आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर दिल्ली में भाजपा के मंत्री कपिल मिश्रा से सिख गुरुओं की बेअदबी के लिए सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की है। ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि गुरुओं की बेअदबी अक्षम्य अपराध है। कपिल मिश्रा को अकाल तख्त जाकर अपने पापों के लिए प्रायश्चित करना चाहिए। कपिल मिश्रा ने सिर्फ अपनी गंदी राजनीति के लिए गुरुओं की बेअदबी की है। उन्हें पूरे सिख समाज से माफी मांगनी चाहिए। फॉरेंसिक जांच में यह साबित हो चुका है कि आतिशी ने गुरु शब्द नहीं बोला है। इसके बाद भी कपिल मिश्रा ने सबटाइटल लगाकर गुरुओं का अपमान किया। अगर कपिल मिश्रा सोचते हैं कि वो दंगे भकड़ाने जैसे कुकृत्य से बचकर निकल जाएंगे तो यह संभव नहीं है।
अनुराग ढांडा ने कहा कि फॉरेंसिक जांच में यह बिल्कुल स्पष्ट हो गया है कि भाजपा मंत्री कपिल मिश्रा ने गुरुओं की बेअदबी की है। वीडियो में वह शब्द कहीं नहीं था, लेकिन कपिल मिश्रा ने उस वीडियो के ऊपर सबटाइटल लिखा और जिस तरह के शब्दों के साथ गुरुओं का नाम लिखा गया, वह सरासर बेअदबी की श्रेणी में आता है। इसके लिए कपिल मिश्रा को पूरे सिख समाज से माफी मांगनी चाहिए। पूरी दुनिया का सिख समाज देख रहा है कि कैसे भाजपा के एक मौजूदा मंत्री ने धर्म का दुरुपयोग कर राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए गुरुओं की बेअदबी करने का दुस्साहस किया है। फॉरेंसिक जांच में पूरा खुलासा हो चुका है कि कपिल मिश्रा ने जो किया है, वह एक अक्षम्य अपराध है।
अनुराग ढांडा ने कपिल मिश्रा को सलाह देते हुए कहा कि वे अकाल तख्त पर जाकर मत्था टेकें और वहां सेवा करके अपने पापों का कुछ प्रायश्चित करें। उनका अपराध अक्षम्य है और इसके बाद भी अगर वे धूर्तता दिखाते हुए दूसरों पर ही आरोप लगाने का प्रयास करते हैं, तो यह बेशर्मी से ज्यादा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि यह भाजपा का चरित्र है कि जब कोई रेपिस्ट या महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वाला होता है, तो भाजपा वाले उसे फूलों की माला पहनाकर स्वागत करते हैं। वे दंगाइयों को टिकट और मंत्री पद देते हैं और आईएसआई एजेंटों को अपनी आईटी सेल में रखते हैं। लेकिन यह कभी नहीं सोचा था कि भाजपा गुरुओं की बेअदबी करने वाले व्यक्ति को भी संरक्षण देने का काम करेगी। कपिल मिश्रा ने सिख समाज को आहत करने का दुस्साहस किया है, इसलिए भाजपा को उन्हें बचाने के बजाय कानून का सामना करने देना चाहिए।
पुलिस के दुरुपयोग के सवाल पर अनुराग ढांडा ने कहा कि यह मामला सीधे तौर पर सिख धर्म की भावनाओं से जुड़ा है। जब गुरुओं का अपमान किया गया और वह सबटाइटल लिखा गया, तब कपिल मिश्रा को पंजाब और पूरी दुनिया के सिख समाज के बारे में सोचना चाहिए था। जिस व्यक्ति की भावनाएं आहत हुईं, उसने शिकायत दर्ज कराई। उसी शिकायत के आधार पर फॉरेंसिक जांच कराई गई। यह वही फॉरेंसिक लैब है जहां देश के बड़े-बड़े मामलों की जांच होती है, इसलिए इसकी विश्वसनीयता पर कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता।
अनुराग ढांडा ने कहा कि फॉरेंसिक जांच में यह एकदम स्पष्ट है कि वीडियो में ‘गुरु’ शब्द बोला ही नहीं गया। जब शब्द बोला नहीं गया और सबटाइटल लगाकर अपमान किया गया, तो केस दर्ज होना स्वाभाविक है और कानून अपना काम करेगा। अगर कपिल मिश्रा को लगता है कि वे दंगे भड़काने जैसी कार्रवाई करके बच जाएंगे, तो ऐसा संभव नहीं है