पार्टी मुख्यालय में हुई एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि 2 मई 2025 को दिल्ली के प्रगति मैदान के भारत मंडपम के भीतर भाजपा समर्थित एक संस्था सीएआईटी द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें दिल्ली के लगभग सभी बड़े-बड़े बाजारों जैसे सदर बाजार, चांदनी चौक, दरियागंज, खारी बावली आदि के व्यापारियों को आमंत्रित किया गया। इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के सांसद प्रवीण खंडेलवाल, रामवीर विधूड़ी, मंत्री हर्ष मल्होत्रा एवं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी भी शामिल हुई । सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इस कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी ने कहा, कि दिल्ली के बड़े बड़े बाजार जैसे सदर, चांदनी चौक आदि बहुत ज्यादा भीड़भाड़ वाले (congested) क्षेत्र बन गए हैं। हालात ऐसे हैं, कि इन बाजारों में सांस लेना भी दुर्भर हो गया है। इसीलिए दिल्ली सरकार यह रणनीति बना रही है, कि इन बाजारों को यहां से कहीं और स्थानांतरित कर दिया जाए। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब से दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी ने यह ऐलान किया है, तब से दिल्ली के बड़े-बड़े बाजारों के व्यापारियों में एक डर और हड़कंप मचा हुआ है, कि आखिर दिल्ली की भाजपा सरकार दिल्ली के व्यापारियों के साथ कौन सा षड्यंत्र रचने जा रही है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा दिल्ली के व्यापारियों के खिलाफ यह षड्यंत्र लगभग पिछले 3 साल से सन 2022 में शुरू किया गया था। उन्होंने कहा की सन 2022 में भाजपा के नेता कुलजीत चहल ने दिल्ली के बाजारों के कुछ व्यापारियों की मीटिंग हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर जी के साथ कराई। यह बैठक हरियाणा भवन में आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि दिल्ली के बंजारों के व्यापारियों को इस बैठक में तरह-तरह के प्रलोभन दिए गए और बाजारों को हरियाणा में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव रखा गया। सौरभ भारद्वाज ने अपनी बात को सत्यापित करते हुए बताया, कि इस षड्यंत्र के तहत सोनीपत में हरियाणा सरकार के एचएसआईआईडीसी द्वारा भागीरथ पैलेस और चांदनी चौक नमक बाजारों का निर्माण किया जा रहा है। सौरभ भारद्वाज ने कहा क्योंकि उस समय पर दिल्ली में अरविंद केजरीवाल जी की सरकार थी तो भाजपा के लिए ऐसा करना संभव नहीं हो पाया।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि 2022 में जब हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर जी के साथ व्यापारियों की बैठक हुई थी, तो इन बाजारों के व्यापारियों ने उस समय दिल्ली की केजरीवाल सरकार से संपर्क कर यह बताया था, कि कोई भी व्यापारी हरियाणा जाने के लिए तैयार नहीं है। सौरभ भारद्वाज ने कहा, कि उस समय दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने यह तय किया था, कि हम दिल्ली के बाजारों का नवीनीकरण करेंगे और बाजारों की स्थिति में सुधार करके व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाएंगे। व्यापारियों की मांग पर केजरीवाल सरकार ने यह तय किया था कि हम दिल्ली के बाजारों को दिल्ली से बाहर नहीं जाने देंगे। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार ने न केवल यह तय किया था, बल्कि इस श्रृंखला में दिल्ली के चांदनी चौक बाजार का नवीनीकरण और व्यवस्थाओं को बेहतर भी करके दिखाया। साथ ही साथ दिल्ली के अन्य बाजारों को भी व्यवस्थित करने और उनके नवीनीकरण के लिए दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने 100 करोड रुपए आवंटित किया था।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली के यह बड़े-बड़े बाजार दिल्ली की धरोहर हैं। इन बाजारों में जो व्यापारी बैठे हुए हैं, इनकी दुकान, इनका व्यापार दादा, परदादा के जमाने से चला आ रहा है। यह बाजार इन व्यापारियों के लिए मात्र व्यापार का साधन नहीं है, बल्कि इनके बुजुर्गों की निशानियां इन बाजारों से जुड़ी हैं। कोई भी दिल्ली का व्यापारी दिल्ली के बाजारों को छोड़कर दूसरे राज्य में नहीं जाना चाहता। सौरभ भारद्वाज ने कहा, कि इन बाजारों का नवीनीकरण किया जा सकता है, व्यवस्थाओं को और बेहतर किया जा सकता है, परंतु भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली सरकार बाजारों में व्यवस्थाओं को सुधारने के बजाय इन बाजारों को दिल्ली से बाहर स्थानांतरित करके दिल्ली को और दिल्ली के व्यापारियों को बर्बाद करना चाहती है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी को दिल्ली के व्यापारियों और दिल्ली के बाजारों के बारे में कोई ज्ञान नहीं है। उन्होंने कहा कि हम दिल्ली के व्यापारियों के साथ खड़े हैं और भाजपा की दिल्ली सरकार के इस फैसले का पुरजोर विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता और दिल्ली के व्यापारी इस फैसले के खिलाफ हैं और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी को दिल्ली के बाजारों के संबंध में लिया गया अपना यह निर्णय वापस लेना होगा।