भाजपा को चुनाव के दौरान दिल्लीवालों से किए गए उसके वादे को याद दिलाना पसंद नहीं है। शुक्रवार को सदन में आम आदमी पार्टी के विधायकों ने जब महिलाओं को 2500 रुपए देने के वादे की याद दिलाई तो भाजपा भड़क गई और स्पीकर ने ‘‘आप’’ विधायकों को सदन से बाहर निकाल दिया। सदन से बाहर निकाले जाने के विरोध में नेता प्रतिपक्ष आतिशी के नेतृत्व में विधायकों ने ‘2500 रुपए कब आएंगे’ के प्ले कार्ड के साथ विधानसभा परिसर में जमकर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। आतिशी ने कहा कि मोदी जी ने महिलाओं से वादा किया था कि 8 मार्च तक उनके खाते में 2500 रुपए आ जाएंगे, लेकिन भाजपा सरकार ने यह वादा पूरा नहीं किया। अब साबित हो गया कि भाजपा का 2500 रुपए देने का कोई इरादा नहीं है और मोदी जी ने झूठ बोलकर महिलाओं को धोखा दिया।
आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि भाजपा के शीर्ष नेता व देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली की महिलाओं से वादा किया था कि आठ मार्च तक उनके खातों में 2,500 रुपये जमा कर दिए जाएंगे। मोदी जी ने कहा था कि आठ मार्च को दिल्ली की महिलाओं के फोन पर 2,500 रुपए क्रेडिट होने का मैसेज आएगा। आठ मार्च आई और चली गई, लेकिन महिलाओं के खाते में एक रुपए नहीं आया। दिल्ली की भाजपा सरकार ने मोदी जी का वादा पूरा नहीं किया और पूरे देश के सामने यह बात साबित हो गई कि मोदी जी ने झूठ बोला था।
आतिशी ने कहा कि मोदी जी का झूठ अब दिल्ली की महिलाओं के साथ-साथ पूरा देश देख रहा है। जब हमने दिल्ली विधानसभा के सदन में सवाल पूछा कि महिलाओं के खातों में 2,500 रुपए कब आएंगे, तो भारतीय जनता पार्टी ने कोई जवाब नहीं दिया। भाजपा ने इसकी समय समय सीमा बताने से भी इन्कार कर दिया। जब हमारे विधायकों ने सदन में महिलाओं के खाते में 2,500 रुपए आने की तारीख पूछी तो एक-एक करके सभी विधायकों को सदन से बाहर निकाल दिया गया। इसका मतलब साफ है कि आठ मार्च को भाजपा की सरकार ने दिल्ली की महिलाओं को न पैसे दिए और ना ही आगे भी पैसे देने का इनका इरादा है। आज दिल्ली व देश के सामने यह साफ हो गया कि मोदी जी ने दिल्ली की महिलाओं को झूठ बोला और मोदी की गारंटी के नाम पर जुमला दिया और दिल्ली के लोगों को धोखा दिया।
आतिशी ने कहा कि महिलाओं को 2500 रुपए देने से भागने और इस मुद्दे से दिल्ली की जनता का ध्यान भटकाने के लिए भाजपा जगहों के नाम बदलने की बात कर रही है। भाजपा महिलाओं को 2500 रुपए नहीं दे पा रही है तो मुस्तफाबाद का नाम बदलने की बात कहती है। जब वह मुफ्त सिलेंडर नहीं दे पाएगी तो फिर अकबर रोड का नाम बदलेगी। जब 50 हजार नौकरियां नहीं दे पाएगी तो कहेगी कि हिमायू रोड का नाम बदलेंगे। जिस दिन पुजारियों-ग्रंथियों को पैसा नहीं दे पाएंगे, उस दिन नजफगढ़ का नाम बदलने की बात कहेंगे। भाजपा चाहती है कि 2500 रुपए या मुफ्त सिलेंडर पर चर्चा न हो, बल्कि मुस्तफाबाद पर चर्चा हो।
आतिशी ने कहा कि लोगों को ध्यान भटकाने के लिए जगहों के नाम बदलने का भाजपा का यह एक तरीका है। अपने वादों से भागने का तरीका है। भाजपा ने झूठे वादे किए उससे ध्यान भटकाने का यह तरीका है। लेकिन हम जिम्मेदार विपक्ष होने के नाते भाजपा की दिल्ली सरकार की जवाबदेही तय करके रहेंगे और जब तक दिल्ली की महिलाओं के पास 2500 रुपए नहीं आते हैं, फ्री सिलेंडर नहीं मिल जाते, 50 हजार नौकरियां और पुजारियों को 20 हजार रुपए का मानदेय नहीं मिलता है, तब तक हम भाजपा को उसके वादे याद दिलाते रहेंगे।