आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता व नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने बुधवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में जिस वृद्धि पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने निजी स्कूलों की संस्था एक्शन कमेटी फॉर प्राइवेट स्कूल्स के अध्यक्ष भरत अरोड़ा के अनुचित प्रभाव की जांच की भी मांग की है। उन्होंने कहा है कि दिल्ली में बेलगाम फीस बढ़ने का कारण प्राइवेट स्कूलों और भाजपा की सांठगांठ है। इस सांठगांठ के सूत्रधार भरत अरोड़ा हैं। भरत अरोड़ा सालों से निजी स्कूलों में फीस की बढ़ोतरी के लिए लड़ते आए हैं। यह भाजपा के पदाधिकारी भी हैं और सीएम रेखा गुप्ता के चुनाव प्रचार में प्रमुखता से शामिल थे। इसलिए हमारी मांग है कि बढ़ी फीस जमा कर चुके अभिभावकों को पैसा वापस कराया जाए और बिना ऑडिट के किसी स्कूल को फीस बढ़ाने की अनुमति न दी जाए।
नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने पत्र में लिखा है कि पिछले कुछ महीनों में दिल्ली के कई प्राइवेट स्कूलों ने अपनी फीस में कई गुना बढ़ोतरी की है, जिससे मध्यम वर्गीय अभिभावकों की जेब पर भारी बोझ पड़ा है। पिछले 10 सालों में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली “आप” सरकार ने अभिभावकों के हितों की रक्षा को प्राथमिकता दी थी। लेकिन फरवरी 2025 में नई सरकार के सत्ता में आने के बाद प्राइवेट स्कूलों ने न केवल फीस में भारी बढ़ोतरी की, बल्कि जिनके माता-पिता बढ़ी हुई फीस नहीं दे पा रहे हैं, उन बच्चों को अलग-थलग करना और अपमानित करना शुरू कर दिया।
आतिशी ने कहा है कि पहले तो उन्हें आश्चर्य हुआ जब दिल्ली भर से अभिभावकों के स्कूलों के बाहर विरोध की खबरें आने लगीं कि अचानक ऐसा क्यों हो रहा है। “आप” सरकार ने अपने कार्यकाल में दिल्ली में शिक्षा माफिया पर लगाम लगाई थी, इसके लिए सिर्फ मजबूत इच्छाशक्ति की जरूरत थी। मामले की जांच करने पर एक बड़ा नाम सामने आया, भरत अरोड़ा। वह हमेशा प्राइवेट स्कूलों की फीस वृद्धि के लिए कानूनी लड़ाई लड़ते रहे हैं।
आतिशी ने कहा है कि एक्शन कमेटी ऑफ अनएडेड प्राइवेट स्कूल्स के अध्यक्ष भरत अरोड़ा दिल्ली सरकार के खिलाफ लड़ते रहे हैं और प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ाने के पक्ष में अदालत में मामले दायर करते रहे हैं। आगे जांच करने पर पता चला कि यह व्यक्ति न केवल भाजपा दिल्ली राज्य कार्यकारिणी का सदस्य है, बल्कि भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ का नेतृत्व भी करता है। इस व्यक्ति ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए सक्रिय रूप से प्रचार किया था। उनके सोशल मीडिया पोस्ट से पता चलता है कि भरत अरोड़ा ने शालीमार बाग क्षेत्र से रेखा गुप्ता के लिए प्रचार किया था। आतिशी ने सवाल उठाया है कि क्या भाजपा और भरत अरोड़ा के बीच कोई सीधी सांठगांठ है, जिसके कारण चुनाव बाद फीस में यह वृद्धि हुई?
उन्होंने पत्र में यह भी खुलासा किया है कि 6 अप्रैल 2025 को दिल्ली के शिक्षा मंत्री अशीष सूद और निजी स्कूलों के प्रतिनिधियों के बीच एक बैठक हुई थी। इस बैठक में प्राइवेट स्कूलों को आश्वासन दिया गया कि अभिभावकों और “आप” के विरोध के शांत होने के बाद उन्हें फीस बढ़ाने की अनुमति दी जाएगी। यह भी कहा गया कि दिल्ली सरकार एक अधिसूचना लाएगी, जिसके तहत बिना किसी ऑडिट के हर साल फीस में 10 फीसद बढ़ोतरी की अनुमति होगी। चूंकि अशीष सूद सरकार में वरिष्ठ मंत्री हैं, इसलिए आतिशी ने कहा कि यह मानना पड़ता है कि इस फैसले को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सहमति भी प्राप्त है। अगर यह अधिसूचना जारी होती है, तो इससे उन अभिभावकों पर भारी वित्तीय बोझ पड़ेगा जो अपने बच्चों को इन स्कूलों में पढ़ाते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा हुआ तो जिम्मेदार विपक्ष के रूप में “आप” को अभिभावकों के साथ मिलकर दिल्ली की सड़कों पर उतरना पड़ेगा।
आतिशी ने पत्र में अभिभावकों में विश्वास बहाल करने के लिए मुख्यमंत्री से कुछ मांगें की। सबसे पहली मांग यह रही कि स्कूलों को तुरंत बढ़ी हुई फीस वसूलने से रोकने का आदेश जारी करें। साथ ही जिन अभिभावकों ने बढ़ी हुई फीस जमा कर दी है, उन्हें राशि वापस करें। इसी तरह फीस बढ़ाने की इच्छा रखने वाले सभी प्राइवेट स्कूलों के खातों का तत्काल ऑडिट कराएं। बिना ऑडिट के किसी स्कूल को फीस बढ़ाने की अनुमति न दी जाए। वहीं, शिक्षा मंत्रालय या शिक्षा निदेशालय में भरत अरोड़ा के किसी भी अनुचित प्रभाव की जांच का आदेश दें, जो प्राइवेट स्कूलों को फीस बढ़ाने में मदद कर रहा हो।