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सिटी SP ज़ोन के वाइस चेयरमैन और स्टैंडिंग काउंसिल सदस्य के चुनाव में बीजेपी-कांग्रेस एक हुए

दिल्ली में सदर-पहाड़गंज और सिटी ज़ोन को मिलाकर एक नया सिटी SP ज़ोन बनाया गया है जिसके वाइस चेयरमैन और स्टैंडिंग काउंसिल सदस्य के चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस पार्टियों ने आम आदमी पार्टी के ख़िलाफ़ आपस में एक होकर हाथ मिला लिया। इन दोनों की मिलीभगत का पर्दाफ़ाश एक बार फिर से सिटी SP ज़ोन के इस चुनाव में जनता के सामने आ गया है।

पत्रकारों से बात करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता दिलीप पांडे ने कहा कि ‘कांग्रेस और बीजेपी मिलकर दिल्ली नगर निगम और देश को लूट रही हैं जिसका एक और प्रमाण सामने आ गया है। दिल्ली में सदर-पहाड़गंज और सिटी ज़ोन को मिलाकर एक नया सिटी SP ज़ोन बनाया गया है जिसकी समिति के चुनाव हुए, इस ज़ोन में सबसे ज्यादा संख्या आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधियों की है। ज़ोन में आम आदमी पार्टी के पास पार्षद और एल्डरमैन मिलाकर सख्या 8 है, बीजेपी के पास 3 और कांग्रेस के पास ये संख्या 6 है।’

‘अब अगर आंकड़ों पर जाएं तो ज़ोन में सबसे ज्यादा संख्या में आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधि हैं लिहाज़ा चाहे ज़ोन के चेयरमैन का पद हो या वाइस चेयरमैन हो या फिर स्टैंडिंग काउंसिल का सदस्य पद हो, सभी पदों पर ज़ाहिर सी बात है कि आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधि का जीतना निश्चित था लेकिन जब वोटिंग हुई तो हमेशा की तरह बीजेपी-कांग्रेस के नेताओं ने हाथ मिला लिया और कांग्रेस के प्रत्याशियों को जिता दिया। यहां बीजेपी के पार्षदों ने भी कांग्रेस के प्रतिनिधि के पक्ष में वोट किया।’

‘सिटी SP ज़ोन समिति के चुनाव में चेयरमैन के पद पर आम आदमी पार्टी की बबिता शर्मा चयनित हुई हैं। समिति के वाइस चेयरमैन और स्टैंडिंग काउंसिल के सदस्य के चुनाव में वोट डालते वक्त ये दोनों पार्टियां एक हो गईं कांग्रेस के उम्मीदवार को जीत दिला दी गई। क्योंकि आम आदमी पार्टी के पास 8 वोट थे. चेयरमैन के चुनाव में बीजेपी की तीन वोट अवैध घोषित हो गईं जिसकी वजह से आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार बबिता शर्मा को 8, कांग्रेस को 6 वोट मिलीं। लेकिन जब वाइस चेयरमैन पद के लिए वोटिंग हुई तो बीजेपी के तीनों पार्षदों ने कांग्रेस के उम्मीदवार को वोट किया जिससे बीजेपी कांग्रेस की संख्या 6+3=9 हो गई थी जो आम आदमी पार्टी की संख्या 8 से एक ज्यादा थी, यानि बीजेपी ने यहां क्रॉस वोटिंग कर कांग्रेस पार्टी से हाथ मिला लिया। यही क्रॉस वोटिंग बीजेपी ने स्टैंडिंग काउंसिल के सदस्य पद के लिए भी की और जिससे यह फिर से साबित हो जाता है कि ये दोनों पार्टियां ऐसे ही एक दूसरे से मिलकर नगर निगम और जनता के पैसे को लूटती आई हैं और जनता को धोखे में रखा है। ना केवल निगम के स्तर पर बल्कि ये पार्टियां राष्ट्रीय स्तर भी एक दूसरे से ऐसे ही मिलकर देश की जनता को लूटने का काम करती है।’

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Ghansham

1 Comment

    • John Ferns

      Congress is the main enemy of AAP. AAP should target Congress more than BJP, to get Congress voters to its fold. BJP has fixed voters, which they will vote BJP, no matter, if they are kept hungry for days! It is their ideology, which force them to vote BJP, despite failure of Demonetization, EVM Manipulation, etc.

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