत्यापित, गलत और मानहानि कारक खबर छापने के लिए भेजा है। पैरेंट्स ने नोटिस में कहा है कि अखबार ने उनको बदनाम करने के लिए उनके खिलाफ झूठे तथ्य छापकर एपीजे स्कूल और सरकार मुखपत्र बनने का काम किया। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि निजी स्कूलों ने मनमानी फीस बढ़ाई और रेखा गुप्ता सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जाकर सरेंडर कर दिया। एपीजे स्कूल ने तो बच्चों के एडमिट तक कार्ड रोक दिए। जब ‘‘आप’’ ने पैरेंट्स के साथ प्रदर्शन किया तब उसे झुकना पड़ा।

बुधवार को “आप” मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर सौरभ भारद्वाज ने कहा कि वर्ष 2025 में प्राइवेट स्कूलों द्वारा मनमानी फीस बढ़ाने और दिल्ली सरकार के सुप्रीम कोर्ट में सरेंडर करने के कारण दिल्ली का मध्यम वर्ग काफी तकलीफ में है। क्योंकि निजी स्कूलों में बढ़ी फीस पर नया कानून 2025-26 में लागू नहीं होगा। एपीजे स्कूल ने खुलेआम 10वीं और 12वीं बोर्ड के बच्चों के एडमिट कार्ड तक रोक दिए थे। इसके बाद अभिभावकों और “आप” नेताओं ने मिलकर संघर्ष किया, जिसके परिणामस्वरूप स्कूल को एडमिट कार्ड देने पड़े। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो अंग्रेजी अखबार मध्यम वर्ग और जनता की आवाज उठाने के लिए जाने जाते रहे हैं, उन्होंने स्कूल मालिकों की आवाज बनकर दिल्ली के मध्यम वर्ग को बहुत ज्यादा नाराज किया है।

सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि जिस तरह की रिपोर्टिंग टाइम्स ऑफ इंडिया में हुई, वह पूरी तरह से अभिभावकों के खिलाफ थी और एक नैरेटिव सेट करने की कोशिश थी। उन्होंने इस बात पर खुशी और गर्व व्यक्त किया कि पिछले कुछ महीनों में दिल्ली का मध्यम वर्ग सड़कों पर उतर कर आया है। अब मुझे बहुत उम्मीद जगी है क्योंकि अभिभावकों ने टाइम्स ऑफ इंडिया को लीगल नोटिस भेजा है।

सौरभ भारद्वाज ने बताया कि यह लीगल नोटिस तीन दिन पहले तीन अभिभावकों और अभिभावकों की एसोसिएशन द्वारा टाइम्स ऑफ इंडिया के एडिटर और संबंधित रिपोर्टर को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि इस लीगल नोटिस के अंदर जो बातें लिखी गई हैं, वह दिल्ली के पूरे मध्यम वर्ग को जाननी चाहिए। यह लीगल नोटिस वकील के माध्यम से टाइम्स ऑफ इंडिया के एडिटर-इन-चीफ जयदीप बोस और रिपोर्टर मेघना धूलिया को भेजा गया है। यह नोटिस 15 फरवरी और 17 फरवरी को प्रकाशित एकतरफा, असत्यापित, तथ्यात्मक रूप से गलत और मानहानिकारक खबर छापने व पत्रकारिता के नैतिकता को तार-तार करने के लिए दिया गया है।

सौरभ भारद्वाज ने जानकारी दी कि अभिभावकों ने लीगल नोटिस के माध्यम से टाइम्स ऑफ इंडिया को सूचित किया है कि उनका प्रकाशित लेख तथ्यों का घोर गलत प्रस्तुतीकरण है और यह एक पूरी तरह से एकतरफा और पक्षपाती नैरेटिव पेश करता है, जो केवल स्कूल प्रबंधन और शिक्षा मंत्री आशीष सूद के पक्ष को ही दर्शाता है। अखबार ने एकतरफा खबर छापकर तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया है और इसमें अभिभावकों का पक्ष नहीं दिया गया है। लीगल नोटिस में आगे लिखा गया है कि अखबार ने बिना किसी प्रभावित अभिभावकों या अभिभावकों की एसोसिएशन से संपर्क किए और उनका पक्ष जाने बिना ही लेख प्रकाशित कर दिया। अखबार ने अभिभावकों से बात किए बगैर ही उन्हें जानबूझकर फीस न देने वाले डिफॉल्टर के रूप में प्रस्तुत किया, जो कि सच्चाई नहीं है।

नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि अखबार ने महत्वपूर्ण तथ्यों की पुष्टि किए बिना स्कूल का बयान छाप दिया। सच्चाई यह है कि अभिभावक 2020 में हाई कोर्ट में दी गई अंडरटेकिंग के अनुसार सही फीस की राशि लगातार चेक के माध्यम से भेज रहे हैं। डीएम के माध्यम से भेजे जाने के बावजूद स्कूल वे चेक स्वीकार नहीं कर रहा है। अखबार ने यह बात नहीं छापी, बल्कि केवल यह एकतरफा और झूठी खबर छापी कि अभिभावकों पर एक-दो लाख रुपये बकाया हैं।

