आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 के मुद्दे पर जिद पर अड़ी केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार कह रही है कि इथेनॉल के मुद्दे पर वह जनता की कोई बात नहीं मानेगी। सरकार का इतना अहंकार सही नहीं है। जबकि एक जिम्मेदार सरकार को जनता की आवाज़ सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोग पंप पर ई-10, ई-20 और शुद्ध पेट्रोल का विकल्प मांग रहे हैं लेकिन सरकार कोई विकल्प देने को तैयार नहीं है। लोग शुद्ध पेट्रोल से ई-20 पेट्रोल सस्ता करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार ये भी करने को भी तैयार नहीं है। ई 20 से गाड़ियां खराब होने, माइलेज कम होने की शिकायतें भी लोग कर रहे हैं, लेकिन सरकार कह रही है कि सब ठीक है।
“आप” के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैंने दो-तीन मीडिया पर हरदीप पुरी के इंटरव्यू सुने। वे एथेनॉल वाले मुद्दे पर कुछ स्पष्टीकरण दे रहे थे। उन्होंने साफ-साफ कहा कि लोगों को कोई विकल्प नहीं दिया जाएगा। लोग कह रहे हैं कि जब वे पेट्रोल पंप पर जाएं, तो वहां ई-10, प्योर पेट्रोल और ई-20 तीनों उपलब्ध होने चाहिए, ताकि उन्हें जो खरीदना हो, वे खरीद सकें। लेकिन वे कह रहे हैं कि कोई चॉइस नहीं दी जाएगी।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि लोग कह रहे हैं कि ई-20 वाला पेट्रोल नॉर्मल पेट्रोल से सस्ता मिलना चाहिए, तभी वे इसे खरीदेंगे। लेकिन हरदीप पुरी कह रहे हैं कि पेट्रोल सस्ता नहीं दिया जाएगा। लोग कह रहे हैं कि उनके इंजन और गाड़ियां खराब हो रही हैं, लेकिन वे कह रहे हैं कि मैं नहीं मानता कि कुछ खराब हो रहा है, सब ठीक है। लोग कह रहे हैं कि उनकी गाड़ी की माइलेज कम हो रही है, लेकिन वे कह रहे हैं कि मैं नहीं मानता, कोई माइलेज कम नहीं हो रही है।
अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि इसलिए मैं प्रधानमंत्री जी से कहना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री जी, इतना अहंकार ठीक नहीं है। यह तो तानाशाही है। जब करोड़ों लोग इसके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, तो उनकी आवाज को सुनना किसी भी जिम्मेदार सरकार की जिम्मेदारी है। लोगों की आवाज सुनो, नहीं तो यह ठीक नहीं है।