सोमन वांगचुक से अपना आमरण अनशन तोड़ने की अपील लेकर गए सांसदों को पुलिस ने मिलने नहीं दिया। सांसदों का नेतृत्व कर रहे आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह ने पुलिस से सोनम वांगचुक को 55 सांसदों का हस्ताक्षर युक्त पत्र सौंपने की बात कही, लेकिन पुलिस ने मेडिकल प्रोटोकॉल का हवाला देकर मिलने की इजाजत नहीं दी। संजय सिंह ने कहा कि ये भाजपा की तानाशाही है। सोनम वांगचुक से मिलने तक की इजाजत नहीं है। जबकि हाई कोर्ट ने साफ़ कहा है कि वह पुलिस डिटेंशन में नहीं हैं। फिर उनसे मिलने से क्यों रोका गया? समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी, टीएमसी, सीपीएम, शिवसेना (यूबीटी) डीएमके, आरजेडी, बीजेडी, एएसपी, सीपीआई, एनसी, जेएमएम सांसदों ने हस्ताक्षर करके सोनम वांगचुक से अपना अनशन ख़त्म करके आंदोलन जारी रखने की अपील की। उनका जीवन देश के लिए अमूल्य है।
संजय सिंह ने कहा कि 55 सांसदों ने सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर यह संयुक्त अपील की है। सोनम वांगचुक का जीवन इस देश और युवाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए वे अपना अनशन समाप्त कर लें, उनके मुद्दे को विपक्षी दल सड़क से लेकर संसद तक उठाएंगे। इस अपील का समर्थन सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी किया है। उन्होंने कहा कि जब कोर्ट का स्पष्ट आदेश है कि सोनम वांगचुक हिरासत में नहीं हैं, तो हमें रोकना सीधे तौर पर कोर्ट के आदेश की अवमानना और सांसदों के विशेषाधिकार का हनन है। उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों से कहा कि यह सब ऊपर बैठे तानाशाहों की साजिश है, जो कोर्ट का आदेश होने के बावजूद हमें मिलने नहीं दे रहे हैं। इन तानाशाहों को जनता जरूर जवाब देगी।
संजय सिंह ने कहा कि तानाशाही का आलम देखिए कि इतिहास में पहली बार पुलिस अस्पताल में भर्ती किसी मरीज से मिलने से रोक रही है। हम अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक से मिलने आए थे, लेकिन प्रशासन ने मेडिकल प्रोटोकॉल का हवाला देकर हमें रोक दिया। 55 सांसदों ने एक पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे लेकर हम सोनम वांगचुक से अनशन तोड़ने का अनुरोध करने आए थे। सोनम वांगचुक ने भी कहा था कि अगर देश के सांसद उन्हें भरोसा दिलाएंगे तो वे अपना अनशन तोड़ सकते हैं। संजय सिंह ने सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या ये लोग सोनम वांगचुक को मारना चाहते हैं, जो उन्हें पत्र तक देने और मिलने की इजाजत नहीं दे रहे हैं?
संजय सिंह ने कहा कि एक तरफ प्रशासन विपक्ष के इतने सारे सांसदों को अस्पताल में मिलने से रोक रहा है, वहीं दूसरी तरफ जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह जैसे नेता अस्पताल जाकर सोनम वांगचुक से मिलकर आए हैं। विपक्ष के सांसद केवल सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील करने आए हैं, लेकिन उनकी मांगों को लेकर उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।