सौरभ भारद्वाज ने बताया कि अभिभावक राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भी गए थे, जिसने 16 फरवरी 2026 को अभिभावकों के पक्ष में फैसला देते हुए स्कूल को बच्चों के एडमिट कार्ड देने का निर्देश दिया था। लेकिन यह खबर भी टाइम्स ऑफ इंडिया ने प्रकाशित नहीं की। उन्होंने आगे कहा कि यह कानून का एक तय मानक है। हाई कोर्ट के फैसले के अनुसार, शिक्षा भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत शिक्षा के अधिकार में शामिल एक महत्वपूर्ण अधिकार है। फीस विवाद को लेकर बच्चों को परीक्षा से रोककर उनके भविष्य को खतरे में नहीं डाला जा सकता। अखबार ने इस कानूनी संदर्भ को छिपाकर जनता के सामने एक विकृत तस्वीर पेश की है।

लीगल नोटिस में यहां तक कहा गया है कि अखबार लगभग एपीजे स्कूल और प्राइवेट स्कूलों का मुखपत्र बन गया है। इस लेख के प्रकाशन से अभिभावकों और उनके नाबालिग बच्चों को गंभीर मानसिक आघात, पीड़ा और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है। अखबार ने उन्हें समाज, रिश्तेदारों और दोस्तों की नजरों में वित्तीय दायित्व न निभाने वाले व्यक्तियों के रूप में गलत तरीके से चित्रित करके सार्वजनिक उपहास का पात्र बनाया है। अखबार की रिपोर्ट ने स्कूल की अवैध मांगों को वैध ठहराने और अभिभावकों के जायज संघर्ष को कमजोर करने का काम किया है। इस तरह की चुनिंदा रिपोर्टिंग ने उन सभी अभिभावकों को डराने का काम किया है जो शक्तिशाली स्कूल प्रबंधन के अन्याय के खिलाफ आवाज उठा सकते थे।

अभिभावकों ने स्पष्ट किया कि अखबार को यह बताना चाहिए था कि यह वह स्कूल है जो कानून नहीं मान रहा है और जबरदस्ती बांह मरोड़कर बढ़ी हुई फीस लेना चाहता है। ऐसा न करके अखबार ने उन सभी अभिभावकों को पीछे धकेल दिया है जो स्कूल प्रबंधन के खिलाफ लड़ सकते हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि मीडिया द्वारा समाज में उन्हें इसी तरह बदनाम किया जाएगा। अखबार ने इस बदनामी में स्कूल प्रबंधन की सहायता की और उनका मुखपत्र बनने का काम किया।

सौरभ भारद्वाज ने नोटिस की अंतिम और महत्वपूर्ण पंक्ति का जिक्र करते हुए कहा कि अखबार ने सार्वजनिक डोमेन में मौजूद सच्चे और सबसे महत्वपूर्ण तथ्यों को सत्यापित किए बिना रिपोर्टिंग की। 5 मई 2020 के दिल्ली हाई कोर्ट के निर्णय के अनुसार, स्कूल प्रबंधन ने न केवल अभिभावकों और आम जनता के साथ बल्कि सरकार के साथ भी धोखाधड़ी की थी, जिसके लिए स्कूल को सील किया गया था। स्कूल ने शिक्षा विभाग में कार्यरत एक कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी के माध्यम से फीस बढ़ाने की फर्जी ईमेल अप्रूवल तैयार की थी। इसके बाद तत्कालीन मुख्य सचिव ने प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और स्कूल को सील करने का निर्देश दिया था।

सौरभ भारद्वाज ने याद दिलाया कि 2020 में तत्कालीन आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा इस स्कूल को सील कराया गया था। भाजपा मंत्री आशीष सूद जो बातें कहते हैं, वे गलत हैं। सच्चाई यह है कि इस स्कूल ने सरकार की मर्जी के खिलाफ फीस बढ़ाई थी और शिक्षा निदेशालय के एक कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी से फर्जी ईमेल कराकर बढ़ी हुई फीस की सहमति प्राप्त की थी। जब इसकी जांच पेटीशंस कमेटी द्वारा कराई गई और मामला हाई कोर्ट के सामने आया, तो यह साबित हो गया कि स्कूल ने फर्जीवाड़ा किया था। हाई कोर्ट ने स्कूल को कड़ी फटकार लगाई थी और मुख्य सचिव को इस फर्जीवाड़े के लिए स्कूल पर एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया था।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि एपीजे स्कूल न सिर्फ फर्जीवाड़ा करके और नकली ईमेल जनरेट कराकर अपनी फीस बढ़ाता है, बल्कि बढ़ी हुई फीस न देने पर अभिभावकों को डराता-धमकाता है और बच्चों के एडमिट कार्ड रोक लेता है। ऐसे में टाइम्स ऑफ इंडिया जैसे अखबारों को एपीजे स्कूल की यह सच्चाई पहले पन्ने पर छापनी चाहिए थी और जनता को बताना चाहिए था कि ये लोग क्या कर रहे हैं। इसके विपरीत, अखबार ने खबरों को तोड़-मरोड़ कर दिखाया ताकि हाई कोर्ट, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और सड़क पर हजारों बच्चों के लिए संघर्ष कर रहे अभिभावकों की लड़ाई को कमजोर किया जा सके।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मुझे ऐसे अभिभावकों पर बहुत गर्व है जिन्होंने आज पहली बार टाइम्स ऑफ इंडिया जैसे अखबार को आईना दिखाया है और उन्हें मानहानि का लीगल नोटिस भेजा है।

