दिल्ली के ग्रेटर कैलाश-1 स्थित कैलाश कॉलोनी और आसपास के इलाकों के सैकड़ों निवासियों ने सोमवार को अर्चना कॉम्प्लेक्स के पास शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन में हिस्सा लिया। यह प्रदर्शन उनकी आवासीय कॉलोनी के बीच में मेदांता द्वारा प्रस्तावित 400 बेड के प्राइवेट अस्पताल के निर्माण को तत्काल रोकने की मांग को लेकर था। इस प्रदर्शन में आरडब्ल्यूए और वहां के निवासियों की जबरदस्त भागीदारी रही और उन्होंने इस प्रोजेक्ट को तत्काल रोकने की मांग की। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष और ग्रेटर कैलाश के पूर्व विधायक सौरभ भारद्वाज ने इस प्रदर्शन में शामिल हुए और निवासियों को अपना पूरा समर्थन दिया।
सौरभ भारद्वाज ने एक्स पर प्रदर्शन के कुछ फोटो साझा करते हुए कहा कि सालों से डीएलएफ एक शांतिपूर्ण आवासीय कॉलोनी के बीच में प्राइवेट अस्पताल बनाने की कोशिश कर रहा है। निवासियों और आरडब्ल्यूए के लगातार विरोध के बावजूद भाजपा शासित दिल्ली नगर निगम ने गुपचुप तरीके से इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी। उस समय यहां से भाजपा की पार्षद शिखा राय थीं और इन मंजूरियों को बिना पारदर्शिता और आरडब्ल्यूए के साथ परामर्श किए ही आगे बढ़ा दिया गया।
सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि जब मैं ग्रेटर कैलाश से विधायक था, तब मैंने लोगों से वादा किया था कि मैं इस अस्पताल को बनने नहीं दूंगा और मैंने अपना वादा निभाया। आज यहां से नव निर्वाचित भाजपा विधायक शिखा राय के कार्यकाल में निर्माण कार्य पूरे जोर-शोर से फिर से शुरू हो गया है। भले ही मैं अब विधायक नहीं हूं, लेकिन मैं फिर भी लोगों के साथ हूं और अपने मोहल्ले को बचाने की उनकी लड़ाई में उनके साथ खड़ा रहूंगा।
यह प्रोजेक्ट स्थानीय निवासियों के लिए बनेगा परेशानी का सबब
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इस अस्पताल की लोकेशन हंस राज गुप्ता मार्ग और आसपास के मार्गों पर भीषण यातायात जाम का कारण बनेगी, जिससे यहां रह रहे 50 हजार से अधिक निवासियों को प्रभावित होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पहले से ही घनी आबादी वाले इस इलाके की नागरिक सुविधाओं, पार्किंग, सीवेज और आपातकालीन समेत अन्य सेवाओं पर यह परियोजना और बोझ डालेगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों और आरडब्ल्यूए की बार-बार आपत्तियों के बावजूद, कोई सार्वजनिक परामर्श या मूल्यांकन नहीं किया गया।