आम आदमी पार्टी ने ऑपरेशन सिंदूर में अपने शौर्य-पराक्रम का प्रदर्शन करने वाली नारी शक्ति को सलाम किया है। गुरुवार को ‘‘आप’’ मुख्यालय में भारत-पाकिस्तान युद्ध में आगे रही नारी शक्ति को नमन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्रमुख रूप से ‘‘आप’’ की वरिष्ठ नेता व पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष राखी बिड़लान और दिल्ली की पूर्व महापौर डॉ. शैली ओबेरॉय समेत बड़ी तादात में महिलाओं ने हिस्सा लिया और भारतीय सेना की बहादुर बेटियों की वीरता को सराहा। इस दौरान नारी शक्ति ने अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प के दबाव में सीजफायर करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेना की बहादुर बेटियों के शौर्य पर सवाल उठाने वाले भाजपा नेताओं को चूडियां भेंजी। राखी बिड़लान ने कहा कि ‘आप’’ महिला संगठन शुक्रवार को पीएम मोदी को यह चूड़ियां भेंट करने भी जाएगा।
विधानसभा की पूर्व उपाध्यक्ष राखी बिड़लान ने कहा कि छह-सात मई की रात हर भारतीय के लिए गौरव और गर्व का पल था। ऑपरेशन सिंदूर एक ऐतिहासिक लम्हा था, जब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) को लेकर हर देशवासी के अंदर उम्मीद जगी। हमने भारतीय सेना के पराक्रम, शौर्य और जोश को देखा। देश की सीमाओं पर मां भारती के बेटे-बेटियां जान हथेली पर रखकर पीओके को लेने के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने को तैयार थे। उसी समय, 140 करोड़ भारतीय सपना देख रहे थे कि 78 साल बाद अब पीओके हमारा होकर रहेगा।
राखी बिड़लान ने कहा कि जब भारतीय सेना अपनी ऊर्जा, पराक्रम और शौर्य से पाकिस्तान की चूलें हिला रही थी। उनके बड़े-बड़े एयरबेस ध्वस्त कर रहे थे, आतंकवादी ठिकानों को टारगेट कर उन्हें नेस्तनाबूद कर रहे थे। हमारी फौज पाकिस्तान को बता रही थी कि भारत मां के सपूत न आतंकवाद को बर्दाश्त करेंगे और न उसे पनाह देने वालों को छोड़ेंगे। हमने पाकिस्तान की कई इमारतों और एयरबेस को तबाह किया। पाकिस्तान ने ड्रोन हमले किए, फाइटिंग प्लेयर्स से भारतवासियों पर हमला करने का दुस्साहस किया। लेकिन उस दुस्साहस को पराजय का सामना करना पड़ा। एक भी फाइटिंग जेट या ड्रोन हमला न किसी भारतीय इमारत को छू पाया और न किसी भारतीय को नुकसान पहुंचा।
राखी बिड़लान ने कहा कि जब भारतीय फौज लगातार पीओके की ओर बढ़ रही थी और पीओके लगभग हमारा हो चुका था, तब अचानक भाजपा की केंद्र सरकार ने सीजफायर का एलान कर दिया। बिना किसी समझौते, पुख्ता जानकारी या एलान के सीजफायर की घोषणा कर दी। जब पाकिस्तान के साथ सीजफायर हुआ, तो हर भारतीय का सपना टूटा। हर देशवासी का दिल दुखा कि जब हमारी फौज अपना शौर्य और पराक्रम दिखा रही थी, जब हमारा एक-एक सैनिक मां भारती पर बलिदान देने को तैयार था, तो ऐसे में मोदी जी ने सीजफायर क्यों किया? अचानक सीजफायर संदेह की ओर ले जाता है और बहुत सारे प्रश्न खड़े करता है।
राखी बिड़लान ने कहा कि बताया जा रहा है कि पाकिस्तान ने गुहार लगाई कि भारत बहुत हमला कर रहा है, उसका बहुत नुकसान हो रहा है, सीजफायर करें। भारत सरकार को बताना चाहिए कि जब पहलगाम में हमारी बहनों का सिंदूर पाकिस्तानी आतंकवादियों ने उनकी आंखों के सामने उजाड़ा और जब वो गुहार लगा रही थीं, तब क्या वे आतंकवादी रुके? तो फिर मोदी जी ने बिना देश को बताए, बिना सर्वदलीय बैठक किए, किस दबाव में सीजफायर किया?
