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नई दिल्ली, 19 मार्च 2024

सीएम अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करने का षड़यंत्र रच रही भाजपा पर आम आदमी पार्टी ने तीखा हमला बोला है। ‘‘आप’’ के दिल्ली प्रदेश संयोजक गोपाल राय ने कहा कि कोर्ट से जमानत मिलने के बाद भी भाजपा अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करने की साजिश कर रही है। भाजपा को अब भरोसा नहीं रहा कि ईडी के 9 समन के बाद भी अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी हो सकती है। इस लिए उसने नया समन भिजवाया है। सोमवार को भाजपा ने षड़यंत्र के तहत ईडी से प्रेस विज्ञप्ति जारी कराया। अब ईडी कह रही है कि अरविंद केजरीवाल भी इस षड़यंत्र में शामिल हैं। जब केजरीवाल पहले षड़यंत्र में शामिल नहीं थे, तब ईडी ने 9 समन क्यों भेजा? उन्होंने कहा कि दरअसल, इलेक्टोरल बांड के जरिए भाजपा के भ्रष्टाचार का काला चिट्ठा देश के सामने खुला चुका है। भाजपा को डर है कि कहीं उसके महा घोटाले को जनता समझ गई तो उसका 400 का नारा 40 में तब्दील हो जाएगा। इसीलिए भाजपा अब ईडी-सीबीआई से विपक्षी दलों के नेताओं को तेजी से गिफ्तार करने का प्लान बना रही है।

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक एवं कैबिनेट मंत्री गोपाल राय ने मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता कर कहा कि बीजेपी के प्रवक्ता ने आज प्रेसवार्ता कर कोर्ट में चल रही प्रक्रियाओं और उसके निर्णयों पर बयान दिया। भाजपा प्रवक्ता का कहना है कि अरविंद केजरीवाल को कोर्ट से जमानत मिलने का मतलब है कि उन्हें अभी राहत नहीं मिली है। सीएम अरविंद केजरीवाल को पिछले दिनों कोर्ट से जमानत मिलने के बाद अब बीजेपी अपने षडयंत्र को आगे बढ़ा रही है। बीजेपी ने जिस तरह से प्रेस कॉन्फ्रेंस करके यह ऐलान किया है, इसका मतलब साफ है कि कोर्ट में एक अप्रैल की सुनवाई की अगली तारीख देने के बावजूद बीजेपी अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करने के लिए नए षडयंत्र कर रही है। जिसके तहत अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करने के लिए 9वां समन जारी किया गया। बीजेपी को पता है कि जिस समन को लेकर वह कोर्ट गए थे और कोर्ट में इसपर कार्रवाई चल रही है। वो समन कानूनी है या गैरकानूनी, इसका फैसला अभी कोर्ट को करना है। लेकिन उससे पहले ही बीजेपी में इतनी बैचेनी है कि वो खुद ही फैसले पर फैसला सुनाए जा रहे हैं। कोर्ट के फैसले का इंतजार करने का सब्र बीजेपी को क्यों नहीं हो रहा है?

“आप” दिल्ली प्रदेश संयोजक गोपाल राय ने कहा कि शायद भाजपा को लगता है कि जिस समन को वह बार-बार भेज रहे थे। वो कोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए एक नए केस में नया समन भेजा गया। क्योंकि अब उनको भी भरोसा नहीं रहा कि उस समन के आधार पर गिरफ्तारी हो भी सकती है या नहीं। वहीं, सोमवार को एक तीसरा षडयंत्र शुरू हुआ है। बीजेपी ने ईडी से एक नया प्रेस नोट जारी करवाया। जिसमें वो फिर वहीं 100 करोड़ का पुराना टेप रिकॉर्डर निकाल कर लाए। जब बीजेपी पहले 100 करोड़ का राग अलाप रही थी, तब उस समय भी कोर्ट ने कहा था कि इसका कोई सबूत नहीं है। आज भी इसका कोई सबूत नहीं है, लेकिन सोमवार को एक बार फिर झूठा माहौल बनाने के लिए एक प्रेस नोट जारी किया गया कि अरविंद केजरीवाल भी इस षडयंत्र में शामिल है। क्या जब उन्हें पहले 9 समन जारी किए गए थे, तब वो षडयंत्र में शामिल नहीं थे? और अगर नहीं थे तो उन्हें समन क्यों जारी किया गया था? लेकिन आज वो षडयंत्र में शामिल हो गए हैं। क्योंकि कोर्ट ने उन समनों पर विचार करना शुरू कर दिया है।

‘‘आप’’ दिल्ली प्रदेश संयोजक गोपाल राय ने कहा कि भाजपा के पास कोर्ट के फैसले का इंतजार करने का भी समय नहीं बचा है। क्योंकि इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए भाजपा की चंदा चोरी की सच्चाई सामने आने के बाद खुल चुका है। देश की जनता के सामने बीजेपी के भ्रष्टाचार का काला चिट्ठा सामने आ चुका है। इसलिए अब बीजेपी की बेचौनी बढ़ रही है कि अगर देश की जनता इस महा घोटाले के सच को समझ लेगी तो 400 पार का नारा कहीं 40 पार में तब्दील न हो जाए। इसलिए सोमवार को सीबीआई ने भी कहा कि अभी बड़े-बड़े नेता गिरफ्तार होने वाले हैं। इससे साफ दिख रहा है कि विपक्ष के नेताओं की गिरफ्तारी का प्लान तेजी से बन रहा है। पहले ये लोग कोर्ट का सम्मान नहीं करते थे, अदालत की सुनवाई में नहीं जाते थे। सीएम अरविंद केजरीवाल कोर्ट में गए। कोर्ट ने उन्हें मुचलके पर जमानत दे दी और कहा कि इस मामले में एक अप्रैल को सुनवाई होगी। हम कोर्ट का सम्मान करते थे, करते हैं और करते रहेंगे। भारतीय जनता पार्टी के षड़यंत्र का मुकाबला करते थे, करते हैं और करते रहेंगे। बीजेपी को षड़यंत्रों से हम न डरने वाले हैं, न झुकने वाले हैं। इनके पास न कल कोई सबूत था और ना आज कोई सबूत है। कल भी केस फर्जी था और आज का भी षड़यंत्र फर्जी है।

उन्होंने कहा कि आज पूरे देश में इनके तानाशाही का राज चल रहा है, जिसको जब मर्जी जैसे भी उठा लो। बीजेपी को छगन भुजबल की फाइल भी ढूंढवानी चाहिए। जिसके आधार पर उन्हें जेल में बंद किया गया था, वो फाइले कहां हैं? अशोक चौहान के फाइलों के पन्ने भी निकालने चाहिए। एक बार बीजेपी के प्रवक्ताओं को पढ़ना चाहिए कि आखिर उन पन्नों पर ऐसी कौन की क्लोजर रिपोर्ट इन एजेंसियों ने दी है, जिसके आधार पर आपने उन्हें राज्यसभा भेजने का निर्णय ले लिया। जो इनकी पार्टी में आ जाता है वो साधू बन जाता है, बाकी जो लोग विरोध में हैं, वो सभी भ्रष्टाचारी हैं। लेकिन देश इस बात को जानता है कि बीजेपी जितना मर्जी षड़यंत्र कर ले, खबरें बना ले या जितने नेताओं को गिरफ्तार कर ले। लेकिन इन सब चीजों से इलेक्टोरल बॉन्ड के महाघोटाले का सच छिपने वाला नहीं है, बीजेपी को इसका जवाब देना होगा।

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