आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने भाजपा सरकार द्वारा बुराड़ी सर्किल दो का राशन दफ्तर को शिफ्ट करने के फैसले को गरीब विरोधी बताया है। इस फैसले का विरोध करते हुए उन्होंने दिल्ली के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में कहा है कि हम पहले भी कहते आए हैं और आज फिर सच सामने है कि भाजपा की नीतियां गरीब विरोधी हैं। गरीबों के हक की हर योजना से भाजपा को तकलीफ है। बुराड़ी सर्किल-02 का राशन दफ़्तर, जो सालों से बुराड़ी में ही गरीबों को सुविधाएं देने के लिए कार्यरत था, उसे 11 किलोमीटर दूर गुलाबी बाग शिफ्ट कर दिया गया।
संजीव झा ने कहा कि यह सोचने वाली बात है कि अब एक गरीब मजदूर, बुज़ुर्ग या महिला राशन कार्ड के छोटे-छोटे कामों के लिए इतनी दूर कैसे जाएगी? यह कोई एक इलाके की बात नहीं है। लगभग हर विधानसभा क्षेत्र के राशन दफ़्तर बंद कर उन्हें ज़ोन की एक इमारत में ऐसे ही स्थानांतरित किया जा रहा है, ताकि गरीब थक जाए, परेशान हो जाए और अपने हक से दूर हो जाए।
सोमवार को दिल्ली के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा को लिखे पत्र में संजीव झा ने कहा है कि मुझे जानकारी मिली है कि बुराड़ी सर्किल-02 के अंतर्गत कार्यरत खाद्य आपूर्ति अधिकारी (एफएसओ) कार्यालय को बुराड़ी से लगभग 11 किमी दूर गुलाबी बाग स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है।
संजीव झा ने मंत्री के संज्ञान में लाया कि बुराड़ी एक घनी आबादी वाला क्षेत्र है, जहां से बड़ी संख्या में आम नागरिक प्रतिदिन राशन कार्ड बनवाने, नाम जोड़ने-हटाने, संशोधन और अन्य छोटे-छोटे कार्यों के लिए एफएसओ कार्यालय आते हैं। कार्यालय के इतनी दूर स्थानांतरित होने से विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को अत्यधिक असुविधा का सामना करना पड़ेगा।
संजीव झा ने कहा कि राशन से संबंधित अधिकांश कार्य सामान्य और तात्कालिक प्रकृति के होते हैं, जिनके लिए 11 किमी दूर यात्रा करना आम जनता के लिए समय, धन और श्रम की दृष्टि से अत्यंत कष्टप्रद होगा। यह कदम जनहित के विपरीत प्रतीत होता है।
संजीव झा ने मंत्री से निवेदन किया कि जनहित को ध्यान में रखते हुए बुराड़ी सर्किल-02 के एफएसओ कार्यालय को यथा स्थान पर बनाए रखने अथवा बुराड़ी क्षेत्र के समीप ही किसी उपयुक्त स्थान पर संचालित करने के संबंध में पुनर्विचार किया जाए, जिससे आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके। उन्होंने विश्वास जताया कि मंत्री इस विषय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर उचित निर्णय लेंगे।