जब सत्येंद्र जैन ने बीईएल को नोटिस जारी कर 16 करोड़ का जुर्माना लगाने की चेतावनी दी, तब सारे कैमरे तय समय पर लग गए- प्रियंका कक्कड़

दिल्ली के पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ एक और फर्जी जांच के आदेश देने पर आम आदमी पार्टी ने एलजी व भाजपा पर पलटवार किया है। ‘‘आप’’ की मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि सीएम केजरीवाल के अच्छे कामों को रोकने लिए भाजपा के इशारे पर एलजी ने यह जांच बैठाई है। दिल्लीवालों को सुरक्षा के मद्देनजर 1.40 लाख सीसीटीवी लगाने के लिए केंद्र सरकार की कंपनी बीईएल को प्रक्रिया के तहत ठेका दिया गया। जब कंपनी कैमरे लगाने में देर करने लगी तो सत्येंद्र जैन ने उसको कारण बताओ नोटिस जारी कर 16 करोड़ रुपए जुर्माना लगाने की चेतावनी दी। इसके बाद कंपनी ने तय समय में सारे कैमरे लगा दिए। अब छह साल बाद एलजी कह रहे हैं कि बीईएल ने सत्येंद्र जैन को 7 करोड़ की रिश्वत दी है। यह हास्यप्रद है कि केंद्र की एक कंपनी रिश्वत दे रही है और मोदी जी अपनी ही सरकार में भ्रष्टाचार नहीं रोक पा रहे हैं। ‘‘आप’’ इंतजार कर रही है कि अगर बीईएल ने रिश्वत दी है तो केंद्र और एलजी उसके खिलाफ भी जांच के आदेश देंगे।

‘‘आप’’ की मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर कहा कि आम आदमी पार्टी जनता के मुद्दों पर काम करती है और यही भाजपा की सबसे बड़ी दिक्कत है। भाजपा जब हरियाणा और उत्तर प्रदेश जाती है तो उसके नेताओं से बार-बार पूछा जाता है कि अरविंद केजरीवाल की सरकार दिल्ली के सरकारी स्कूलों में इतनी अच्छी शिक्षा और सुविधा दे रही है, तो भाजपा अपने राज्यों में बच्चों को वैसी सुविधा क्यों नहीं दे पा रही है। हरियाणा में उनसे पूछा जाता है कि जब आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली में 24 घंटे और मुफ्त बिजली दे सकती है, तो भाजपा हरियाणा में 24 घंटे मुफ्त बिजली क्यों नहीं देती है। भाजपा के नेताओं से हर जगह पूछा जाता है कि दिल्ली की तरह हमारे राज्यों में भी महिलाओं को फ्री बस यात्रा क्यों नहीं मिलती है। भाजपा जनता को ये नहीं बता सकती कि ‘‘आप’’ की सरकार जनता का पैसा जनता के ऊपर खर्च करती है, लेकिन भाजपा उन पैसों को हड़प लेती है। ऐसे में उनके पास केजरीवाल सरकार को रोकने का कोई तरीका नहीं बचता है। इसलिए वो लगातार हमपर झूठे केस लगाते हैं। हमारे नेताओं को फर्जी केस में जेल में डाल देते हैं और किसी भी तरह से दिल्ली के काम रोकने में लगे रहते हैं।

प्रियंका कक्कड़ ने बताया कि अब भाजपा के एलजी ने सत्येंद्र जैन के खिलाफ एक बड़े ही हास्यास्पद आरोप में जांच की अनुमति दी है। वो कह रहे हैं कि केंद्र सरकार की एक नवरत्न पीएसयू (पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग) भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) ने दिल्ली सरकार में तत्कालीन मंत्री सत्येंद्र जैन को रिश्वत दी। यह आरोप अपने आप में हास्यास्पद है, क्योंकि केंद्र सरकार की एक कंपनी रिश्वत दे रही है और मोदी जी अपनी सरकार में ही इस भ्रष्टाचार को नहीं रोक पा रहे हैं। अब हमें इंतजार है कि केंद्र सरकार भी इस बात की मंजूरी दे कि अगर बीईएल ने रिश्वत दी है तो उसपर भी जांच होगी।

