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आम आदमी पार्टी शासित दिल्ली सरकार दिल्ली में मेट्रो का किराया बढ़ाए जाने के सख्त ख़िलाफ़ है। 10 अक्तूबर की प्रस्तावित किराया बढ़ोतरी के ख़िलाफ़ दिल्ली सरकार ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए ये जता दिया है कि किसी भी क़ीमत पर किराया नहीं बढ़ने देंगे।

दिल्ली सरकार का तो यहां तक कहना है कि अगर केंद्र सरकार राज़ी हो और मेट्रो को यात्रियों के लिए कम किराए पर चलाने में अक्षम हो तो दिल्ली सरकार DMRC को टेक-ओवर करने के लिए भी तैयार है। दिल्ली सरकार कम किराए पर दिल्ली के लोगों को बेहतर मेट्रो सुविधाएं दे सकती है।

3 हज़ार करोड़ के नुकसान में से अपने हिस्से के मुताबिक 1500 करोड़ रुपए सालाना देने को दिल्ली सरकार की पेशकश

आपको बता दें कि हाल ही में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालाय की तरफ़ से कहा गया था कि अगर दिल्ली सरकार मेट्रो का किराया नहीं बढ़ने देना चाहती तो 3 हज़ार करोड़ रुपए का सालाना नुकसान चुकाए। उसके जवाब में दिल्ली सरकार की तरफ़ से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सालाना 1500 करोड़ रुपए के वहन को उठाने की पेशकश की क्योंकि दिल्ली मेट्रो में दिल्ली सरकार की 50 प्रतिशत की हिस्सेदारी है और इस हिसाब से दिल्ली सरकार अपना हिस्सा देने के लिए तैयार है बाकि का हिस्सा केंद्र सरकार वहन करे और दिल्ली के लोगों पर मेट्रो किराए की वृद्धि का बोझ ना डाले।

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Ghansham

1 Comment

    • rakesh patwal

      आज से सब लोग अपनी गाड़िया निकालो एक तरफ ये कहते है पोलुशन रोको दूसरी तरफ किराया बढ़ाते है मेट्रो का हद्द है हमारा कटा जारहा है और हम लोग
      बस देखते है अगर बढ़ाना ही था थो पहले सैलरी बड़वाते उस हिसाब से फिर किराया मतलब स्लरी वही और बस जेब ढीली हद है

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