राखी बिड़लान ने कहा कि क्या किसी दबाव में मोदी जी डर तो नहीं गए। क्या 56 इंच के सीने वालों को किसी दबाव में आकर हमारी सेना के कदम पीछे हटाने पड़े। जब भारतीय सैनिक पीओके पर लगभग जीत हासिल कर झंडा फहराने की तैयारी कर रहे थे, तब अचानक अमेरिका आकर कहता है कि हमने व्यापार बंद करने की धमकी दी, इसलिए मोदी जी ने सीजफायर किया। यह शर्म की बात है। जहां देश का एक-एक वीर सपूत, फौज का एक-एक भाई, एक-एक बेटी अग्रिम पंक्ति में मां भारती के प्रति जज्बा दिखाते हुए प्राणों का बलिदान देने को तैयार थी, वहां संदेह और सवाल उठता है कि भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी जी ने अचानक, किसके कहने पर, किस दबाव में, बिना समझौते, बिना माफी मंगवाए, किसी तीसरे देश के कहने पर सीजफायर क्यों किया।
राखी बिड़लान ने कहा कि मोदी सरकार ने बिना किसी कारण, दस्तावेज या पुख्ता जानकारी के चंद लोगों के साथ बंद कमरे में बैठकर सीजफायर किया है, जो देश की फौज और उन शहीदों का अपमान है, जिन्होंने मां भारती को बचाने और उसके सम्मान में शहादत दी। बीते 78 सालों से भाजपा कांग्रेस को पानी पी-पीकर कोसती आई है। प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, रक्षा मंत्री ने कहा कि अगर 1947 के युद्ध में तीन दिन और सीजफायर न किया जाता, तो आज पीओके हमारा होता। 78 साल बाद मोदी जी के पास मौका आया था। पाकिस्तान में डर और भय का माहौल था। हमारी नौसेना, वायु सेना, थल सेना अपने पराक्रम का प्रमाण दे रही थी। लेकिन मोदी सरकार ने दबाव में आकर सीजफायर कर दिया। यह सवाल उठता है कि किसी तीसरे देश के हस्तक्षेप की जरूरत क्यों पड़ी? अचानक किसी तीसरे देश की प्रेस कॉन्फ्रेंस होती है, वे एक्स और फेसबुक पर लिखते हैं कि अब पाकिस्तान और हिंदुस्तान के बीच सीजफायर कर दिया गया है। यह भारतीय फौज, हर शहीद, हमारे पराक्रम, शौर्य और मां भारती का अपमान है।
राखी बिड़लान ने कहा कि इस लड़ाई में हमारी सेना की और भी बहनें थीं, जो लगातार अपने शौर्य का परिचय दे रही थीं। लेकिन मुख्य रूप से विंग कमांडर व्योमिका सिंह और सोफिया कुरैशी ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। जब देश की बेटियां और बेटे मौत से नहीं डर रहे थे, तब मोदी सरकार ने अपने कदम पीछे हटाए। यह दिखाता है कि 56 इंच के सीने वाले डर गए। जब मोदी सरकार धारा 370 हटाई, तब गृह मंत्री ने संसद में कहा था कि अभी तो यह अंगड़ाई है, बाकी और लड़ाई है। वो लड़ाई कहां गई? मैं मोदी जी और भाजपा के लोगों को चूड़ियां भेंट करती हूं। उनको यह चूड़ियां पहन लेनी चाहिए। सोफिया कुरैशी, व्योमिका सिंह और हजारों सैनिक बहनें अपने सिंदूर, बेटे, भाई को सरहदों पर देश की सुरक्षा के लिए भेजती हैं, उनकी तरफ से मैं मोदी जी को ये चूड़ियां भेंट करती हूं। मोदी जी ने तीसरे देश के कहने पर सीजफायर का आदेश क्यों दिया? केंद्र सरकार सर्वदलीय बैठक बुलाकर सीजफायर पर सफाई दे और श्वेत पत्र जारी कर देश को बताए कि जब सेना ने पराक्रम दिखाते हुए पाकिस्तानी आतंकवाद का सफाया कर रही थी, तब प्रधानमंत्री ने उनके कदम पीछे क्यों खींचे?
