आम आदमी पार्टी ने देश की राजधानी दिल्ली में बीते 24 घंटे में 6 लोगों की हत्या को लेकर भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। ‘‘आप’’ दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा राज में दिल्ली सुरक्षित नहीं है। बीते 24 घंटे में 6 लोगों की हत्या इस बात का प्रमाण है। इन हत्याओं से लोग दहशत में हैं। दिल्ली में रोज सरेआम हत्याएं हो रही हैं और सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ रहा। ऐसा लग रहा है, जैसे दिल्ली में कोई सरकार ही नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृहमंत्री के अधीन है, लेकिन वह प्रचार में व्यस्त हैं और पुलिस कमिश्नर किसी से मिलते नहीं हैं। ऐसे में दिल्ली की सुरक्षा भगवान भरोसे है। भाजपा सरकार ने पहले दिल्ली को नशे की राजधानी बनाया और अब नशे ने दिल्ली को अपराध की राजधानी बना दिया है।
मंगलवार को “आप” मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में बीते 24 घंटे के अंदर छह मर्डर हुए हैं। देश की राजधानी में छह मर्डर दिन-दहाड़े और बीच चौराहे या मेन रोड पर हो रहे हैं। ये हत्याएं छुपकर या घर में घुसकर नहीं, बल्कि खुलेआम और निर्मम तरीके से हो रही हैं। मंगोलपुरी में सोमवार को दसवीं का एक छात्र अपने स्कूल से रोल नंबर लेने और फेयरवेल के बाद बाहर निकला, तो उस पर हमला हुआ। हमले में बर्फ तोड़ने वाले सुए का इस्तेमाल किया गया। सुआ उसके सिर के आर-पार हो गया और उसकी मृत्यु हो गई। उसकी मां अभी तक विश्वास नहीं कर पा रही है कि उनका बेटा अब नहीं रहा।
सौरभ भारद्वाज ने त्रिलोकपुरी में एक युवक मोबाइल की दुकान पर फोन चार्ज कराने गया था। दुकानदार ने मना कर दिया। इसके बाद वह लड़का कई लड़कों को लेकर आया। उनके पास लकड़ी के डंडे थे जिन पर चारों तरफ कीलें लगी थीं। उन्होंने दुकानदार को दुकान से बाहर निकालकर बीच बाजार में पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी। वहीं, मोती नगर में डेढ़ घंटे के अंतराल में दो हत्याएं हुईं।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि भाजपा सरकार को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। देश के गृह मंत्री कभी नागालैंड चले जाते हैं तो कभी बंगाल। वे देश के गृह मंत्री कम और प्रचार मंत्री ज्यादा बने हुए हैं। देश की आंतरिक सुरक्षा और खास तौर पर दिल्ली की सुरक्षा उनके पास है क्योंकि उन्होंने दिल्ली पुलिस पर कब्जा जमा रखा है। लेकिन आम नागरिक कहां जाए, यह बड़ा सवाल है। वहीं, पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा, अमित शाह से भी बड़े मंत्री बने बैठे हैं और किसी से मिलने को तैयार नहीं हैं। अमित शाह तो दिल्ली में होते ही नहीं हैं। दिल्ली भगवान भरोसे चल रही है। मंगोलपुरी, बवाना, सुल्तानपुरी, त्रिलोकपुरी और सीमापुरी जैसे इलाकों में ज्यादातर दलित और वंचित समाज रहता है, वहां छोटे-छोटे बच्चों को नशे की लत लगाई जा रही है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पुलिस की आंखों के सामने नशा धड़ल्ले से बिक रहा है। इन थानों में पोस्टिंग के रेट अलग हैं क्योंकि यहां मोटा पैसा कमाया जाता है। नशे के कारोबारियों से दिल्ली पुलिस के अफसर करोड़ों रुपये कमाते हैं। कोई भी नशा पुलिस को हफ्ता दिए बिना नहीं बिकता। नशा करने वालों को होश नहीं रहता और वे किसी की भी हत्या करने के लिए तैयार हो जाते हैं। पिछले 10-12 साल में दिल्ली को नशे की राजधानी बना दिया गया है, जो आज क्राइम की राजधानी बनने का सबसे बड़ा कारण है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दसवीं कक्षा के लड़के के सिर में सुआ घोंप देना कोई साधारण बात नहीं है, यह एक विकृत मानसिकता है। समाज को हिंसक और नफरती बना दिया गया है। एक मोबाइल चार्ज न करने जैसी छोटी बात पर हत्या कर देना बताता है कि लोगों में कितना गुस्सा और नफरत है। इस पूरे इको-सिस्टम में भाजपा का बड़ा योगदान है, जो चीखने-चिल्लाने और हिंसक व्यवहार को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि छह मर्डर होने के बावजूद न तो अमित शाह का कोई बयान आया और न ही कमिश्नर सतीश गोलचा का कि वे क्या कदम उठा रहे हैं। कोई जवाबदेही नहीं है और ऐसा लग रहा है जैसे दिल्ली बिना सरकार के चल रही है।