प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि एलजी का काम राजधानी में अपराध को कम करना है, लेकिन यह बात किसी से छिपी नहीं है कि वह इसमें पूरी तरह से नाकाम रहे हैं। इसलिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्लीवासियों की सुरक्षा और अपराधियों को पकड़ने के लिए पूरी दिल्ली में सीसीटीवी लगाने की योजना बनाई। उस समय पीडब्ल्यूडी मंत्री रहे सत्येंद्र जैन ने आरडब्ल्यूए, व्यापार संघ, पुलिस समेत सभी हितधारकों के साथ बैठक कर पूरी दिल्ली में उन स्पॉट की पहचान की जहां सीसीटीवी लगने चाहिए। सारी प्रक्रिया के बाद दिल्ली विधानसभा से इस प्रस्ताव को पास कराकर एलजी साहब की मंजूरी के लिए भेजा गया। लेकिन 2018 में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन को सीसीटीवी के बिल पर मंजूरी लेने के लिए एलजी आवास पर धरने पर बैठना पड़ा था, क्योंकि एलजी साहब वह सीसीटीवी की फाइल अपने पास लेकर बैठ गए थे।

प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि एलजी ने हमेशा से केजरीवाल सरकार के काम रोके हैं। जब आखिरकार सीसीटीवी लगाने की मंजूरी मिल गई तो प्रक्रिया के तहत इसके ठेके के लिए टेंडर निकाला गया। उस टेंडर प्रक्रिया में सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी केंद्र सरकार की नवरत्न पीएसयू बीईएल थी, जिसके कारण मोदी जी की सरकारी कंपनी बीईएल को यह टेंडर मिला। बीईएल को दिल्ली में 1 लाख 40 हजार सीसीटीवी कैमरे लगाने का टेंडर मिला। लेकिन बीईएल बहुत धीमी रफ्तार से काम कर रही थी। इसके लिए सत्येंद्र जैन ने बीईएल को कई नोटिस भेजे, कई बार अधिकारियों को भी समन किया गया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी बीईएल के रवैये पर भारी आपत्ति जताई। इसके बाद सत्येंद्र जैन ने बीईएल को कारण बाताओ नोटिस जारी करते हुए कहा कि बीईएल बताए कि उसके ऊपर 16 करोड़ रुपए का जुर्माना क्यों नहीं लगाया जाना चाहिए? चूंकि एलजी द्वारा बिल रोकने की वजह से इस प्रोजेक्ट में पहले ही बहुत देर हो गई थी। इसलिए इसे और देर तक लटकाया नहीं जा सकता था। इस नोटिस के बाद बीईएल हरकत में आई और उसने अपना पूरा काम समय रहते खत्म कर दिया। समय से काम पूरा होने की वजह से उन पर जुर्माना नहीं लगाया गया।

प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि अब सीसीटीवी लगने के 6 साल बाद और दिल्ली विधानसभा चुनाव से 6 महीने पहले एलजी कह रहे हैं कि बीईएल ने सत्येंद्र जैन को 7 करोड़ रुपए की रिश्वत दी है। क्या केंद्र सरकार की कंपनियां इतनी लाचार हो गई हैं कि वह मोदी जी के पास नहीं जा पाईं? साथ ही, बीईएल के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई या नहीं, केंद्र सरकार इसका भी तो जवाब दे। एलजी साहब बेवजह जांच बैठाकर केवल हमारे नेताओं को जेल में रखना चाहते हैं। अगर उन्हें जांच का इतना ही शौक है और वह सच्चे देशभक्त हैं, तो उन्हें आज ही मोदी जी को चिट्ठी लिखकर अयोध्या इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर खर्च हुए 30,000 करोड़ रुपए की जांच करें, जो कुछ महीनों में टूटने और बहने लगा है। वहां उन्हें निश्चित तौर पर भ्रष्टाचार मिल जाएगा।

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