राखी बिड़लान ने कहा कि मैं मध्य प्रदेश के उस मंत्री और भाजपा के उन लोगों को भी ये चूड़ियां भेंट करना चाहती हूं, जो हमारी बहन-बेटियों के शौर्य और देशभक्ति पर सवाल खड़े कर रहे हैं। न सिर्फ सोफिया कुरैशी की देशभक्ति और काम पर प्रश्नचिह्न लगाए, बल्कि हमारे विदेश सचिव की बेटी और पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा ताजा सिंदूर उजाड़ी गई हिमांशी नरवाल के खिलाफ भी भाजपा के लोगों ने अपशब्दों का प्रयोग किया। मैं भाजपा की महिला-विरोधी मानसिकता का खंडन करती हूं। उन्हें शर्म आनी चाहिए।
राखी बिड़लान ने कहा कि भाजपा के लोगों को पता होना चाहिए कि देश, उसकी बेटियों, लोगों, शौर्य और फौज का सम्मान कैसे करना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि अगर वह अपनी पार्टी के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, मंत्रियों को यह नहीं सिखा सकते, तो उन्हें बाहर निकालकर दिखाएं कि वह सच्चे सिपाही और देशभक्त हैं। जब देश की बात आती है, सभी लोग दलगत राजनीति और निजी समस्याओं से ऊपर उठकर देश के हित में खड़े होते हैं। इस बार 140 करोड़ जनता ने यह साबित किया। जब देश युद्ध की ओर बढ़ रहा था, तब सभी विपक्षी दल केंद्र सरकार के साथ खड़े थे।
राखी बिड़लान ने कहा कि 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान अमित शाह और योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि तीसरी बार मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने पर छह महीने में पीओके भारत का हिस्सा होगा। और मौका भी आया। लेकिन सीजफायर का एलान कर 140 करोड़ लोगों के सपने तोड़ दिए गए। 140 करोड़ देशवासी जानना चाहते हैं कि तीसरे देश के हस्तक्षेप और किस दबाव में आकर मोदी सरकार ने सीजफायर किया है? आम आदमी पार्टी का महिला संगठन शुक्रवार को ये चूड़ियां नरेंद्र मोदी जी को सौंपने जाएगा। या तो ये चूड़ियां पहन लीजिए, वरना देश को बताएं कि मोदी जी ने सीजफायर किस दबाव में, किसके कहने पर किया? क्यों सेना को रोका गया? क्यों सेना के कदमों पर सीजफायर की बेड़ियां डाली गईं? क्यों पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को भारत का हिस्सा नहीं बनने दिया?
इस दौरान “आप” नेता और दिल्ली की पूर्व मेयर डॉ. शैली ओबेरॉय ने आज महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपना परचम लहराया है। 22 अप्रैल को पहलगाम में निहत्थे, बेकसूर पर्यटकों पर आतंकवादियों ने हमला किया। हमारी कई बहनों का सिंदूर उजाड़ दिया गया। कुछ ऐसी महिलाएं थीं जिनके छोटे बच्चे थे। कुछ का हाल ही में विवाह हुआ था। इस हमलने ने पूरे देश का दिल दहला दिया। अब तक भारत में सैकड़ों आतंकवादी हमले हो चुके हैं। लेकिन भारत के नागरिकों पर होने वाला इतिहास का यह पहला हमला था। भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से इसका जवाब दिया। भारतीय सेना में महिलाओं का सबसे बड़ा योगदान रहा। विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी ने देशभक्ति के साथ अपनी साहस व बहादुरी का भी उदाहरण पेश किया। इन्होंने भारतीय सेना को प्रेरित किया कि हमें अपनी बहन-बेटियों के सिंदूर का बदला लेना है। इन्होंने भारत का नाम रौशन किया। आज पूरी दुनिया इनका नाम ले रही है।
शैली ओबेरॉय ने कहा कि 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान कैप्टन यशिका त्यागी गर्भावस्था में भी बॉर्डर पर जाकर अपने देश के लिए लड़ती रहीं। इन्होंने अपने और अपने बच्चों के बारे में नहीं सोचा। सिर्फ अपने देश के बारे में सोचा। महिलाएं किसी भी क्षेत्र में मर्दों से कम नहीं हैं। महिलाएं ऐसी शख्सियत हैं, जो हर जगह अपनी लड़ाई लड़ती हैं। कभी भारत में महिलाएं सिर्फ चूल्हा-चौके तक सीमित थीं। लेकिन अब हर क्षेत्र में अपनी भूमिका निभा रही हैं। देश की रक्षा करने वाली सभी महिला सैनिकों को हम सलाम करते हैं। सरकार से अपील है कि वह महिला सशक्तिकरण पर काम करे, ताकि हर क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़-चढ़कर हिस्सा ले सकें।
शैली ओबेरॉय ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने भी महिलाओं को मौका दिया। विधानसभा की पूर्व उपाध्यक्ष राखी बिड़लान एक ऐसा उदाहरण हैं, जो महिलाओं की आवाज बुलंदी से उठाती हैं। मुझे भी अरविंद केजरीवाल ने मौका दिया। यह महिला सशक्तिकरण का ही एक उदाहरण है। महिलाएं खुद को न कमजोर और न किसी से कम समझें। परिवार, समाज और अपने करियर के साथ महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।
वहीं, ‘‘आप’’ दिल्ली महिला विंग की अध्यक्ष सारिका चौधरी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना की बहादुर बेटियों के शौर्य को हम सलाम करते हैं। इस ऑपरेशन में सेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी ने अहम भूमिका निभाई। दोनों महिला शक्ति ने अपनी बहादुरी से बता दिया कि वह किसी पुरुष से कम नहीं हैं। उन्होंने बड़ी ताकत के साथ लड़ाई लड़ी, उनकी इस बहादुरी को सभी महिलाएं नमन करती हैं। अगर महिला शक्ति की इसी तरह भागीदारी रही तो हमारा देश बहुत आगे बढ़ जाएगा।