आम आदमी पार्टी की सरकार ने शनिवार को पंजाब के होशियारपुर और लुधियाना में ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ यात्रा का आयोजन किया। यात्रा में ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के सीरम भगवंत मान शामिल हुए और लोगों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। इस दौरान नशा छोड़ने वालों ने अपनी कहानियां भी साझा की। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमने ठाना है कि पंजाब के हर बच्चे को नशे से आजादी दिलाकर रहेंगे। ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’’ का देश में इससे पहले कोई और मिसाल नहीं मिलता है। नशा मुक्ति यात्रा के दौरान जब लोगों ने नशे से उजड़ते परिवारों की कहानियां सुनाई, तो हर आंख भर आई। अब वो दौर बीत गया है, जब पंजाब को नशे के अंधेरे में धकेल दिया गया था। अब ‘‘आप’’ की सरकार और जनता मिलकर पंजाब को नशे से आज़ाद कर रही हैं। नशा तस्करों पर सरकार की सख्त कार्रवाई और जनता की जागरूकता से अब नशे के विरुद्ध जंग जीतनी तय है।
पंजाब सरकार द्वारा नशे के विरुद्ध छेड़ी गई जंग के दूसरे दिन होशियारपुर और लुधियाना में नशा मुक्ति यात्रा के दौरान आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ का समकालीन भारतीय इतिहास में कोई और उदाहरण नहीं मिलता है। नशे के अभिशाप के कारण कई परिवारों को दुखों का सामना करना पड़ा है और राज्य की पीढ़ियां बर्बाद हो गई हैं। पंजाब की ‘‘आप’’ सरकार नशे की समस्या को जड़ से उखाड़ने के लिए सराहनीय काम कर रही है और इसके विरुद्ध जंग का देश भर में कोई सानी नहीं है। लोग आज मुख्यमंत्री भगवंत मान की सराहना कर रहे हैं, क्योंकि राज्य सरकार द्वारा अनुकरणीय काम किए जा रहे हैं।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यदि तीन करोड़ पंजाबी नशे के खिलाफ एकजुट हो जाएं तो 24 घंटे में नशे की समस्या का सफाया कर दिया जाएगा। मुट्ठी भर नशा तस्कर पंजाबियों की ताकत के आगे टिक नहीं सकते और वे जमीन के नीचे समा जाएंगे। ‘‘आप’’ सरकार ने न सिर्फ नशा सप्लाई लाइनों को तोड़ा है, बल्कि नशा पीड़ितों के पुनर्वास पर भी ध्यान दिया है। इस समस्या का हल आम आदमी के सक्रिय सहयोग से ही किया जा सकता है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राज्य सरकार एक तरफ नशे की तस्करी को रोकने की दोहरी नीति अपना रही है और दूसरी तरफ इस खतरे से निपटने के लिए युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा में लगाया जा रहा है। हमें पूरी उम्मीद है कि पंजाब जल्द ही नशे की जकड़ से निकलकर देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरेगा। यह सुनिश्चित करना समय की जरूरत है कि पंजाब दुनिया भर में चमकता रहे और हर क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व करता रहे। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि जो गांव नशे का केंद्र थे, वे सरकार के ठोस प्रयासों के कारण अब नशा मुक्त हो रहे हैं। पहले नशा तस्करों को राज्य में संरक्षण मिलता था, जबकि अब 10 हजार नशा तस्कर पकड़े गए हैं। इनमें से 8500 बड़ी मछलियां हैं।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि नशे के खिलाफ जंग को जमीनी स्तर पर ले जाया जाएगा और राज्य के लगभग 13 हजार गांवों में बैठकें की जाएंगी। युवाओं की असीम ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने के लिए ‘‘आप’’ सरकार हर गांव में एक स्टेडियम का निर्माण करेगी और राज्य में खेलों को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के लिए राज्य के 3000 बड़े गांवों में 3000 जिम बनाए जाएंगे। पंजाब सरकार द्वारा पहले ही राज्य में युवाओं को 54 हजार सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं और अब हर गांव में युवाओं को रोजगार सुनिश्चित करने के लिए योजना बनाई गई है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार ने नशे के दैत्य को नकेल कसी है और अब वह दिन दूर नहीं, जब इसका पूरी तरह से खात्मा हो जाएगा। नशा मुक्ति यात्रा राज्य के हर गांव और कस्बे में जाकर लोगों को नशे के विरुद्ध जंग में शामिल करेगी, ताकि पंजाब को पूरी तरह नशा मुक्त बनाया जा सके। वह दिन दूर नहीं, जब राज्य सरकार के अथक प्रयासों के कारण पंजाब न सिर्फ नशा मुक्त होगा, बल्कि देश का अग्रणी राज्य होगा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के मंत्री नशा तस्करों का संरक्षण करते थे और यहां तक कि अपनी सरकारी गाड़ियों में नशे की सप्लाई करते थे। लेकिन अब पुलिस द्वारा क्विंटल तक के नशीले पदार्थ जब्त किए जा रहे हैं और सख्त कार्रवाई की जा रही हैं, ताकि यह दूसरों को तस्करी में आने से रोके। पहले नशे के सौदागरों को संरक्षण दिया जाता था, लेकिन अब इन खौफनाक अपराधियों को सलाखों के पीछे डाला जा रहा है।
नशे का अभिशाप पंजाब के चेहरे पर कलंक, यह समस्या पिछली सरकारों की देन- भगवंत मान