Social Stream

Tweets by AamAadmiParty
Aam Aadmi Party | AAP

aamaadmiparty

The Fastest Growing Political Startup 🚀 Leading Alternative Politics for a Better India 🇮🇳

Citizens gave the Modi government a mandate. Why Citizens gave the Modi government a mandate.

Why can’t it give them accountability?
केजरीवाल जी ने पहले ही आगाह कर दिया था, आज वही चेतावनी दिल्ली की हकीकत बन गई है।
दिल्ली में पानी नहीं, सिर्फ evaporation है!
Fuel Saving Awareness ❌ Fuel Burning Convoy✅ Fuel Saving Awareness ❌
Fuel Burning Convoy✅
पंजाब में जारी है रोजगार क्रांति!
आज CM मान ने 355 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे।
वादे नहीं, रोजगार देकर दिखाया।
पंजाब में सफाई व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए Mann Sarkar ने 'मिशन क्लीनिंग पंजाब' शुरू किया है।

✅ व्यापक सफाई अभियान
✅ अधिकारियों की प्रत्यक्ष निगरानी
✅ रोज़ाना जवाबदेही तय

स्वच्छ, सुंदर और बेहतर पंजाब के निर्माण की दिशा में Mann Sarkar का एक और बड़ा कदम।
When the lie sounds convincing... until the facts When the lie sounds convincing... until the facts show up 😂
LPG सिलेंडर फिर महंगा हुआ, लेकिन सरकार कहती है सब चंगा सी!!
झूठ बोलते हुए फिर पकड़े गए CM नायब सिंह सैनी…
Bringing government services closer to the people Bringing government services closer to the people who need them most.
An Education Minister Who Failed Miserably An Education Minister Who Failed Miserably
Punjab has topped the NITI Aayog education ranking Punjab has topped the NITI Aayog education rankings, surpassing Kerala. This achievement reflects the Mann Government's unwavering commitment to strengthening education and building a brighter future for every student.
Do you know which state is leading India’s educa Do you know which state is leading India’s education revolution?
रेखा गुप्ता जी के बहाने हज़ार, लेकिन काम Zero
प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री मोदी जुमले देने में Hero 
युवाओं को रोजगार देने में Zero
जो AAP ने शिक्षा के क् जो AAP ने शिक्षा के क्षेत्र में दिल्ली और पंजाब में कर दिखाया है वो देश के सभी राज्यों में भी हो सकता है। 

बस नीयत साफ़ और सरकार ईमानदार होनी चाहिए।
But ask them about their work and they will have n But ask them about their work and they will have no answers.
रेलवे के “विकास मॉडल” की पोल फिर से खुल गई।

वैष्णो देवी से आ रही ट्रेन की बोगी का टॉयलेट टूटकर गिर गया। सोचिए, अगर उस समय कोई यात्री वहाँ मौजूद होता तो इसकी ज़िम्मेदारी कौन लेता?

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी करोड़ों रुपये पीआर, विज्ञापनों और चमचमाते स्टेशनों पर खर्च कर रहे हैं, लेकिन ट्रेनों की बुनियादी सुरक्षा तक सुनिश्चित नहीं कर पा रहे।
Dharmendra Pradhan Must Resign!! Dharmendra Pradhan Must Resign!!
Will someone be held accountable this time? Will someone be held accountable this time?
Load More Follow on Instagram

“First, they ignore you, then they laugh at you, then they fight you and then you win.” - Mahatma Gandhi

AAM AADMI PARTY

1, Pandit Ravi Shankar Shukla Lane, (1 – Canning Lane)
New Delhi – 110001

  • Helpline No : 97185 00606
  • Timing : 9:00 am - 6:00 pm
  • Email ID: [email protected]

About

  • Our History
  • AAP Leadership
  • Constitution
  • Election Symbol
  • C2/C7 Documents
  • Archive Website

Media Resources

  • Press Release
  • Official Spokespersons

Follow us on

Facebook-f Instagram Youtube X-twitter
©2026 Aam Aadmi Party. All rights reserved.
  • Privacy Policy
  • Terms of Service
  • Contact Us
About Us

Our History

Our Leadership

Constitution

Election Symbol

Media Gallery

Press Release

Official Spokespersons

Election Corner

Delhi Elections 2025

Get Involved

Join AAP

Become a Member

Careers

Internship

Fellowship

आप का रामराज्य
Facebook-f Instagram Youtube