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‘सबका सम्मान – हमारा अभिमान’

 

समाज कल्याण मंत्री की सराहनीय पहल पर आज दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग की ओर से एक अविस्मरणीय शुरुवात की गई।

पहली बार किसी सरकार के माध्यम से ट्रांसजेंडर समुदाय को एक मंच मिला जहां वह अपने हुनर को पहचान दे सकें। रेड फेस्टिवल के नाम से इस कार्यक्रम की शुरुवात द क्वार्ट्ज प्रोजेक्ट के तहत अर्पित ने की।

गुमनामी में जी रही प्रतिभाओं को एक सामूहिक मंच प्रदान करना और उन्हें सम्मानित करना अपने आप में एक अनूठा प्रयास है मंत्री राजेंद्र पाल गौतम द्वारा।

गौतम ने कहा हर इंसान के अंदर एक प्रतिभा होती है और वह लैंगिक भेदभाव की मोहताज नहीं होती। लोग अपनी आधी से ज्यादा जिन्दंगी गुमनामी में जीवन गुजार देते हैं कि जो समाज उनका उपहास करता है। लेकिन इसमें इनका कोई दोष नहीं की प्रकृति ने इन्हे ऐसा बनाया। प्रकृति यह किसी के साथ भी कर सकती है। जब संविधान ने इन्हे बराबरी का दर्जा दिया है तो हम कौन हैं जो इन्हे समाज की मुख्यधारा से अलग करें । अब समय आ गया है कि इन्हें भी सम्मान और बराबरी का दर्जा मिले जिसके ये हकदार हैं।

ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट अर्पित का कहना है कि इतिहास में पहली बार इस तरह की पहल किसी सरकार ने की है। और यह बड़ी हिम्मत का काम है क्यूंकि अक्सर समाज हमें सीरे से नकार देता है। और हम हास परिहास का विषय रहते है। कोई हमसे सहजता से बात करना नहीं पसंद नहीं करता। लेकिन मंत्री गौतम ने जिस तरह हमें सम्मानित करके अपने साथ खड़े होने का मौका दिया यह सिर्फ दिखावे के लिए नहीं था। हमारे पूरे समुदाय ने यह महसूस किया यह सराहनीय कार्य वहीं इंसान कर सकता है जो खुद जमीन से जुड़ा हो, जो खुद हमारी समस्याओं को अपनी समस्या समझ सकता हो वरना हमेशा मंत्री आते है और चले जाती हैं। सरकारें आती है और चली जाती है लेकिन दिल्ली सरकार वास्तव में दिल से वंचित, शोषित, पीड़ित , असहाय और गरीब सबके लिए काम कर रही है।

कार्यक्रम में तरह तरह की प्रतिभाओं ने अपनी प्रस्तुति दी जिसे वहां मौजूद जनता ने बेहद सराहा। कार्यक्रम की शुरुवात अस्मिता थियेटर ग्रुप के नुक्कड़ नाटक ‘पहचान ‘ से की जिसमे उन्होंने समलैंगिक और किन्नर समुदाय से जुड़ी समस्याओं को दर्शाया। कैसे समाज उन्हें सीरे से नकार देता है और जब हमारे ही परिवारों में ऐसा होता है तो कैसे हमारा नजरिया बदल जाता है।

उसके बाद क्लासिकल और सेमी क्लासिकल नृत्य में खूबसूरत प्रतिभाएं हुई।

हालांकि कार्यक्रम शुरू होने से पहले कुछ लोगों ने आपत्ति जताई कि ये लोग हमारे समाज का हिस्सा नहीं है , यहां हम इन्हें कार्यक्रम नहीं करने देंगे। लेकिन बाद में उन्हें भी लगा कि वह हमारे ही समाज का हिस्सा है। इसलिए हमें इन्हे भी मौका देना चाहिए।

ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट और मॉडल रूद्राणी छेत्री ने क

कि हमें इतने बड़े मंच पर समानित करना अपने आप में बताता है किस तरह नजरिया बदल रहा और मंत्री द्वारा ये मानना सबका सम्मान , हमारा अभिमान , हमें अपनत्व का एहसास कराता है। मंत्री ने सही कहा बराबरी कहने से नही साथ चलने से मिलती हैं और दिल्ली सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ इसका पालन करती आ रही है।

हाल ही में लोकसभा में पास किया गया ट्रांसजेंडर बिल जिसमे 27 संशोधन किए गए, इस समुदाय के मुताबिक सरकार ने पक्षपात किया है और इसलिए हम इस बिल का विरोध करते हैं। कार्यक्रम में मौजूद नाज़ जोशी ने कहा। जो इस समुदाय से ही हैं

ऐसे में मंत्री द्वारा की गई इस पहल को यह समुदाय कभी नहीं भूलेगा। हमें लगता है हमारे समुदाय को प्रमुखता से समझने वाला और हमारे लिए नई योजनाएं लाने वाला व्यक्ति हमें मिल गया जिसने हाल जी में ट्रांसजेंडर कमिटी का गठन भी किया और अब ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड का गठन भी कर रहे है।

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firoz

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