इस दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राज्य में नशे की समस्या पिछली सरकारों की विरासत है, जिन्होंने पंजाब के हितों को नजरअंदाज किया और इस वजह से राज्य की हालत दयनीय हो गई है। नशे का अभिशाप राज्य के चेहरे पर कलंक है और इस अभिशाप को जड़ से उखाड़ने के लिए राज्य सरकार को दो साल से अधिक समय लगा है। अब नशे की सप्लाई लाइन तोड़ दी गई है, इस घिनौने अपराध में शामिल बड़ी मछलियों को सलाखों के पीछे डाला गया है। नशा पीड़ितों का पुनर्वास सुनिश्चित किया गया है और नशा तस्करों की संपत्ति को जब्त कर नष्ट कर दिया गया है।
भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार ने नशे के खिलाफ ‘‘युद्ध नशियां विरुद्ध’’ की शुरूआत की है। इसका उद्देश्य राज्य को नशा मुक्त बनाना है। जिस तरह इस गांव ने पुलिस को पूरा सहयोग देकर खुद को नशा मुक्त घोषित किया है, उसी तरह राज्य के अन्य हिस्सों में भी इसे दोहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि पंजाबियों ने राज्य को नशा मुक्त करने का दृढ़ संकल्प लिया है तो हमें इस नेक काम से कोई नहीं रोक सकता। इस पवित्र धरती के एक-एक इंच में महान गुरुओं, पीरों, पैगंबरों और शहीदों के चरण पड़े हैं, जिन्होंने हमें अत्याचार और अन्याय का डटकर विरोध करने का रास्ता दिखाया है। उनके नक्शे-कदम पर चलते हुए राज्य सरकार ने नशे के खिलाफ मुहिम छेड़ी है।
भगवंत मान ने कहा कि यह खुशी की बात है कि इस समारोह में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया, जो अच्छा संकेत है। यदि महिलाएं किसी भी खतरे को खत्म करने के लिए इतने बड़े पैमाने पर आगे आएंगी तो बहुत जल्द इस खतरे का सफाया हो जाएगा। वह दिन दूर नहीं, जब पंजाब की महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से राज्य पूरी तरह नशा मुक्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले समय में राज्य के नेता पंजाब के हितों को खतरे में डालते थे, जबकि आज राज्य सरकार राज्य के समग्र विकास और समृद्धि पर ध्यान दे रही है। पहले नेता लोगों से मिलने से डरते थे, जबकि आज राज्य सरकार लोगों से बातचीत करके उनसे फीडबैक ले रही है। राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय भागीदार बनाकर राज्य और यहां के लोगों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
भगवंत मान ने आगे ने कहा कि अपने बाथरूमों में सोने की टोंटियां लगाने और अपने निजी खेतों के लिए नहर के पानी पर एकाधिकार करने वाले आम नागरिकों के संघर्ष को कभी नहीं समझ सकते। इन नेताओं को राज्य के लोगों ने पूरी तरह नकार दिया है। ये नेता अपने पापों की कीमत चुका रहे हैं और इनमें से अधिकांश राजनेता अब या तो सलाखों के पीछे हैं या जमानत के लिए भागदौड़ कर रहे हैं। पंजाबियों ने हमेशा दृढ़ संकल्प के साथ अपने लक्ष्यों को प्राप्त किया है और यही संकल्प इस महत्वपूर्ण लड़ाई में जीत सुनिश्चित करेगा। पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार दृढ़ता से प्रतिबद्ध है और इस नेक काम में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि वह दिन दूर नहीं, जब पंजाबियों के सक्रिय सहयोग से राज्य इस नेक काम को पूरा करेगा।
होशियारपुर के साथ भावनात्मक जुड़ाव की बात करते हुए भगवंत मान ने जिले की उच्च साक्षरता दर और ऐतिहासिक महत्व के लिए सराहना की और कहा कि आजादी के बाद पंजाब विश्वविद्यालय यहां स्थापित किया गया था। उन्होंने स्थानीय गांव को नशा मुक्त क्षेत्र होने का गौरव हासिल करने के लिए भी प्रशंसा की, जिससे लोगों की सामूहिक इच्छाशक्ति झलकती है। भगवंत सिंह मान ने होशियारपुर निर्वाचन क्षेत्र के ‘‘आप’’ विधायकों द्वारा क्षेत्र के विकास के लिए किए जा रहे अथक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इलाके के विकास कार्यों में तेजी लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि वह यहां बसों या रेस्तरां या लोगों के व्यवसायों में हिस्सेदारी करने नहीं आए हैं। हमारी सरकार आम आदमी के दुख बांट रही है, जिसके लिए वे पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। राज्य की भलाई और लोगों की समृद्धि सुनिश्चित करने का अभियान उनके आखिरी सांस तक जारी रहेगा।
भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र, बीबीएमबी और हरियाणा सरकार द्वारा राज्य के पानी की चोरी करने के कदम का कड़ा विरोध किया है। पुराने नेता अपने स्वार्थों के लिए बड़े पैमाने पर राज्य विरोधी काम करते थे लेकिन राज्य के पानी के रखवाले होने के नाते वे ऐसा कभी नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब ने अपनी नहर जल प्रणाली को उन्नत किया है और अब धान के मौसम के मद्देनजर राज्य के किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पानी की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब के पास दूसरे राज्यों के साथ बांटने के लिए पानी की एक बूंद भी अतिरिक्त नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य के पानी और युवाओं को बचाएगी और इस नेक काम के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही योग्यता के आधार पर युवाओं को 54000 से अधिक नौकरियां दी हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य युवाओं को राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय भागीदार बनाना है।