वहीं, “आप” की पूर्व विधायक राखी बिड़लान ने कहा कि सोमवार को मंगोलपुरी विधानसभा के स्कूल में पढ़ने वाले छात्र सुधांशु के साथ जो हादसा हुआ, वह दिल दहलाने वाला है। उस बच्चे के सिर में न केवल सुआ गोपा गया, बल्कि एक खंजर (छुरी) उसके सिर के आर-पार कर दिया गया। इंसानी दिमाग की हड्डी बहुत मजबूत होती है, लेकिन उसके बावजूद हथियार का आर-पार हो जाना और वह भी दिन के 12 बजे स्कूल के सामने बने पुलिस बूथ के पास होना, कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
राखी बिड़लान ने कहा कि जितनी भी पुनर्वास कॉलोनियां हैं, वहां गरीब, मजदूर, दलित और प्रवासी परिवार रहते हैं। भाजपा सरकार इन लोगों को महज एक वोट बैंक समझती है। चुनाव के समय खूब प्रचार किया जाता है, लेकिन इन्हीं दलित बस्तियों में खुलेआम नशा बिकता है और दिन-दहाड़े नाबालिग बेटे-बेटियों की हत्याएं होती हैं, तब पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है।
राखी बिड़लान ने बताया कि घटना सोमवार दोपहर 12ः30 बजे की है जब वह बच्चा स्कूल से लौट रहा था। मैं खुद रात के 2 बजे तक वहां मौजूद थी, लेकिन पुलिस की तरफ से परिवार को न तो एफआईआर की कॉपी सौंपी गई और न ही यह बताया गया कि वे क्या कार्रवाई कर रहे हैं। पुलिस ने हादसे के मकसद की भी कोई तस्दीक नहीं की और न ही परिवार से बात की। वह 10वीं का छात्र था, उसके पिता एमसीडी में सफाई कर्मचारी हैं और मां घरों में काम करती हैं। इतनी निम्न आर्थिक स्थिति वाले परिवार की किसी से रंजिश नहीं हो सकती।
राखी बिड़लान ने कहा कि मंगोलपुरी, सुल्तानपुरी, बवाना, जहांगीरपुरी, त्रिलोकपुरी और कोंडली जैसे इलाकों में औसतन प्रतिदिन चार से छह मर्डर होना आम बात हो गई है। महिलाओं का उत्पीड़न, स्नैचिंग और चोरी-चकारी को लोग नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन दिन-दहाड़े निर्मम हत्याएं होना शर्म की बात है। यह साबित करता है कि दिल्ली में भाजपा की चार इंजन वाली सरकार और देश के गृह मंत्री, जिनके हाथों में दिल्ली की सुरक्षा है, पूरी तरह विफल रहे हैं।
राखी बिड़लान ने आगे बताया कि 1 जनवरी से 15 जनवरी के बीच 800 से ज्यादा बच्चे लापता हो चुके हैं, जिनमें 200 से ज्यादा नाबालिग लड़कियां हैं। हत्याओं का आंकड़ा 125 से ऊपर है। छोटी-मोटी घटनाओं को तो लोग पुलिस के पास लेकर ही नहीं जाते क्योंकि उन्हें पता है कि पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करेगी। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले महीने ही मुख्यमंत्री के घर के बाहर एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह सिर्फ दलित बस्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दिल्ली में गुंडाराज है।
राखी बिड़लान ने केंद्रीय गृह मंत्री, उपराज्यपाल और पुलिस कमिश्नर से कहा कि वे चुनावी सभाओं से थोड़ा विराम लें और दिल्ली के दलित परिवारों समेत सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक ब्लूप्रिंट तैयार करें। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने पुलिस कमिश्नर को मिलने के लिए दो-तीन बार चिट्ठी लिखी, लेकिन उसका कोई जवाब नहीं आया। उन्होंने कहा कि बढ़ते अपराधों पर भाजपा के लोग चुप बैठे हैं। सत्ता में बैठे लोगों से सिर्फ इतना निवेदन है कि दिल्ली के बच्चों और महिलाओं को सुरक्षा दी जाए और ऐसा माहौल बनाया जाए कि माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल भेजने से न डरें और वे सुरक्षित माहौल में पढ़-लिख सकें