आम आदमी पार्टी ने यमुना की सफाई को लेकर भाजपा सरकार द्वारा किए जा रहे फर्जीवाड़े और दावों की पोल खोलने के लिए मंगलवार को एक सीरीज शुरू की है। ‘‘आप’’ के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने सीरिज की शुरूआत करते हुए पहले पार्ट में बताया है कि आखिर भाजपा सरकार ने छठ के दौरान यमुना के प्रदूषण को कम करने के लिए क्या-क्या फर्जीवाड़ा किया और क्यों किया? सौरभ भारद्वाज ने कहा कि छठ महापर्व के कुछ दिन बाद ही बिहार विधानसभा का चुनाव था। दिल्ली में रह रहे बिहार के लाखों लोगों का वोट लेने के लिए भाजपा सरकार ने छठ के दौरान यमुना के पानी को साफ दिखाने की यह नौटंकी की थी।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यमुना में पानी का प्रदूषण कम करने के लिए भाजपा की हरियाणा सरकार ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा के किसानों का सिंचाई में प्रयोग होने वाला पूर्वी और पश्चिमी नहर का पानी यमुना में छोड़ दिया था, ताकि प्रदूषण को थोड़ा कम किया जा सके और पानी साफ दिखे। छठ पूजा और बिहार चुनाव दोनों के खत्म होने के बाद भाजपा की सरकारों ने किसानों का पानी यमुना में छोड़ना बंद कर दिया है। जिसके बाद यमुना का प्रदूषण अपने वास्तविक स्तर पर वापस आ गया है।
मंगलवार को एक्स पर पोस्ट कर सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हम यमुना प्रदूषण पर भाजपा सरकार के फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करने के लिए एक सीरीज शुरू कर रहे हैं। छठ पूजा से कुछ दिन पहले, केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकारों ने हरियाणा और यूपी के किसानों का सारा सिंचाई का पानी रोक दिया था। हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज पर पूर्वी नहर और पश्चिमी नहर का सारा पानी यमुना में मोड़ दिया गया, ताकि औद्योगिक प्रदूषण और सीवर के कचरे को डायल्यूट किया जा सके और दिल्ली में यमुना एक हफ्ते के लिए साफ दिखाई दे।
सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि भाजपा समर्थक न्यूज एंकर्स और इन्फ्लुएंसर्स द्वारा एक झूठी कहानी शुरू की गई कि भाजपा सरकार ने 8 महीने में यमुना साफ कर दी है। अब जब छठ पूजा और बिहार चुनाव खत्म हो गए हैं, तो यमुना में अस्थायी रूप से छोड़ा गया भारी और अतिरिक्त पानी वापस पूर्वी और पश्चिमी नहरों में मोड़ दिया गया है। इसलिए, प्रदूषण का स्तर अब अपने वास्तविक स्तर पर वापस आ रहा है