आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने देश भर में बढ़ रहे साम्प्रदायिक दंगों और आपराधों को लेकर केंद्र सरकार को जमकर घेरा। संसद में उन्होंने कहा कि देश में डबल इंजन कबाड़ा हो चुका है, आज जब दुनिया अंतरिक्ष में पहुंच रही और ये लोग कब्र खोदने और नफरत फैलाने में लगे हैं। देश में 2019 की तुलना 2024 में साम्प्रदायिक दंगे में 94 फीसद की वृद्धि हुई है। क्योंकि ये लोग भड़काऊ भाषण देते हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकारें अपराध रोकने में पूरी तरह फेल हैं। गुजरात, बिहार, हरियाणा, यूपी में डबल इंजन की सरकार है और यहां लगातार अपराध बढ़ रहे हैं, जबकि पंजाब समेत जहां सिंगल इंजन की सरकारें हैं, वहां अपराध कम हो रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के हाथ में सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद दिल्ली अपराधों की गढ़ बन गई है और गृहमंत्री दिल्ली को संभाल नहीं पा रहे हैं।
शुक्रवार को संसद में संजय सिंह ने कहा कि अगर हम देश में अपराध, हिंसा, आतंक, डर व भय की बात करें, तो राज्यवार इसकी समीक्षा कर सकते हैं। देश में ज्यादातर राज्यों में सिंगल इंजन की नहीं, बल्कि डबल इंजन की सरकार है। जब हमारे प्रधानमंत्री चुनाव प्रचार में जाते हैं तो कहते हैं कि अपने राज्य में डबल इंजन की सरकार बनाओ, हम आपकी सुरक्षा करेंगे। इसलिए केंद्र सरकार की जवाबदेही दोगुनी हो जाती है। अपराध रोकना निश्चित रूप से राज्य का विषय है। लेकिन अगर केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार हो और उस राज्य में अपराध रुकने के बजाय, बढ़ रहा हो, तो आपकी दोगनी जवाबदेही होती है।
संजय सिंह ने कहा कि पूरे देश के अंदर हुए कुल 58 लाख अपराध के केस हुए। बिहार में डबल इंजन की सरकार है। वहां 2020 में 2,57,512, 2021 में 2.82 लाख और 2022 में 3,47,835 अपराध के केस हुए। यह एनसीआरबी का डाटा है और यह केंद्र सरकार द्वारा जारी किया गया डाटा है। अगर किसी भी सदस्य को संदेह हो, तो वह इसकी खुद जांच कराए और गृह मंत्रालय चेक करे कि मैं सही बोल रहा हूं या गलत।
संजय सिंह ने कहा कि गुजरात में डबल इंजन की सरकार में 2020 में 6,99,619, 2021 में 7,31,738 और 2022 में 5,24,105 अपराध के केस हुए। हरियाणा में भी डबल इंजन की सरकार है। हरियाणा में 2020 में 1,92,395, 2021 में 2,06,431 और 2022 में 2,42,849 अपराध के केस आए। हरियाणा की आबादी पंजाब से कम है, लेकिन हरियाणा में 2,42,849 अपराध हुए, जबकि पंजाब में 2020 में 82,875 केस, 2021 में 73,581 केस और 2022 में 73,625 केस आए। हरियाणा में डबल इंजन की सरकार और पंजाब में “आप” की सिंगल इंजन की सरकार है। इसी तरह उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है। वहां 2020 में 6,57,925, 2021 में 6,08,082 और 2022 में 7,53,675 केस आए।
संजय सिंह ने आगे कहा कि यूनियन टेरिटरी में केंद्र सरकार का सीधा नियंत्रण है। इसमें दिल्ली को लेकर बहुत ही भयावह डाटा मिलेगा। दिल्ली देश की राजधानी है, जहां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री समेत सभी केंद्रीय मंत्री, सांसद रहते हैं। दिल्ली में 2020 में 2,66,070 केस, 2021 में 3,06,389 और 2022 में 3,20,275 अपराध के केस सामने आए। केंद्र शासित राज्य जम्मू और कश्मीर में 2020 में 28,911, 2021 में 31,675 और 2022 में 30,197 अपराध के केस आए।
संजय सिंह ने कहा कि यह कह सकते हैं कि मुकदमे लिखना सिर्फ अपराध का पैमाना नहीं हो सकता। मुकदमे लिखे जा सकते हैं, लेकिन हत्या का मुकदमा पूरी तरह से सच होता है, जिसमें कोई हीला हवाली और गड़बड़ी नहीं हो सकती है। इसमें मेट्रो सिटी अहमदाबाद में 2020 में 70 हत्या, 2021 में 97 हत्या और 2022 में 100 हत्याएं हुईं। जयपुर में 2020 में 95 हत्या, 2021 में 118 हत्या और 2022 में 132 हत्याएं हुई। इसी तरह उत्तर प्रदेश के कानपुर में 2020 में 41 हत्या, 2021 में 48 हत्या और 2022 में 81 हत्याएं हुईं। केरल के कोच्ची में 2020 में 9, 2021 में 10 और 2022 में 7 हत्या की घटनाएं हुईं। गुजरात के सूरत में जहां डबल इंजन की सरकार है, वहां 2020 में 116, 2021 में 121 और 2022 में 100 हत्या की घटनाएं हुई। कोलकाता में 2020 में 53, 2021 में 45 और 2022 में और 34 हत्या के केस आए।
संजय सिंह ने कहा कि दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था केंद्रीय गृहमंत्री की देखरेख में है। दिल्ली में 2020 में 461, 2021 में 454 और 2022 में 501 हत्या की घटनाएं हुईं। आज दिल्ली अपराधों का गढ़ बन गया है। दिल्ली के अंदर एक महिला को गैंगरेप करके कई किलोमीटर तक सड़कों पर घसीटा जाता है। दिल्ली में कोर्ट के अंदर जज के सामने हत्या की घटना हो जाती है। दिल्ली के अंदर एक बुजुर्ग दंपति की हत्या हो जाती है। दिल्ली आपसे संभलती नहीं है। यहां जहां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, संसद, केंद्रीय मंत्री, रक्षा मंत्री समेत सब रह रहे हैं। अगर आप पूरे देश में साल 2021 और 2022 की तुलना में महिलाओं के खिलाफ अपराधों को देखेंगे, तो 4,45,256 घटनाएं आईं हैं। इसमें चार फीसद की वृद्धि हुई। बच्चों के खिलाफ अपराध 1,62,449 है। इसमें 8 फीसद की वृद्धि है। पूरे देश में दलितों के ऊपर अत्याचार की 57,582 घटनाएं हुई है। इसमें 13 फीसद की वृद्धि है। एसटी के खिलाफ 10,064 अपराधिक घटनाएं हुईं, जिसमें 14 फीसद की वृद्धि हुई है। ये आंकड़े चिल्ला-चिल्लाकर कह रहे हैं कि देश आपके हाथों में सुरक्षित नहीं है। केंद्र शासित समेत अन्य राज्यों में डबल इंजन की सरकारें फेल हो चुकीं हैं। आपका डबल इंजन कबाड़ा इंजन हो चुका है। वो काम करना बंद कर चुका है।
संजय सिंह ने कहा कि 2019 से 2024 तक साम्प्रदायिक दंगे के मामले में 94 फीसद की वृद्धि हुई है। देश में सांप्रदायिक दंगों में वृद्धि इसलिए हो रही है, क्योंकि आप भड़काऊ भाषण देते हैं। आपके लोग नफरती बातें